फैक्ट्रियों पर ताले, मैन्यूफैक्चरिंग चीन से
जो दिख रहा है और सरकारी विज्ञापनों में खूब दिखाया जा रहा है, वो विकास है। जो नहीं दिख रहा है, मीडिया के शोर में छिपाया जा रहा है, वो विनाश है। देश की मानव संपदा और प्राकृतिक संपदा का विनाश। भारतवर्ष, जो महज एक देश ही नहीं, पूरी सभ्यता है, वो विपुल संभावनाओं वाला राष्ट्र आज अंदर ही अंदर विखण्डित व खोखला होता जा रहा है। करीब 20 दिन पहले एक इंक निर्माता कंपनी के अधिकारीऔरऔर भी
