देश की अर्थव्यवस्था जल्दी ही 8-9 फीसदी की ऊंची सालाना विकास दर की राह पर वापस आ जाएगी। यूपीए सरकार की मुखिया के रूप में राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने सोमवार को यह दावा किया। वे संसद के बजट सत्र के पहले दिन राज्यसभा और लोकसभा की संयुक्त बैठक को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि मौजूदा  आर्थिक विकास दर भी अच्छी है। बता दें कि हमारी अर्थव्यवस्था की विकास दर साल भर के 8.4 फीसदी सेऔरऔर भी

केंद्र सरकार सार्वजनिक ऋण के प्रबंधन के लिए रिजर्व बैक से अलग व्यवस्था करेगी। इसके लिए ऋण प्रबंधन कार्यालय (डीएमओ) बनाया जाएगा जिसके लिए एक विधेयक संसद के बजट सत्र में पेश किया जाएगा। बजट सत्र अगले हफ्ते सोमवार, 12 मार्च से शुरू हो रहा है। वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को सरकारी ऋण की ताजा स्थिति पर जारी रिपोर्ट में कहा है, “सार्वजनिक ऋण प्रबंधन के बारे में सबसे अहम सुधार है वित्त मंत्रालय में अलग सेऔरऔर भी

कंपनी विधेयक, 2009 के संसद के चालू सत्र में पारित होने की संभावना नहीं है। कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय का कहना है कि संसद की अवधि घटा दी गई है, इसलिए इस विधेयक के चालू सत्र में पारित होने की संभावना नहीं है। कंपनी विधेयक, 2009 करीब 50 साल पुराने कंपनी अधिनियम, 1956 की जगह लेगा। वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने बजट भाषण में बताया था कि कंपनी विधेयक चालू बजट सत्र में पेश कर दिया जाएगा। कंपनीऔरऔर भी

कंपनी विधेयक, 2009 संसद के चालू बजट सत्र में ही पेश किया जाएगा। यह विधेयक लगभग आधी सदी पुराने कंपनी अधिनियम, 1956 की जगह लेगा। वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने सोमवार को वित्त वर्ष 2011-12 का बजट पेश करते हुए यह प्रस्ताव किया। सत्यम कंप्यूटर सर्विसेज के घोटाले के सामने आने के बाद नया कंपनी विधेयक संसद में पेश किया गया था। नए कंपनी विधेयक में शेयरधारकों के लिए अधिक पारदर्शिता और कड़े कॉरपोरेट गवर्नेंस नियमों काऔरऔर भी

घोटालों के चलते विपक्ष के भारी विरोध का सामना कर रहे प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सोमवार को कहा कि संसद का बजट सत्र ‘बहुत अहम’ है। प्रधानमंत्री ने आशा जताई कि सदन की कार्यवाही शांतिपूर्ण तरीके से चलेगी और सार्थक रहेगी । प्रधानमंत्री ने संसद भवन में संवाददाताओं से कहा, ‘‘संसद का बजट सत्र बहुत अहम है। बजट पर बहस होनी ही है और इसे दोनों सदनों से पारित होना है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमें आशा है किऔरऔर भी

बजट सत्र शुरू हो रहा है। इसमें ऐसे सूत्र आने जा रहे हैं जो कई महीनों से शेयर बाजार को परेशान करनेवाली चिंताओं और समस्याओं का समाधान निकालने का सबब बनेंगे। बाकी क्या कहें? एफआईआई और उनके एजेंटों ने हमेशा की तरह इस बार भी आम निवेशकों को गच्चा दिया। बाजार (निफ्टी) जब 5200 पर पहुंच गया तो उन्होंने हल्ला मचवा दिया कि अभी इसमें 10-15 फीसदी और गिरावट आनी है। निवेशक घबराकर बेचकर निकलने लगे इसऔरऔर भी

सरकार ने साफ संकेत दिए हैं कि वह 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) गठित कर सकती है। लेकिन उसने अन्य मामलों को इसके दायरे में लाने की संभावना से इनकार कर दिया। संसदीय कार्य मंत्री पवन कुमार बंसल ने सोमवार, 21 फरवरी से शुरू होकर तीन महीने चलनेवाले संसद के बजट सत्र से पूर्व शुक्रवार को एक संवाददाता सम्मेलन में इस प्रकार का संकेत दिया। उन्होंने कहा कि जेपीसी गठित करनेऔरऔर भी

संसद के बजट सत्र के पहले दिन दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल द्वारा दिए जाने वाले अभिभाषण को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंगलवार को अपनी मंजूरी दे दी। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में राजधानी दिल्ली में हुई कैबिनेट की बैठक में इस अभिभाषण को मंजूरी दी गई। इसमें 2011-12 के लिए यूपीए सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों का उल्लेख होगा। संसद का बजट सत्र 21 फरवरी से शुरू हो रहा है और लोकसभाऔरऔर भी

बुधवार को सरकारी कंपनी मॉयल लिमिटेड (पुराना नाम मैगनीज ओर इंडिया लिमिटेड) की लिस्टिंग होनी है। बुधवार को बीएसई सेंसेक्स 20,000 अंक के ऊपर चला जाएगा। आपके लिए इस पर भरोसा करना कठिन है। लेकिन यह सच है। बाजार में बनी पोजिशन में जितना इधर-उधर होना था, हो चुका है। ऑपरेटर अब पूरे सुकून की स्थिति में आ चुके हैं। इसका अंदाजा करुतुरी ग्लोबल के ऊपरी सर्किट तक पहुंचने और के एस ऑयल के ऊपर में 41.70औरऔर भी

हालांकि बाजार का सबसे बुरा वक्त या कहिए कि राहुकाल बीत चुका है, लेकिन अब भी दो और आसान मोहरे हैं जिनके दम पर चालबाज बाजार में उठापटक पैदा कर सकते हैं। फिलहाल बाजार से ऑपरेटर की अवधारणा ही खत्म होने जा रही है। इसलिए आगे से हमें दो नई अवधारओं पर केंद्रित करने की जरूरत है – एक, मार्केट मेकर (सेबी की इजाजत मिल चुकी है, लेकिन अमल में नहीं) और दो, बाजार के चालबाज याऔरऔर भी