फैसला भारत सरकार। देश में सड़क से लेकर संसद तक विरोध। लेकिन अमेरिका में स्वागत। वॉशिंगटन से जारी बयान में आधिकारिक तौर पर दलाली का काम करनेवाली अमेरिका-भारत बिजनेस परिषद ने मल्टी ब्रांड रिटेल में 51 फीसदी एफडीआई (प्रत्यक्ष विदेशी निवेश) और सिंगल ब्रांड रिटेल में एफडीआई की सीमा 51 से बढ़ाकर 100 फीसदी किए जाने का स्वागत किया है। उसने केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा गुरुवार रात को लिए गए इस फैसले को ‘साहसिक’ बताया है और कहाऔरऔर भी

संसद का शीत सत्र (15वीं लोकसभा का 9वां सत्र और राज्यसभा 224वां सत्र) मंगलवार 22 नवंबर 2011 को शुरू होना है और सरकारी कामकाज की अनिवार्यता के अनुसार, यह सत्र बुधवार 21 दिसंबर 2011 को पूरा हो जाएगा। इन तीस दिनों में इस सत्र में 21 बैठकें होंगी। संसदीय कार्यमंत्री पवन कुमार बंसल ने बुधवार को संवाददाताओं को यह जानकारी देते हुए बताया कि सरकार की प्राथमिकता लंबित विधेयकों को पारित कराने की होगी। हालांकि यह सत्रऔरऔर भी

अभी आजाद भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के जन्मदिन समारोह को बीते दो दिन ही हुए हैं कि कांग्रेस आलाकमान और नेहरू परिवार की मुखिया सोनिया गांधी के खासमखास केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी के देश में व्याप्त भ्रष्टाचार के लिए नेहरू द्वारा अपनाई गई नीतियों को जिम्मेदार ठहरा दिया। श्री मुखर्जी ने बुधवार को भारतीय नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी या कैग) के 150वें वर्ष के समारोह की समाप्ति पर अपने संबोधन में कहा,औरऔर भी

पेट्रोल की बढ़ती कीमत को लेकर सरकार के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस का गुस्‍सा सातवें आसमान पर आ गया है। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर बरसते हुए कहा कि उनकी पार्टी सिर्फ सरकार में मंत्रालयों के लिए आम आदमी पर बोझ बर्दाश्त नहीं करेगी। ममता ने सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस बहुमत में हैं इसलिए उनकी बात अनसुनी की जाती है। ममता ने यहऔरऔर भी

अण्णा हज़ारे उन्नीस दिनों का मौन व्रत तोड़ने के बाद शुक्रवार को फिर सरकार पर बीस पड़ते नजर आए। उन्होंने खुलकर कहा कि वे जनलोकपाल बिल न पारित होने पर वे कांग्रेस के खिलाफ चुनाव प्रचार करेंगे। कांग्रेस व बीजेपी के बारे में भी उन्होंने दो-टूक अंदाज में कहा कि एक भ्रष्टाचार में डॉक्टरेट कर ली है तो दूसरा इस मामले में पीएचडी हैं। शुक्रवार को सुबह राजधानी दिल्ली में महात्मी गांधी की समाधि राजघाट का दर्शनऔरऔर भी

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह उधर फ्रांस के कान शहर में हो रहे जी-20 देशों के शिखर सम्मेलन में मशगूल हैं। इधर यूपीए सरकार के हमलों से आहत सामाजिक कार्यकर्ता और टीम अण्णा के प्रमुख सदस्य अरविंद केजरीवाल ने उन्हें एक करारा खत लिखा है। इस खत के साथ उन्होंने सरकार की तरफ से दावा किए गए 9 लाख 27 हज़ार 787 रुपए का चेक भी भेज दिया है। लेकिन कहा है कि उन्हें अभी तक अपनी गलती नहींऔरऔर भी

संसद की लोक लेखा समिति (पीएसी) की बैठक में सोमवार को 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले को लेकर तीखे मतभेद उठ खड़े हुए और विपक्षी दलों ने पूर्व महानिदेशक (ऑडिट) आर पी सिंह को बुलाने और उनसे यह पूछने की मांग की कि उन्होंने इस मामले में हुए नुकसान का आंकड़ा कैग (सीएजी या नियंत्रणक एवं महालेखापरीक्षक) के आंकड़े से अलग क्यों बताया। कांग्रेस सदस्यों ने इस मांग का विरोध किया। मतभेद जारी रहने के कारण लोक लेखा समितिऔरऔर भी

गोवा में कांग्रेस-नीत गठबंधन सरकार के मुख्यमंत्री दिगम्बर कामथ भले ही दावा कर रहे हों कि राज्य में कोई अवैध खनन नहीं हो रहा, लेकिन केंद्रीय खान मंत्रालय ने इस बात की पुष्टि की है कि राज्य में चल रही करीब 50 फीसदी खदानों में अवैध तरीके से काम हो रहा है। खान मंत्रालय के संयुक्त सचिव जी श्रीनिवास ने चार दिन पहले 25 अक्टूबर को राज्य के खान सचिव एस कुमारस्वामी को भेजे गए पत्र मेंऔरऔर भी

अभी तक केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) जैसी संस्थाएं ही खुद को लोकपाल के अधीन लाए जाने का विरोध कर रही थी। लेकिन अब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी साफ कर दिया है कि लोकपाल का गठन हो जाने के बाद भी सीबीआई स्वतंत्र रूप से काम करती रहेगी। प्रधानमंत्री ने शुक्रवार को राजधानी दिल्ली में सीबीआई और राज्यों के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के 18वें द्विवार्षिक सम्मेलन में कहा, “हमें आशा है किऔरऔर भी

टीम अण्णा की प्रमुख सदस्य किरण बेदी ने लोकपाल को संवैधानिक दर्जा दिए जाने की सरकारी पेशकश पर सवाल खड़ा कर दिया है। उनका कहना है कि यह लोकपाल विधेयक के पारित होने में देरी करने या उससे बचने और लोगों को मूर्ख बनाने का एक सोचा-समझा तरीका है। बुधवार को किरण बेदी ने कहा कि संवैधानिक दर्जा इसे (लोकपाल विधेयक को) खत्म करने का तरीका है क्योंकि इसके लिए संसद के दो-तिहाई बहुमत की जरूरत होतीऔरऔर भी