वो कहां, हम कहां
जिसकी दुनिया बसी-बसाई है, सब कुछ जमा-जमाया है, वो भ्रमों में रहना गवारा कर सकता है। लेकिन जिसे सब कुछ नए सिरे से बनाना है, जमाना है, भ्रम उसके लड़ने की ताकत को कमजोर कर देते हैं।और भीऔर भी
जिसकी दुनिया बसी-बसाई है, सब कुछ जमा-जमाया है, वो भ्रमों में रहना गवारा कर सकता है। लेकिन जिसे सब कुछ नए सिरे से बनाना है, जमाना है, भ्रम उसके लड़ने की ताकत को कमजोर कर देते हैं।और भीऔर भी
शेयर बाजार में चल रही मायूसी ने पूंजी बाजार के दूसरे हिस्से प्राइमरी बाजार में भी सन्नाटा फैला दिया है। चालू वित्त वर्ष 2011-12 में पूंजी बाजार में उतरनेवाली 22 कंपनियों ने आईपीओ (शुरुआती पब्लिक ऑफर) लाने का इरादा ही छोड़ दिया है। इसके साथ ही बड़े निवेशकों को सीधे खींचनेवाले क्यूआईपी (क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट) बाजार में भी एकदम मुर्दनी छा गई है। ब्रोकरेज फर्म एसएमसी ग्लोबल सिक्यूरिटीज के ताजा अध्ययन के मुताबिक जिन 22 कंपनियों नेऔरऔर भी
अनिल अंबानी समूह से जुड़ा रिलायंस म्यूचुअल फंड बीते वित्त वर्ष 2010-11 में देश का सबसे ज्यादा मुनाफा कमानेवाला म्यूचुअल फंड बन गया है। अभी तक यह गौरव एचडीएफसी म्यूचुअल फंड को हासिल था। म्यूचुअल फंडों के शीर्ष संगठन एम्फी (एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया) के आंकड़ों के मुताबिक 2010-11 में रिलायंस म्यूचुअल फंड का शुद्ध लाभ 261 करोड़ रुपए रहा है, जबकि एचडीएफसी म्यूचुअल फंड का शुद्ध लाभ इससे कम 242 करोड़ रुपए दर्ज कियाऔरऔर भी
उधर अण्णा हज़ारे ने चेतावनी दी कि अगर संसद के शीत सत्र में जन लोकपाल विधेयक को पारित नहीं कराया गया तो वे कांग्रेस के चुनाव खिलाफ प्रचार करेंगे, इधर कानून मंत्री सलमान खुर्शीद ने कह दिया कि सरकार संसद के शीतसत्र में यह विधेयक जरूर लाएगी। लेकिन उन्होंने कहा कि अगले चुनाव में क्या होना चाहिए, इस बारे में किसी की राय पर वह कोई प्रतिक्रिया व्यक्त करने नहीं जा रहे हैं। कांग्रेस के खिलाफ चुनावऔरऔर भी
शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एससीआई), भारत सरकार की महारत्न कंपनी। साल भर पहले उसका शेयर दहाड़ रहा था। 6 अक्टूबर 2010 को 202.50 रुपए की अट्टालिका पर था। लेकिन बीते हफ्ते शुक्रवार 30 सितंबर से सरकारी खबरों के आधार पर उसे ऐसा धुना जा रहा है कि कल 3 अक्टूबर को वह 74.50 रुपए की घाटी में जा गिरा। पिछले एक महीने में इसे 91.60 रुपए से 18.66 फीसदी तोड़कर 74.50 रुपए तक ले आया गया है।औरऔर भी
करीब दो हफ्ते से देश में छिड़ा 32-26 का विवाद आखिरकार अपना रंग ले आया। तय हुआ है कि अभी गरीबी रेखा का जो भी पैमाना है और योजना आयोग राज्यवार गरीबी का जो भी अनुमान लगाए बैठा है, आगे से उसका कोई इस्तेमाल ग्रामीण इलाकों में गरीबों की आर्थिक मदद के लिए बनी केंद्र सरकार की योजनाओं या कार्यक्रमों में नहीं किया जाएगा। योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोटेंक सिंह अहूवालिया और केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयरामऔरऔर भी
यूरोप व अमेरिका में भले ही वित्तीय व आर्थिक संकट चल रहा हो, लेकिन भारत के निर्यात के बढ़ते जाने का कमाल जारी है। देश का निर्यात कारोबार पिछले कई माह से बढ़ता रहा है और अगस्त में भी साल भर पहले की तुलना में 44.25 फीसदी बढ़कर 24.31 अरब डॉलर पर पहुंच गया। इस दौरान आयात भी साल भर पहले मुकाबले 41.82 फीसदी बढकर 38.35 अरब डॉलर रहा। इस तरह अगस्त में व्यापार घाटा (आयात से निर्यातऔरऔर भी
इंटरनेट सर्च कंपनी गूगल को एक बार फिर नौकरी करने के लिए दुनिया की सबसे अच्छी कंपनी माना गया है। मैनेजमेंट व इंजीनियरिंग छात्रों के बीच किए गए दो अलग-अलग सर्वेक्षण में कंपनी को 2011 की सबसे आकर्षक नियोक्ता बताया गया है। ये सर्वेक्षण दुनिया भर में नियोक्ताओं की ब्रांडिंग से जुड़ी फर्म यूनिवर्सम ने किए हैं। इसके अनुसार गूगल को नौकरी के लिए सर्वश्रेष्ठ 50 कंपनियों की सूची में पहला स्थान मिला है। लगातार तीसरे साल गूगलऔरऔर भी
इस बार चिकित्सा क्षेत्र का नोबेल पुरस्कार तीन ऐसे वैज्ञानिकों को दिया गया है जिन्होंने पता लगाया है कि शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कैसे काम करती है। ये तीन वैज्ञानिक हैं – अमेरिका के ब्रूस ब्यूटलर, लक्जमबर्ग के जूल्स हॉफमैन और कनाडा के राल्फ स्टाइनमैन। इन तीनों को संयुक्त रूप से वर्ष 2011 का चिकित्सा क्षेत्र का नोबल पुरस्कार देने की घोषणा सोमवार को की गई। पुरस्कार देने वाली स्वीडन की संस्था कैरोलिन्सका इंस्टीट्यूट ने एक बयानऔरऔर भी
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