फीनिक्स का धंधा मॉल से माल

फीनिक्स मिल्स लिमिटेड (बीएसई कोड – 503100, एनएसई कोड – PHOENIXLTD) कभी मुंबई की मशहूर कपड़ा मिल हुआ करती थी। अब विशालकाय मॉल चलाने के लिए जानी जाती है। मुंबई के लोअर परेल में हाई स्ट्रीट फीनिक्स की सफलता के बाद वह देश के कई हिस्सों में अगले 12 महीनों के भीतर नए मॉल शुरू करने जा रही है। एचडीएफसी सिक्यूरिटीज इसके शेयरो को लेकर काफी तेजी की धारणा रखती है। उसने अपनी ताजा रिसर्च रिपोर्ट में अनुमान लगाया है कि यह साल भर के भीतर 312 रुपए तक जा सकता है। कल यह बीएसई में 241.55 रुपए और एनएसई में 242 रुपए पर बंद हुआ है। यानी, अभी इसमें करीब 30 फीसदी बढ़त की गुंजाइश है। इसका 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर 269.25 रुपए (9 सितंबर 2010) और न्यूनतम स्तर 147.05 रुपए (3 नवंबर 2009) रहा है।

एचडीएफसी सिक्यूरिटीज की रिपोर्ट बताती है कि फीनिक्स मिल्स इसी वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही यानी मार्च 2011 तक मुंबई के कुरला के अलावा पुणे में नए मॉल शुरू कर देगी। अगले वित्त वर्ष में जून 2011 की पहली तिमाही में वह बैंगलोर और चेन्नई में भी नए मॉल शुरू चालू देगी। इनके बाद उसके द्वारा लीज पर दिए जानेवाली कुल व्यावसायिक जगह 49.5 लाख वर्गफुट हो जाएगी। मुंबई के हाई स्ट्रीट फीनिक्स, लोअर परेल में बन रहा उसका होटल भी जून 2011 तक खुल जाएगा। साथ ही वह 2011 के दौरान अपने मॉल में किराया 70 रुपए प्रति वर्ग फुट से बढ़ाकर 130 रुपए प्रति वर्गफुट करने जा रही है।

इसके अलावा उसने टियर-2 और टियर-3 शहरों में रीयल एस्टेट के धंधे में लगी कंपनी इंटरटेनमेंट वर्ल्ड डेवलपर्स लिमिटेड (ईडब्लूडीपीएल) में करीब 33 फीसदी इक्विटी लगा रखी है। यह कंपनी आईपीओ लाने की तैयारी में है और उसने अपना डीआरएचपी (ड्राफ्ट्र रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस) सेबी के पास दाखिल कर दिया है। साथ ही फीनिक्स मिल्स ने बिग एप्पल रीयल एस्टेट (बेयर) में 74 फीसदी पूंजी लगा रखी है। बेयर उत्तर भारत के टियर-2 शहरों में फीनिक्स यूनाइटेड ब्रांड नाम से मॉल बना रही है। फीनिक्स मिल्स अगले चरण में व्यावसायिक के अलावा आवासीय प्रॉपर्टीज भी विकसित करनेवाली है। इन नए कामों और पुराने निवेश का मूल्य उद्घाटित होने पर फीनिक्स का मूल्यांकन भी स्वाभाविक रूप से बढ़ जाएगा।

अनुमान है कि चालू वित्त वर्ष 2010-11 में फीनिक्स मिल्स का ईपीएस (प्रति शेयर लाभ) 6.7 रुपए, 2011-12 में 8.8 रुपए और 2012-13 में 11.8 रुपए हो जाएगा। इस तरह 242 रुपए के मौजूदा भाव पर वह अगले तीन सालों के अनुमानित ईपीएस से क्रमशः 36.11, 27.5 और 20.5 गुना या पी/ई) अनुपात पर ट्रेड हो रहा है। अगर अभी की बात करें तो उसका ठीक पिछले बारह महीनों का ईपीएस 4.65 रुपए है और वह 52.04 के पी/ई पर ट्रेड हो रहा है। उसके शेयर की बुक वैल्यू 108.31 रुपए है। इन वित्तीय आंकड़ों से लगता है कि रुइया समूह की इस कंपनी में कोई बहुत धमाकेदार चीज नहीं है। लेकिन भावी संभावना के आधार पर इसमें वे लोग निवेश कर सकते हैं जो थोड़ा जोखिम उठाने की मानसिकता रखते हैं।

वैसे, एक आम भारतीय नागरिक की नजर से देखने पर बड़ा अफसोस होता है कि मुंबई के पूरे हाई स्ट्रीट फीनिक्स से कंपनी खुद तो हर महीने करोड़ों का किराया कमाती है, लेकिन सरकार से 99 साल की नई लीज पर ली गई इस जमीन के लिए महज चंद हजार रुपए किराया देती है। कंपनी के राजनीतिक ताल्लुकात बड़े ऊपर तक हैं। लेकिन शायद तभी तक, जब तक इस पर आदर्श सोसायटी जैसा कोई हंगामा नहीं मचता। खैर, इस मसले पर कभी पूरी खोजबीन के साथ तफ्सील से लिखा जाएगा।

आखिर में एक बात और। अगर आपको कोल इंडिया के आईपीओ में शेयर आवंटित हुआ तो छोटे लाभ के लिए कृपया आज उन्हें न बेचें। आज हल्ला है कि इसकी लिस्टिंग 300 रुपए तक हो सकती है, जबकि इश्यू मूल्य 245 रुपए का रहा है। फिर भी आप इस हल्ले में न आएं। कोल इंडिया के शेयरों को बचाकर रखें। ये दस-पंद्रह साल बाद बेटी की शादी या ऐसे ही किसी बड़े काम का खर्चा निकाल सकते हैं। तब तक धैर्य रखें।

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