मैं काफी समय से आपको बता रहा था कि सीमेंट क्षेत्र में कोई सुस्ती नहीं है। हालांकि मानसून के दौरान कम उठाव के चलते पहली तिमाही बुरी रही है। सीमेट के दाम प्रति बोरी 20 रुपए गिर गए और सारे एनालिस्ट आपको इससे बाहर निकलने का रास्ता दिखाने लगे। लेकिन हमने नई हलचल को सबसे पहले पकड़ा और आज सीमेंट कंपनियों ने मुंबई में प्रति बोरी दाम 10 रुपए बढ़ा दिए। आप समझ सकते हैं कि मैंऔरऔर भी

मैं ये तो नहीं कहता कि एफआईआई मूरख हैं। आखिर वे हमारे बाजार की दशा-दिशा तय करते हैं। लेकिन इतना जरूर है कि उन्हें बहुत आसानी से मूर्ख बनाया जा सकता है या ऐसा भी हो सकता है कि वे आसानी से मूर्ख बनने का स्वांग करते हों। उन्होंने अपने इर्दगिर्द 200 करोड़ रुपए के बाजार पूंजीकरण की लक्ष्मण रेखा खींच रखी है। वे वही स्टॉक इतने या इससे ज्यादा बाजार पूंजीकरण पर खरीदते हैं जिन्हें ऑपरेटरऔरऔर भी

मैंने कल ही आवेगी शेयरों से बचने की सलाह दी थी। आईएफसीआई आज इसका पहला शिकार हो गया। सरकार ने कहा है कि वो इससे लिए बांडों को इक्विटी में बदल देगी। इसका मतलब यह हुआ कि सरकार को आईएफसीआई के 52 करोड़ अतिरिक्त शेयर मिल जाएंगे। 520 करोड़ रुपए का यह निवेश इसकी 737.84 करोड़ रुपए की मौजूदा इक्विटी का लगभग 70 फीसदी है। जाहिर है कि इक्विटी बढ़ जाने के बाद कंपनी का मूल्यांकन अभीऔरऔर भी

अभी तक लिस्टेड कंपनियां अपनी शेयरधारिता का ब्यौरा हर तिमाही के बीतने पर साल में चार बार सार्वजनिक करती रही हैं, भले ही तिमाही के दौरान कितना भी उलटफेर हो जाए। लेकिन अब शेयरधारिता में जब भी कभी दो फीसदी से ज्यादा की घट-बढ़ होगी, उन्हें उसके दस दिन के भीतर स्टॉक एक्सचेजों को सूचित करना होगा और एक्सचेंज इस सूचना को तत्काल अपनी वेबसाइट पर कंपनी की उद्घोषणा के रूप में पेश कर देंगे। यह फैसलाऔरऔर भी

निवेश की दुनिया की जानीमानी फर्म नोमुरा सिक्यूरिटीज के प्रतिनिधि ने आज ब्लूमबर्ग को दिए गए एक इंटरव्यू में कहा कि वे भारतीय बाजार के प्रति अब न इधर की, न उधर की, बस बीच की राय रखते हैं। सही बात है कि सेंसेक्स का 18,000 पर पहुंचना एफआईआई तक के बीच बाजार के महंगा होने की थोड़ी झुरझुरी पैदा कर सकता है। लेकिन मेरा यकीन मानिए। एफआईआई ने केवल जुलाई महीने में बाजार में 16,000 करोड़औरऔर भी

रोलओवर शुरू हो चुका है और उम्मीद के अनुरूप बाजार बढ़त पर है। फिलहाल किसी खास गिरावट के आसार नहीं हैं। लेकिन हमें यह बात दिमाग के किसी कोने में बैठाकर रखनी पड़ेगी कि निफ्टी के 5300 अंक तक करेक्शन आ सकता है। ऊपर की दिशा में 5440 का स्तर नजर आ रहा है। भले ही खाद्य पदार्थों की मुद्रास्फीति थोड़ी घट रही हो, लेकिन रिजर्व बैंक ब्याज दरें बढ़ा सकता है। वैसे, रिजर्व बैंक इधर चौंकानेऔरऔर भी

हालांकि बाजार निफ्टी के 5400 के स्तर के आसपास कायदे से डटा हुआ है। लेकिन मुझे लगता है कि 5400 के ऊपर जाने से पहले यह 5300 तक नीचे आता तो इसे ज्यादा पुख्ता व स्वस्थ आधार मिल जाता। वैसे, 5200 और 5300 पर पुट (बेचने) ऑप्शन सौदों के वोल्यूम और ओपन इंटरेस्ट की मौजूदा स्थिति दिखाती है कि रोलओवर शुरू होने से पहले बाजार में थोड़ा करेक्शन आएगा। मारुति सुजुकी का स्टॉक बाजार को चौंका सकताऔरऔर भी

आरईआई एग्रो के निदेशक बोर्ड ने एक प्रस्ताव पास किया है कि कंपनी में एफआईआई (विदेशी संस्थागत निवेशक) निवेश कुल चुकता पूंजी के 75 फीसदी हिस्से तक हो सकता है।  कंपनी से यह सूचना मिलने के बाद रिजर्व बैंक के इसका नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। कंपनी जिस उद्योग में है उसमें एफआईआई निवेश की सीमा तय करने का अधिकार कंपनी के निदेशक बोर्ड का होता है। इस अधिसूचना के बाद एफआईआई इक्विटी शेयरों और परिवर्तनीय डिबेंचरोंऔरऔर भी

पूंजी बाजार नियामक संस्था, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने तय किया है कि विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) को शॉर्ट सेलिंग के लिए उधार दिए गए शेयरों की सूचना अब हर कारोबारी दिन के बजाय हफ्ते में केवल एक दिन शुक्रवार को देनी होगी। लेकिन अगर वे अगर अपने विदेशी क्लाएंट को पार्टिसिपेटरी नोट (पीएन) जारी करते हैं तो उन्हें इसकी सूचना तत्काल देनी होगी। सेबी ने एफआईआई और उनके सभी कस्टोडियन के नाम मंगलवार कोऔरऔर भी

ए ग्रुप के शेयर अब थोड़ा आराम करेंगे और इनमें से वही विशेष शेयर चलेंगे जिनमें कोई नया समाचार आएगा। बाजार के स्टार परफॉर्मर होंगे अब बी ग्रुप के शेयर। गिलैंडर्स, गल्फ ऑयल और विमप्लास्ट जैसे शेयरों में वोल्यूम का धमाका हो सकता है। हो सकता है जब साल भर बाद इन शेयरों के मूल्य कई गुना हो जाएं तब आप वीआईपी की तरह बात करेंगे और एफआईआई खरीदार होंगे। इस समय तो ऑपरेटरों ने इनके बाजारऔरऔर भी