ईसाब इंडिया ने अपना कामकाज 1987 से शुरू किया। लेकिन इसकी कहानी 1904 में स्वीडन के शहर गोथेनबर्ग से तब शुरू हुई थी जब जहाजों व बॉयलरों पर काम कर रहे एक इंजीनियर ऑस्कर केलबर्ग ने पाया कि वहां रिपेयर के काम की क्वालिटी अच्छी नहीं है। बेहतर टेक्नोलॉजी की तलाश में केलबर्ग ने दुनिया के पहले कवर्ड इलेक्ट्रोड का आविष्कार कर डाला। वहीं से पैदा हुआ ईसाब (Elektriska Svetsnings Aktie Bolaget या ESAB) समूह जो इसऔरऔर भी

जब इकनॉमिक टाइम्स (ईटी) जैसा नंबर एक बिजनेस अखबार सुबह-सुबह पहले पन्ने पर मुख्य खबर लगाता है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) पर 1500 करोड़ रुपए का जुर्माना लग सकता है तो आज का माहौल तो बिगड़ ही गया। सेंसेक्स में सबसे ज्यादा 11.61 फीसदी और निफ्टी में 9.49 फीसदी भार रखने के कारण आरआईएल अपने साथ बाजार को भी नीचे खींच ले जाएगा। जुर्माने की हद ईटी ने सूत्रों के हवाले 25 करोड़ रुपए से 1500 करोड़औरऔर भी

मधुसूदन सिक्यूरिटीज केवल बीएसई (कोड – 511000) में लिस्टेड है और फिलहाल ट्रेड टू ट्रेड श्रेणी में होने के नाते टी ग्रुप में पड़ी है, यानी इसमें डे-ट्रेडिंग नहीं, डिलीवरी वाले सौदे ही हो सकते हैं। 4 फरवरी से इस पर 5 फीसदी का ऊपरी सर्किट लगना शुरू हुआ है। तब इसका भाव पिछले दिन के बंद भाव 58.50 रुपए से बढ़कर 61.40 रुपए पर पहुंचा था और इसमें हुआ वोल्यूम 4.88 लाख शेयरों का था। उसकेऔरऔर भी

जब बाजार मंदड़ियों के पंजे में हो, सैकड़ों दिग्गज शेयर 52 हफ्ते की तलहटी बना रहे हों, वैसे माहौल में अगर कोई शेयर 52 हफ्ते का शिखर बना जाए तो जरूर उस पर नजर रखनी चाहिए। अमृत बनस्पति कंपनी (बीएसई कोड – 531728) ऐसा ही एक स्टॉक है जो कल 5.76 फीसदी बढ़ा है और जिसने 215 रुपए पर 52 हफ्ते का नया उच्चतम स्तर हासिल किया है। इसका 52 हफ्ते का न्यूनतम स्तर 97.30 रुपए काऔरऔर भी

अगर समाज हमारा सही मूल्य नहीं आंकता तो हम-आप कोई भी परेशान हो सकते हैं। इसी तरह पूंजी बाजार में उतरी कंपनियां भी परेशान हो जाती हैं जो बाजार उनका सही मूल्य नहीं आंकता। चार दशकों से ज्यादा वक्त से कंस्ट्रक्शन का बिजनेस कर रही आहलूवालिया कांट्रैक्ट्स इंडिया लिमिटेड (एसीआईएल) भी परेशान है कि सब कुछ के बावजूद उसका शेयर (बीएसई – 532811, एनएसई – AHLUCONT) बढ़ क्यों नहीं रहा। शेयर के बढ़ने से कंपनी को सीधे-सीधेऔरऔर भी

तमिलनाडु न्यूजप्रिंट एंड पेपर्स लिमिटेड का शेयर (बीएसई – 531426, एनएसई – TNPL) साल भर पहले 8 फरवरी 2010 को 83.30 रुपए पर था। अब 4 फरवरी 2011 को 131.70 रुपए पर बंद हुआ है। इस दरमियान यह ऊपर में 163.30 रुपए (28 अक्टूबर 2010) और नीचे में 77.05 रुपए (24 फरवरी 2010) पर जा चुका है। इस तरह इसमें निवेश पर साल भर में 58.1 फीसदी से लेकर 96.03 फीसदी कमाया जा सकता था। इसमें भीऔरऔर भी

किस-किसकी बात करूं! हर कोई तो यही करता है। खरीदो, बेचो, होल्ड करो, निकल जाओ स्टॉप लॉस लगाकर, जैसे चाय पी लो मलाई मारकर। जो पारंगत है उनके लिए इस तरह की टिप्स सही हो सकती हैं। लेकिन मुझे लगता है कि हमारे-आप जैसे सामान्य नौसिखिया निवेशकों के लिए शेयरों में निवेश बेटी की शादी की तरह है। दस जगह से लोग बताते हैं कि ये रिश्ता अच्छा है, वो रिश्ता अच्छा है। लेकिन हम खुद खोज-परखऔरऔर भी

बाजार जब तलहटी पर पहुंचा हो तब अच्छे स्टॉक्स के चयन के लिए ज्यादा मगजमारी या रिसर्च की जरूरत नहीं होती। नजर डालें कि कौन-कौन से शेयर अपने न्यूनतम स्तर पर पहुंचे हैं। देखें कि वह कंपनी कितनी जानी पहचानी है, थोड़ा-सा उसका धंधा-पानी देख लें और दांव लगा दें। कल अनिल अंबानी समूह की दो प्रमुख कंपनियां रिलायंस कैपिटल और रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर 52 हफ्ते के न्यूनतर स्तर पर पहुंच गईं। इनमें से रिलायंस कैपिटल में निवेशऔरऔर भी

जब हर तरफ कोहराम मचा हो, सेंसेक्स 18,000 के अंक के नीचे तक डुबकी लगा रहा हो, तब भी कोई स्टॉक चमक जाए तो समझिए कि उसमें दमखम जरूर होगा। नाल्को (नेशनल एल्यूमीनियम कंपनी लिमिटेड) का शेयर कल बीएसई (कोड – 532234) में 2.09 फीसदी और एनएसई में (कोड – NATIONALUM) में 2.28 फीसदी बढ़ा है। नाल्को बीएसई-100 सूचकांक में शामिल है। वैसे, कल सेंसेक्स के 30 शेयरों में से जो तीन शेयर बढ़े हैं, उनमें सेऔरऔर भी

कितनी अजीब बात है कि हम आम डिस्काउंट सेल में तो सपरिवार दौड़े चले जाते हैं। लेकिन जब शेयर बाजार में डिस्काउंट पर माल मिल रहा हो तो उसकी तरफ झांकते ही नहीं। उलटे डरे रहते हैं कि गिरा हुआ स्टॉक है, जरूर कोई गड़बड़ होगी। हां, वही शेयर जब बढ़ जाता है तो जरूर पछताते हैं कि यह लड्डू हमसे छूट क्यों गया। ऐसा ही एक लड्डू है एरा इंफ्रा इंजीनियरिंग लिमिटेड। रेटिंग एजेंसी केयर कीऔरऔर भी