प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने देश में हर तरफ फैले भ्रष्टाचार को आर्थिक उदारीकरण व सुधारों का नतीजा मानने के बजाय नैतिक ताने-बाने से जुड़ी समस्या करार दिया है। लेकिन आईआईटी खड़गपुर के छात्रों ने उनके हाथ से डिग्री लेने से इनकार कर खुद उनकी नैतिकता पर सवालिया निशान लगा दिया है। प्रधानमंत्री ने सोमवार को कोलकाता में भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) के स्वर्ण जयंती समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार आम आदमी के रोजमर्रा केऔरऔर भी

एक तरफ केंद्र की यूपीए सरकार अण्णा हज़ारे के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन को न संभाल पाने से परेशान हैं, दूसरी तरफ शेयर बाजार की गिरावट व पस्तहिम्मती ने सरकार के प्रमुख कर्णधार व संकटमोचक वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी को हिलाकर रख दिया है। दिक्कत यह भी है कि हमारे शेयर बाजार की गिरावट की मुख्य वजह चूंकि वैश्विक हालात हैं, इसलिए वित्त मंत्री ढाढस बंधाने के अलावा कुछ कर भी नहीं सकते। शुक्रवार को वि‍त्‍त मंत्री प्रणवऔरऔर भी

ऐसा कोई संवैधानि‍क दर्शन या सि‍द्धांत नहीं है, जि‍ससे कानून बनाने के लि‍ए मात्र संसद को मि‍ले वि‍शेषाधि‍कार पर सवाल उठाने की किसी को अनुमति‍ दी जा सकती हो। लोकपाल पर कानून बनाने की प्रक्रि‍या में सरकार ने निर्धारित सि‍द्धांतों का पालन कि‍या है। लेकिन अण्णा हज़ारे इन्‍हीं सि‍द्धांतों पर सवाल उठा रहे हैं और समझते हैं कि‍ उन्‍हें अपना जन लोकपाल वि‍धेयक संसद पर थोपने का अधि‍कार है। यह कहना है प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का। उन्होंनेऔरऔर भी

भारत का लोक करवट बदल रहा है। लोकतंत्र नई शक्ल में ढलने को बेताब है। उत्तर से लेकर दक्षिण और पूरब से लेकर पश्चिम तक लोग एक भाषा में बोल रहे हैं – अण्णा तुम संघर्ष करो, हम तुम्हारे साथ हैं। सच्चे लोकतंत्र की ख्वाहिश इंडिया गेट से लेकर आजाद मैदान और सड़कों व गली-कूचों तक नारे बनकर निकल रही है। नौजवान शेर की तरह दहाड़ रहे हैं, जबकि सरकार भीगी बिल्ली या बकरी बनी मिमियाती नजरऔरऔर भी

डॉ. दुव्वरि सुब्बाराव अब 2013 तक रिजर्व बैंक के गवर्नर बने रहेंगे। उनका तीन साल का मौजूदा कार्यकाल अगले महीने 5 सितंबर को पूरा हो रहा था। कहा जा रहा था कि उनकी जगह किसी और को लाया जा सकता है। लेकिन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मंगलवार को सारी उहापोह को दूर करते हुए डॉ. सुब्बाराव का कार्यकाल दो साल के लिए बढ़ा दिया। मजे की बात यह है कि ये फैसला डॉ. सुब्बाराव के जन्मदिन 11औरऔर भी

बाजार में पहले से छाए पस्ती के आलम को और हवा तब मिल गई, जब अमेरिकी ऋण संकट के समाधान के बावजूद एशिया के बाजार गिर गए। मंदड़ियों का खेमा मान बैठा है कि अमेरिका में हुआ राजनीतिक समझौता तात्कालिक समाधान है। इसलिए इस पर चहकने की कोई जरूरत नहीं है। बाजार फिर से 5500 के नीचे चला गया तो उन्होंने फिर से बिक्री का बटन दबा दिया है। फिर वही बात उठा ली है कि अबऔरऔर भी

कैबिनेट ने लोकपाल विधेयक के मसौदे को गुरुवार को मंजूरी दे दी और इस विधेयक को अगले हफ्ते सोमवार, एक अगस्त से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र में एक-दो दिन के भीतर ही पेश कर दिया जाएगा। प्रस्तावित विधेयक के तहत केंद्रीय मंत्री से लेकर सांसद और ए ग्रुप के अफसर तक लोकपाल के दायरे में आएंगे। उन्हे दंडित करने के लिए लोकपाल को सीआरपीसी, 1973 के सेक्शन 197 या भ्रष्टाचार निरोधक अधनियम 1988 केऔरऔर भी

तिहाड़ जेल में बंद पूर्व टेलिकॉम मंत्री ए राजा ने 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और गृह मंत्री पी चिदंबरम को भी लपेटा है। राजा ने कहा है कि स्पेक्ट्रम की ब्रिकी को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की मौजूदगी में मंजूरी दी गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि डीबी रियल्टी को स्पेक्ट्रम बेचने की मंजूरी तत्कालीन वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने भी दी थी। इस बीच जहां प्रमुख विपक्षी दल बीजेपी ने जहां सरकार परऔरऔर भी

लगातार नकारात्मक माहौल से जूझ रही देश की सबसे बडी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) के लिए आखिरकार शुक्रवार को एक अच्छी खबर आ गई। कैबिनेट ने ब्रिटेन की कंपनी ब्रिटिश पेट्रोलियम (बीपी) के साथ उसकी साझेदारी को मंजूरी दे दी। इस फैसले पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दिखाते हुए आरआईएल का शेयर 1.49 फीसदी बढ़कर 870.60 रुपए पर बंद हुआ। बीपी और रिलायंस के बीच यह करार 720 करोड़ डॉलर का है। इसके तहत बीपी रिलांयस के साथ बनेऔरऔर भी

यूपीए सरकार ने काले धन पर सिविल सोसायटी से लेकर राजनीतिक दलों व आम लोगों के चौतरफा हमले से बचने की कोशिशें तेज कर दी हैं। गुरुवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक में मौजूदा बेनामी सौदा (निषेध) कानून, 1988 की जगह नया कानून लाने के लिए बेनामी सौदा (निषेध) विधेयक, 2011 को मंजूरी दे दी गई। अब इस विधेयक को संसद में पेश किया जाएगा और वहां से पारित होते ही राष्ट्रपतिऔरऔर भी