थमेगा कोल इंडिया का गुबार

मैंने कहा था कि बाजार में रौनक बनी रहेगी और अमेरिका को भी अर्थव्यवस्था को आवेग देने का पैकेज जारी रखना प़ड़ेगा। ऐसा ही हुआ और बाजार (बीएसई सेंसेक्स) नई ऊंचाई के पार जाकर खुला। आखिर में सेंसेक्स 427.83 अंकों की बढ़त के साथ 20,893.57 पर बंद हुआ है। यानी 21,000 के ऐतिहासिक स्तर से महज 106.43 अंक के फासले पर। और, मुझे पूरा यकीन है कि कल मुहूर्त ट्रेडिंग में यह स्तर हासिल कर लिया जाएगा।

जहां तक कोल इंडिया की लिस्टिंग का मसला है तो सारा देश 280-290 रुपए पर लिस्टिंग की बात कर रहा था, जबकि हमने कहा था कि यह लिस्टिंग 300 रुपए के ऊपर होगी। ऐसा ही हुआ। कारण बड़े स्पष्ट थे। सरकार ने सावर्जनिक क्षेत्र की इस कंपनी के आईपीओ में रिटेल भागीदारी बढ़ाने के लिए अच्छा डिस्काउंट दिया था और वह अपने प्रयास में सफल रही। उसकी योजना रंग लाई और रिटेल निवेशकों में इसमें शिरकत की। दरअसल इससे रिटेल से ज्यादा तो ब्रोकरों के चेहरे खिल गए क्योंकि उनका आईपीओ के आवेदन भरवाने का काम अच्छा चला और कमाई भी अच्छी-खासी हो गई।

बहुत से ट्रेडर ग्रे-मार्केट (अनाधिकारिक बाजार) में शॉर्ट हो गए थे और उन्हें पहले ही दिन कसने के लिए धमाका शुरू हो गया। कोल इंडिया का शेयर 325 से होते हुए 344.75 रुपए तक गया और बंद हुआ 342.35 रुपए पर। बहुत से रिटेल निवेशकों ने आज कुछ हद तक मुनाफावसूली कर ली है। वैसे, छोटी अविध के सभी निवेशकों को मैं इस भाव पर निकल जाने की सलाह दूंगा क्योंकि जल्दी ही यह शेयर नीचे आ सकता है। भाव जब 260-270 रुपए के आसपास आ जाए, तब इसे उन निवेशकों को खरीद लेना चाहिए जो आईपीओ में शेयर नहीं पा सके।

असल में, कोल इंडिया के मूलभूत पहलू दिखाते हैं कि इस पर अच्छा दांव 325 के ऊपर नहीं, बल्कि 270 रुपए पर लगाया जा सकता है। कंपनी की कोयला खदानें सूखी पड़ी हैं। इस साल रेलभाड़े से हुई उसकी आय में 25 फीसदी की भारी गिरावट आई है जिसका मतलब यह हुआ कि वह आय व लाभ के अनुमानों को पूरा नहीं कर पाएगी। लिस्टिंग के पहले इसके शेयर की बुक वैल्यू मात्र 45 रुपए रही है। आईपीओ में मिले प्रीमियम ने इस पर एक चमकीली परत चढ़ा दी है। हां, इतना जरूर है कि यह लंबे समय के लिए बहुत माकूल शेयर है।

अभी तो जैसे ही गुबार खत्म होगा, इसमें गिरावट आएगी। इसलिए ऐसा होने से पहले ही इससे निकल लीजिए। इससे मिले मुनाफे से बॉम्बे डाईंग और सेंचुरी टेक्सटाइल्स जैसे स्टॉक खरीद लीजिए जो शेयरधारकों के रिटर्न के मामले में कोल इंडिया से कहीं ज्यादा मूल्य रखती हैं। बहुत से खिलाड़ी कोल इंडिया में किए गए निवेश की अनलॉकिंग का इंतजार कर रहे थे जिसके चलते हाशिए पर पड़े अच्छे स्टॉक्स में चाल नहीं आ रही थी। अब उनका पैसा मुक्त हो चुका है और ऐसे शेयरों में गदर मच सकती है। बाकी फैसला आपको करना है।

मैंने बी ग्रुप में दीवाली की खरीद के लिए कल तीन स्टॉक्स आपको सुझाए थे। आज ए ग्रुप के तीन शेयर आपके सामने पेश कर रहा हूं। ये हैं – सेंचुरी टेक्सटाइल्स, बॉम्बे डाईंग और एचडीआईएल। पिछली दीवाली पर मैंने आपके सामने आईडीबीआई बैंक को पेश किया था।

कृतज्ञता न केवल सबसे बड़ा मूल्य है, बल्कि यह दूसरे तमाम मूल्यों की जन्मदाता भी है।

(चमत्कार चक्री एक अनाम शख्सियत है। वह बाजार की रग-रग से वाकिफ हैलेकिन फालतू के कानूनी लफड़ों में नहीं उलझना चाहता। सलाह देना उसका काम है। लेकिन निवेश का निर्णय पूरी तरह आपका होगा और चक्री या अर्थकाम किसी भी सूरत में इसके लिए जिम्मेदार नहीं होगा। यह कॉलम मूलत: सीएनआई रिसर्च से लिया जा रहा है)

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