इस समय बाजार के सारे विशेषज्ञ दुविधा में हैं। सबकी राय बंटी हुई है। स्टैंडर्ड एंड पुअर्स और मूडीज दोनों ही एजेंसियों ने ही फ्रांस की रेटिंग एएए पर बरकरार रखी है जिसका मतलब हुआ कि नए डाउनग्रेड का डर खत्म हो गया है। फिर भी अमेरिका का डाउ जोन्स सूचकांक 513 अंकों की भारी गिरावट का शिकार हो गया क्योंकि ब्याज दरों को दो साल तक कम रखने के फेडरल रिजर्व प्रमुख के बयान को लोगोंऔरऔर भी

इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियां एक तरह से ठेकेदारों जैसा ही काम करती हैं। लेकिन ठेकेदार की छवि हमारे दिमाग में नेताओं तक पहुंच और सरकारी धन की लूट करनेवाले गुंडे-मवाली की ही है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुख्यात माफिया हरिशंकर तिवारी और वीरेंद्र शाही मूलतः ठेकेदार ही तो रहे थे। पर, इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियां एकदम भिन्न व प्रोफेशनल तरीके से काम करती हैं। देश में जिस तरह इंफ्रास्ट्रक्चर की खस्ता हालत को लेकर त्राहि-त्राहि मची है, उसमें इस क्षेत्र कीऔरऔर भी

एक हद के बाद हम कुछ नहीं कर सकते। फिर जो भी है, वह दूसरे को ही करना होता है। यह दूसरा प्रकृति भी हो सकती है और इंसान भी। प्रकृति पर हमारा वश नहीं, लेकिन इंसान को समाज ठीक कर सकता है।और भीऔर भी

अगर किसी भी ब्रोकर ने पूरा मार्जिन लिए बगैर अपने ग्राहक को डेरिवेटिव बाजार में ट्रेड करने दिया तो उसे भारी पेनाल्टी देनी होगी। पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी ने गुरुवार को सभी स्टॉक एक्सचेंजों को भेजे एक सर्कुलर में यह निर्देश दिया है। उसका कहना है कि एक्सचेंजों को ब्रोकरों को ऐसी कोई ढील नहीं देकर उन पर पेनाल्टी लगानी चाहिए। एक्सचेंजों को इस सर्कुलर पर अमल 1 सितंबर 2011 से करना है। सेबी का कहनाऔरऔर भी

स्विस बैंकों में जमा भारतीयो का धन पिछले पांच सालों में लगातार घटता रहा है और इसकी मौजूदा रकम दस हजार करोड़ रुपए से भी कम है। 2006 में यह राशि 23,373 करोड़ रुपए थी। वहीं 2010 तक यह आधे से भी ज्यादा घटकर 9295 करोड़ रुपए पर आ गई है। वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी मंगलवार को राज्यसभा में एक लिखित सवाल के जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने स्विस नेशनल बैंक के आंकड़ों को उद्धृत करतेऔरऔर भी

खाद्य प्रसंस्‍करण उद्योग मंत्रालय अपने पास खाद्य प्रसंस्‍करण क्षेत्र में हुए निवेश के आंकड़े नहीं रखता है। यह जानकारी खुद खाद्य प्रसंस्‍करण उद्योग मंत्री डॉ. चरणदास महंत ने संसद में एक सवाल के लिखित जवाब में दी। यही नहीं, जिस ई-पोर्टल के जरिए मंत्रालय के पास बैंक व वित्तीय संस्थाएं प्रस्तावित परियोजनाओं की जानकारी भेजती हैं, उसका संचालन निजी क्षेत्र का एचडीएफसी बैंक करता है। मंत्री महोदय ने मंगलवार को लोकसभा में बताया कि एचडीएफसी बैंक सेऔरऔर भी

अमेरिका में भी राजनीतिक शोशेबाजी कम नहीं है। राष्ट्रपति बराक ओबामा ने घोषित किया है कि वे तीन राज्यों का दौरान सरकारी लाव-लश्कर के साथ नहीं, बल्कि बस से करेंगे। उनके एक सहयोगी के मुताबिक इसका उद्देश्य अवाम की आर्थिक दिक्कतों को समझना और उन्हें अर्थव्यवस्था के संकट के प्रति जागरूक बनाना है। असल में अगले साल अमेरिका में राष्ट्रपति के चुनाव होने हैं और ओसामा बिन लादेन के संहार के बावजूद ओबामा की लोकप्रियता अब तकऔरऔर भी

बुधवार को सुबह-सुबह प्री-ओपन सत्र में सेंसेक्स के 386.80 अंक और निफ्टी के 123.70 अंक बढ़ जाने से वित्त मंत्री प्रणव मुखजी इतने प्रफुल्लित हो गए कि बोल पड़े कि भारतीय शेयर बाजार बहुत जल्द अगले कुछ दिनों में ही पटरी पर आ जाएगा। मुखर्जी ने यह भी कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक और सरकार मिलकर बाजार में स्थायित्व लाने की कोशिश में लगे हैं। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि सिस्टम मेंऔरऔर भी

कैबिनेट ने सार्वजनिक क्षेत्र की स्टील कंपनी सेल (स्‍टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड) के लिए 55,000 करोड़ रुपए की निवेश योजनाओं को मंजूर कर लिया। इस्‍पात मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा संसद में बताते हैं कि सेल ने झारखंड में अपनी चिरिया लौह अयस्‍क खदानों के आधुनिकीकरण के लिए कई योजनाएं तैयार की हैं। खुद सेल के चेयरमैन सी एस वर्मा बता रहे हैं कि कंपनी अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, मोजाम्बिक व कोलंबिया तक में लौह अयस्क खदानें खरीदने कीऔरऔर भी

बीज डाल दो। मिट्टी पौधे से पेड़ बन जाती है। सुंदर फूल व फल में ढल जाती है। हमारा काम चेतना का बीज फेंकने का है। बाकी काम प्रकृति का है। हम कुछ जोड़-घटा नहीं सकते। बस सज्जा बदल सकते हैं।और भीऔर भी