कॉरपोरेट क्षेत्र में बहस छिड़ी है कि प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह देश के लिए वरदान हैं या अभिशाप। देश की सबसे बड़ी हाउसिंग फाइनेंस कंपनी, एचडीएफसी के प्रमुख दीपक पारेख जैसे दिग्गज कहते हैं कि डॉ. सिंह के रूप में हमें अब तक के सबसे अच्छे प्रधानमंत्री मिले हैं। वे एकदम बेदाग राजनेता हैं। इसलिए देश के वरदान हैं। वहीं दूसरा पक्ष कहता है कि डॉ. सिंह भले ही स्वच्छतम छवि के नेता हों, लेकिन उन्होंने जिसऔरऔर भी

टीम अण्णा अपनी राजनीतिक प्रासंगिकता व धार को बचाए रखने की मशक्कत में जुट गई है। मुंबई में अण्णा हज़ारे के अनशन को बीच में तोड़ने और जेल भरो आंदोलन को रद्द करने के फैसले के बाद पहली बार सोमवार को टीम अण्णा की बैठक हुई। अपने गांव रालेगण सिद्धि में स्वास्थ्य लाभ कर रहे अण्णा बैठक में शमिल नहीं हो सके। लेकिन अरविंद केजरीवाल, प्रशांत भूषण और किरण बेदी समेत टीम के अन्य सदस्यों ने गाजियाबादऔरऔर भी

टीम अण्णा ने वह बात कह डाली जो अभी तक विपक्ष भी इतना खुलकर कहने में हिचकता रहा है। फिर. विपक्ष की विश्वनीयता इतनी कम है कि उसके कहे को राजनीतिक बयानबाजी मानकर कोई तवज्जो नहीं देता। लेकिन टीम अण्णा की बात को देश काफी गंभीरता से ले रहा है और कांग्रेस के तमाम नेताओं से लेकर लालू यादव जैसे विदूषक नेताओं के हमलों के बावजूद आम आदमी को अण्णा हज़ारे और उनके साथ चल रहे सामाजिक-राजनीतिकऔरऔर भी

एक तरफ उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों की तारीख का इंतजार हो रहा है, दूसरी यूपीए सरकार आखिरी वक्त पर राजनीतिक दांव खेलने में लगी है। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को उत्‍तर प्रदेश की दो सिंचाई परियोजनाओं के लिए 3124 करोड़ रूपए का पैकेज घोषित कर दिया। केन्‍द्रीय जल संसाधन मंत्रालय ने उत्‍तर प्रदेश की दो सिंचाई परियोजनाओं को राष्‍ट्रीय परियोजना में शामिल करने का फैसला किया है। इसके तहत सरयू नहर परियोजना और शारदा सहायक परियोजना कीऔरऔर भी

देश की आवाज़ बन चुके गांधीवादी कार्यकर्ता अण्णा हज़ारे ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को ललकारा है कि अगर उन्हें लगता कि सरकार द्वारा तैयार लोकपाल विधेयक इतना अच्छा है तो खुली बहस में सबसे सामने इसे साबित करके दिखाएं। वैसे, सरकार लोकपाल विधेयक संसद में पेश कर रही है, जिस पर पूरी बहस की तैयारी है। बहस के लिए संसद का शीतसत्र 27 से 29 दिसंबर तक बढ़ा दिया गया है। गुरुवार को महाराष्ट्र के अपनेऔरऔर भी

लोकपाल विधेयक पर सरकार अण्णा हज़ारे के आक्रामक तेवर के आगे नरम पड़ती दिख रही है। एक तरफ मुंबई के बांद्रा कुरला कॉम्प्लेक्स के एमएमआरडीए मैदान में हज़ारे को 27 दिसंबर से 15 दिनों तक अनशन करने की सरकारी अनुमति मिल गई है। वहीं, इसकी नौबत न ही आए, इसके लिए कल, मंगलवार दोपहर दो बजे विधेयक को अंतिम रूप देने के लिए कैबिनेट की बैठक बुलाई गई है। कानून मंत्री सलमान खुर्शीद के मुताबिक विधेयक काऔरऔर भी

काले धन के मुद्दे पर विपक्ष ने बुधवार को सरकार की जमकर घेराबंदी की। इतना कि उसे लाल कर डाला। हर किसी दल ने इस कदर हमला किया कि सरकार को कोई जवाब देते नहीं बना। विपक्ष ने विदेश में जमा काले धन को स्वदेश लाने, वहां खाता रखने वाले भारतीयों को किसी भी तरह का संरक्षण नहीं देने और उनके नामों का खुलासा करने की मांग की। लोकसभा में बीजेपी नेता लालकृष्ण आडवाणी की ओर सेऔरऔर भी

हर देशवासी को उसकी उंगलियों के निशान से लेकर पुतलियों की अलग बुनावट के आधार पर अलग नबंर देने की आधार परियोजना अधर में लटक गई है। वित्त मंत्रालय की संसदीय स्थाई समिति ने नेशनल आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया बिल को खारिज कर दिया है। इस समिति के अध्यक्ष बीजेपी नेता व पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा हैं। यूं तो सरकार के लिए इस समिति की सिफारिशों को मानना जरूरी नहीं है। लेकिन अभी-अभी रिटेल में एफडीआईऔरऔर भी

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने उम्मीद जताई है कि बुधवार को जब चार दिन के अंतराल के बाद संसद की बैठक होगी तो कार्यवाही सामान्य तरीके से चलेगी। सोमवार को राजधानी दिल्ली में नौसेना दिवस पर आयोजित समारोह में प्रधानमंत्री से यह उम्मीद जताई। यह भी माना रहा है कि वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी उसी दिन सर्वदलीय बैठक के बाद संसद में औपचारिक घोषणा कर देंगे कि मल्टी ब्रांड रिटेल में 51 फीसदी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) काऔरऔर भी

देश के गली-मोहल्लों तक बिखरी 55 लाख किराना दुकानों के व्यापारी सड़कों पर उतरे। उनमें डर समा गया है कि मल्टी-ब्रांड रिटेल में 51 फीसदी एफडीआई (प्रत्यक्ष विदेशी निवेश) आने से उनका वजूद मिट सकता है। दावा किया जा रहा है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल के इस फैसले के खिलाफ गुरुवार को बुलाए गए भारत बंद में पांच करोड़ लोगों ने शिरकत की है। दावों की सत्यता नापने का कोई जरिया नहीं है। लेकिन यह सच है किऔरऔर भी