देश में औद्योगिक उत्पादन की रफ्तार पिछले डेढ़ साल से रिजर्व बैंक द्वारा ब्याज दरें बढ़ाते रहने के बावजूद अच्छे स्तर पर बनी हुई है। केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) की तरफ से शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार जून 2011 में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) साल भर पहले की तुलना में 8.8 फीसदी बढ़ा है, जबकि उम्मीद की जा रही थी कि यह 5.5 से 5.7 फीसदी ही बढ़ेगा। इसने अर्थव्यवस्था में आ रही किसी भी तरहऔरऔर भी

हमारा कॉरपोरेट क्षेत्र और उसके शीर्ष संगठन – सीआईआई, फिक्की व एसोचैम से लेकर अलग-अलग उद्योंगों के संगठन अमूमन हर सरकारी नीति पर टांग अड़ाने में माहिर हैं। नीतियों को अपने पक्ष में मोड़ने के लिए जमीन-आसमान एक कर देते हैं। लेकिन धन के अंबार पर बैठी इन कंपनियों कोई फिक्र नहीं कि कालेधन की विकराल समस्या को कैसे हल किया जाए। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने अपने चेयरमैन की अध्यक्षता में इस साल 27 मईऔरऔर भी

परसिस्टेंट सिस्टम्स इतनी मरी-गिरी कंपनी नहीं है कि उसका शेयर अगर जमीन पर गिर जाए तो उसे खोटा सिक्का मानकर उठाया ही न जाए। 1990 में बनी कंपनी है। सॉफ्टवेयर प्रोडक्ट डेलपवमेंट सेवाओं में सक्रिय है। 6600 से ज्यादा कर्मचारी हैं। 300 से ज्यादा कस्टमर हैं जो अमेरिका, यूरोप व एशिया के कई देशों तक फैले हैं। उसने पिछले पांच सालों में 3000 से ज्यादा सॉफ्टवेयर विकसित किए हैं। क्लाउड कंप्यूटिंग व सॉफ्टवेयर आर एंड डी मेंऔरऔर भी

जो आनेवाले कल के सपने बुनते हुए जीते हैं, उनका आज अस्त-व्यस्त रहना स्वाभाविक है। जो गुजरे कल की नॉस्टैल्जिया में जीते हैं, उनका आज सीलन व घुटन भरा रहना भी उतना ही स्वाभाविक है।और भीऔर भी

देश के केवल 3% लोग ही इनकम टैक्स देते हैं। वित्त वर्ष 2009-10 (आकलन वर्ष 2010-11) में कुल 3.13 करोड़ लोगों से आयकर दिया है। अगले साल 2012 से प्रत्यक्ष कर संहिता लागू होने के बाद भी भारतीय करदाताओं की संख्या कमोबेश इतनी रहेगी क्योंकि साल भर में दो लाख से ज्यादा करयोग्य आमदनी वाले लोगों की संख्या करीब-करीब इतनी ही है। वैसे, सरकार के लिए कर जुटाना अब सस्ता होता जा रहा है। 2009-10 में करऔरऔर भी

दोनों ही शीर्ष रेटिंग एजेंसियों स्टैंडर्ड एंड पुअर्स और मूडीज ने भले ही फ्रांस की रेटिंग को एएए के सर्वोच्च स्तर से नीचे न उतारा हो, लेकिन फ्रांस के बैंको को लेकर विश्वास का संकट गहराने लगा है। गुरुवार को ऋण की लागत यानी ब्याज दर बढ़ने से पूरे यूरोप के बैकिंग उद्योग के सामने यह मुश्किल आ खड़ी हुई है। बुधवार को फ्रांस के प्रमुख बैंक सोसाइटी जनरल के शेयरों में 15 फीसदी की भारी गिरावटऔरऔर भी

कैबिनेट ने गुरुवार को सरकारी कंपनी नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन (एबीसीसी) को शुरुआती पब्लिक ऑफर (आईपीओ) लाने की इजाजत दे दी। अभी कंपनी की सारी की सारी 90 करोड़ रुपए की चुकता पूंजी भारत सरकार के पास है। इसमें से 10 फीसदी इक्विटी सरकार बेचेगी, जिससे कुल 250 करोड़ रुपए जुटाने की योजना है। यह रकम चालू वित्त वर्ष 2011-12 में विनिवेश के लिए निर्धारित 40,000 करोड़ रुपए के लक्ष्य के सामने इतनी कम है कि कोईऔरऔर भी

राष्ट्रीय दवा मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) ने अगस्त 1997 में अपनी स्थापना से लेकर 31 जुलाई 2011 तक अधिक मूल्य पर दवाएं बेचने के 812 मामलों में 2357.24 करोड़ रुपए का डिमांड नोटिस जारी किया है। इस राशि में दवाओं की बिक्री पर लिए गए अधिक मूल्य पर लगाया गया ब्याज शामिल है। लेकिन अब तक वह इसमें से महज 211.25 करोड़ रुपए यानी 8.96 फीसदी रकम ही वसूल कर पाया है। उसने ये नोटिस दवा (मूल्यऔरऔर भी

खाद्य मुद्रास्फीति एक बार दहाई के खतरनाक आंकड़े की तरफ बढ़ने लगी है। वाणिज्य मंत्रालय की तरफ से गुरुवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक 30 जुलाई 2011 को समाप्त सप्ताह में थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित खाद्य मुद्रास्फीति की दर 9.90 फीसदी दर्ज की गई है। इससे पिछले सप्ताह यह 8.04 फीसदी और उससे पहले पिछले सप्ताह 7.33 फीसदी ही थी। वैसे तसल्ली की बात यह है कि साल भर पहले इसी दौरान मुदास्फीति की दर 16.45औरऔर भी

देश के निर्यात में जुलाई माह के दौरान 81.8 फीसदी की जोरदार वृद्धि दर्ज की गई है और यह 29.3 अरब डॉलर पर पहुंच गया। वाणिज्य सचिव राहुल खुल्लर ने राजधानी दिल्ली में गुरुवार को मीडिया को यह जानकारी दी। जुलाई में आयात 51.5 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 40.4 अरब डॉलर का रहा है। माह के दौरान व्यापार घाटा 11.1 अरब डॉलर का रहा। खुल्लर का कहना था कि निर्यात का प्रदर्शन अच्छा रहा है। लेकिनऔरऔर भी