सुप्रीम कोर्ट का भरोसा इस बात से उठ गया है कि केंद्र सरकार विदेश बैंकों में जमा भारतीयों के काले धन का पता लगाकर उसे वापस लाएगी। इसलिए उसने खुद इस काम के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने का फैसला किया है। इस दल की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज न्यायमूर्ति बी पी जीवन रेड्डी करेंगे और सुप्रीम कोर्ट के ही पूर्व जज न्यायमूर्ति एम बी शाह इस दल में उपाध्यक्ष के बतौरऔरऔर भी

कुछ कंपनियों का दायरा इतना बड़ा होता है कि स्टैंड-अलोन नतीजे उनकी पूरी स्थिति बयां नहीं करते। टाटा मोटर्स ऐसी ही एक कंपनी जिसका दायरा वाहनों के हर सेगमेंट से लेकर देश-विदेश तक फैला हुआ है। ट्रक, सेना के विशाल ट्रक, मिनी ट्रक, बस और बड़ी कार से लेकर नैनो तक। टाटा सफारी से लेकर जैगुआर और लैंड रोवर तक। इसका शेयर 6 दिसंबर 2010 को 1381.40 रुपए का शिकर पकड़ने के बाद नीचे का रुख किएऔरऔर भी

दूर के ढोल ही नहीं, भगवान भी सुहाने लगते हैं। पास आकर भगवान पड़ोस में हमारी तरह रहने लगें तो हम उनकी भी बखिया उधेड़ डालें। इसीलिए सत्ता-लोलुप संत और नेता हम से दो गज दूर ही रहते हैं।और भीऔर भी

कोई कितना ही रोके, चलनेवाले तो अपनी मंजिल और मौका तलाश ही लेते हैं। पानी अपनी डगर बना ही लेता है। हमारा काम बस इतना है कि समाज में जंगल की निरंकुशता न पले, अराजकता न चले।और भीऔर भी

ज्ञान की बातें बाद में। पहले कुछ काम की बात। तिलकनगर इंडस्ट्रीज के बारे में जानना चाहते हैं लोग। दक्षिण भारत की इस शराब कंपनी का शेयर 20 जून को घटकर 30.50 रुपए पर आ गया। अभी शुक्रवार, 1 जुलाई को बीएसई (कोड – 507205) में 43.20 रुपए और एनएसई (कोड – TI) में 43.30 रुपए पर बंद हुआ था। बीते साल 10 नवंबर 2010 को यह शेयर 147.80 रुपए के शिखर पर था। हमने भी 24औरऔर भी

खुशी न खाने में है, न सोने में। पीने में थोड़ी-सी है क्योंकि इससे हम अपनी मूल प्रकृति के करीब आ जाते हैं। असली खुशी गुत्थियां सुलझाने में है क्योंकि इससे हम अपने परिवेश के साथ लयकार हो जाते हैं।और भीऔर भी

शेयर बाजार के बिगड़े माहौल के चलते 15 कंपनियों ने पूंजी बाजार नियामक सेबी की मंजूरी के बावजूद अपने आईपीओ पेश नहीं किए। इन्हें मिली मंजूरी की मीयाद पूरी हो गई और ये कंपनियां पूंजी बाजार में उतरने की हिम्मत नहीं जुटा सकीं। इस साल जनवरी से जून 2011 के बीच 15 आईपीओ से कुल 25,186 करोड़ रुपए जुटाने की योजना थी। लेकिन इनमें से कोई भी आईपीओ बाजार में नहीं आया। बता दें कि सेबी सेऔरऔर भी

भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर डॉ. दुव्वरि सुब्बाराव का तीन साल का कार्यकाल सितंबर में खत्म हो रहा है। इसलिए सरकारी हलकों में उनकी जगह नए गवर्नर को लाने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। सूत्रों के मुताबिक इस दौड़ में तीन लोगों का नाम सबसे आगे हैं। ये हैं – शिकागो विश्वविद्यालय के प्रोफेसर व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के सलाहकार रघुराम राजन, आर्थिक मामलों के सचिव आर गोपालन और कार्नेल विश्वविद्यालय के प्रोफेसर व वित्त मंत्रालयऔरऔर भी

ब्रिटेन में मौजूदगी रखने वाली भारतीय कंपनियां और भारत में मौजूद ब्रिटिश कंपनियां एक सख्त ब्रिटिश कानून के दायरे में आ गई हैं। यह कानून घूसखोरी को रोकने के लिए बनाया गया है। ब्रिटेन का घूसखोरी अधिनियम-2010 शुक्रवार, 1 जुलाई से प्रभाव में आ गया। इस कानून के तहत घूसखोरी अथवा भ्रष्टाचार में लिप्त पाए लोगों को 10 साल तक की जेल हो सकती है और उनके खिलाफ असीमित जुर्माना लगाया जा सकता है। दोषी पाई गईऔरऔर भी

दुनिया के बाजारों में मांग बढ़ने से देश का निर्यात सालाना आधार पर मई महीने में 56.9 फीसदी बढ़कर 25.49 अरब डॉलर रहा। पिछले साल मई में यह 16.53 अरब डॉलर था। इसे अर्थव्यवस्था में मजबूती का संकेत का माना जा रहा है। निर्यात बढ़ने की रफ्तार यदि यही रही तो चालू वित्त वर्ष में 300 अरब डॉलर से अधिक का निर्यात कारोबार हो सकता है। चालू वित्त वर्ष 2011-12 के पहले दो महीने में अप्रैल-मई केऔरऔर भी