इस समय यूलिप जैसे नए-नए बीमा उत्पादों में जिस-जिस तरह के शुल्क होते हैं, जैसी गणनाएं होती हैं, जिस तरह का बेनिफिट चार्ट पॉलिसी बेचने से पहले ग्राहक को समझाना प़ड़ता है, उससे ये इतने जटिल हो गए हैं कि गणित के अच्छे-खासे ग्रेजुएट के लिए भी इन्हें बेच पाना मुश्किल है। लेकिन इस समय देश में इन्हें हाईस्कूल से इंटर पास लोग तक बेच सकते हैं और बेच रहे हैं। कहने को बीमा एजेंट बनने केऔरऔर भी

जनाब! जीएम बैगन को छोडि़ए। आइए अब ट्रांसजेनिक चिकन का लुत्फ उठाइए। चिकन के साथ मछली का भी स्वाद लीजिए। देश में पहली बार वैज्ञानिकों ने विभिन्न जीव जंतुओं के जीन को मुर्गे व मुर्गी में डालकर प्रयोग किया, जिसमें पहली सफलता मछली के जीन वाली मुर्गी को मिली। वैज्ञानिकों का दावा है कि इससे चिकन की उत्पादकता बहुत अधिक बढ़ जाएगी। साथ ही इस ट्रांसजेनिक चिकन में एक नायाब किस्म का प्रोटीन मिलेगा, जो स्वास्थ्य केऔरऔर भी

देश की दूसरे सबसे बड़ी आईटी कंपनी इनफोसिस के चौथी तिमाही के नतीजे उम्मीद से बेहतर रहे हैं। कंपनी ने 5 रुपए अंकित मूल्य के शेयर पर 15 रुपए का अंतिम लाशांश (डिविडेंट) देने की घोषणा की है जो प्रतिशत में 300 फीसदी बनता है। अगर इसमें अक्टूबर 2009 में घोषित 10 रुपए प्रति शेयर के अंतरिम लाभांश को जोड़ दें तो साल का कुल लाभांश 25 रुपए प्रति शेयर हो जाता है। पिछले वित्त वर्ष 2008-09औरऔर भी

बाजार में सरकारी कंपनी गैल इंडिया के शेयरों में जमकर सौदे हो रहे हैं। कारोबार के पहले घंटे में ही एनएसई में इसके 6.20 लाख और बीएसई में 67 हजार शेयरों के सौदे हुए हैं। आज शेयर में खास उठान अभी तक नहीं दिखी है। पहले अनुमान था कि आज यह शेयर बढ़कर 420 रुपए के आसपास खुलेगा। मंगलवार को बीएसई में यह 411.10 रुपए और एनएसई में 410.95 रुपए पर बंद हुआ था। लेकिन फिलहाल इसकेऔरऔर भी

शिरीष खरे आज के भारत में सबसे तेजी से बढ़ता सेक्टर कौन सा है- आईटी, मोबाइल टेलेफोनी, ऑटोमोबाइल, इन्फ्रास्ट्रक्चर, आईपीएल। जहां तक मेरा ख्याल है तो भूख की रफ़्तार के आगे ये सारे सेक्टर बहुत पीछे हैं। आजादी के 62+ सालों के बाद, भारत के पास दुनिया की दूसरी सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था का दावा है। हमारे पास प्राकृतिक और मानव संसाधन भरपूर मात्रा में हैं। मगर अमेरिका की कुल आबादी से कहीं अधिक भूख औरऔरऔर भी

जीवन बीमा कंपनियों के यूनिट लिंक्ड प्लान (यूलिप) पर सेबी और आईआरडीए में छिड़ी जंग आखिरकार वित्त मंत्रालय के दरवाजे पर पहुंच कर शांत हो गई। पूंजी बाजार नियामक सेबी और बीमा नियामक आईआरडीए में इस बात पर रजामंदी हो गई है कि वे इस मुद्दे पर उचित कानूनी मंच से वैधानिक जनादेश हासिल करेंगे। जब तक ऐसे किसी कोर्ट का फैसला नहीं आता, तब तक मौजूदा स्थिति बनाए रखी जाएगी। दूसरे शब्दों में आईआरडीए ही बीमाऔरऔर भी

दुनिया के बाजारों में मजबूती के बावजूद भारतीय बाजार आज ढीला रहा, इसलिए क्योंकि कारोबारी कल आ रहे इनफोसिस के नतीजों को लेकर कोई दांव नहीं खेलना चाहते। इतना तय है कि महज एक तिमाही में डॉलर के सापेक्ष रुपए के 12 फीसदी बढ़ जाने से भावी नजरिए को बेहतर करना या पिछले स्तर को बरकरार रखना भारी मुश्किल काम है, भले ही यह कंपनी इनफोसिस ही क्यों न हो। हमारे विश्लेषकों के मुताबिक इनफोसिस कल याऔरऔर भी

शेयर ब्रोकर इस कोशिश में लगे हैं कि सरकार शेयर सौदों पर लगनेवाले सिक्यूरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (एसटीटी) को कम कर दे। एसटीटी को 2004-05 से लागू किया गया है और इनकी मौजूदा दर 0.125 फीसदी है। यह खरीद-बिक्री दोनों ही तरह के शेयर सौदों पर लगता है। अपनी मांग लेकर ब्रोकरों का प्रतिनिधिमंडल वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी से भी मिलने वाला है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के प्रबंध निदेशक रवि नारायण ने एक समारोह के दौरान मीडिया सेऔरऔर भी

इनफोसिस टेक्नोलॉजीज के नतीजे आने में बस एक दिन बचा है। कल 13 अप्रैल को इसके नतीजे आएंगे। रुपया जिस तरह मजबूत होता जा रहा है, उसमें आईटी सेक्टर के निवेशक हैरान-परेशान से दिख रहे हैं। कारण, रुपए की मजबूती विदेश से डॉलर में हुई होनेवाली समान आय को कम रुपए में बदल देगी। इन्हीं बातों के मद्देनजर संभावना इस बात की है कि इनफोसिस इस बार बोनस शेयर देने की घोषणा कर सकती है। आधार यहऔरऔर भी

बाजार गिरावट के साथ खुला। लेकिन एनआरबी बियरिंग्स में सुबह से चाल दिख रही है। शुक्रवार को यह शेयर बीएसई में 83.80 रुपए पर बंद हुआ था। लेकिन आज खुला ही 2 रुपए बढ़कर 85.80 रुपए पर। फिर यह छलांग लगाकर 87.30 तक पहुंच गया जो पिछले 52 हफ्तों का उसका उच्चतम स्तर है। हालांकि बाद में थोड़ी गिरावट का रुख दिखाई दिया। कंपनी के शेयर का 52 हफ्तों का न्यूनतम स्तर 33.75 रुपए रहा है जोऔरऔर भी