रिजर्व बैंक ठान ही चुका है कि वह विदेशी मुद्रा बाजार में कोई हस्तक्षेप नहीं करेगा तो स्वाभाविक रूप से रुपए का बेरोकटोक गिरना जारी है। डॉलर के सापेक्ष अब तक वह 56 रुपए के करीब पहुंच चुका है। हो सकता है कि कल तक एकदम 56 भी हो जाए। तब रुपए को हीरो बनाकर नई फिल्म बनेगी जिसका शीर्षक होगा – अब तक छप्पन। खैर, तीखी गिरावट ने हमें इस समय एकदम तलहटी के करीब पहुंचाऔरऔर भी

काले धन के मुद्दे पर विपक्ष ने बुधवार को सरकार की जमकर घेराबंदी की। इतना कि उसे लाल कर डाला। हर किसी दल ने इस कदर हमला किया कि सरकार को कोई जवाब देते नहीं बना। विपक्ष ने विदेश में जमा काले धन को स्वदेश लाने, वहां खाता रखने वाले भारतीयों को किसी भी तरह का संरक्षण नहीं देने और उनके नामों का खुलासा करने की मांग की। लोकसभा में बीजेपी नेता लालकृष्ण आडवाणी की ओर सेऔरऔर भी

वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने उम्मीद जताई कि देश में प्रत्यक्ष कर संहिता (डीटीसी) अप्रैल 2012 से अमल में आ जाएगी। आयकर की यह नई व्यवस्था 1961 के आयकर कानून का स्थान लेगी। बुधवार को राजधानी दिल्ली में ‘कर व विषमता’ विषय पर एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुखर्जी ने कहा कि प्रस्तावित प्रत्यक्ष कर संहिता से प्रत्यक्ष करों के संबंध में नीतिगत बदलाव आएगा। इसे अगले वित्त वर्ष से अमल में लाया जाना है।औरऔर भी

सरकार ने देश के बाहर और भीतर बेहिसाब धन व आय से अधिक सम्पत्ति का अनुमान लगाने और राष्ट्रीय सुरक्षा पर इसके पड़नेवाले असर का पता लगाने के लिए एक अध्ययन शुरू किया गया है। इसकी रिपोर्ट सितंबर 2012 तक मिल जाएगी। वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने गुरुवार को लोकसभा में एक लिखित उत्तर में बताया कि सरकार ने वित्त संबंधी स्थायी समिति की सिफारिशों के आधार पर यह अध्ययन शुरू किया है। उन्होंने बताया कि यहऔरऔर भी

सरकार ने कहा है कि स्विटजरलैंड समेत दस देश अपने यहां भारतीयों द्वारा जमा कराए गए काले धन के बारे में जानकारी देने को तैयार हैं। वित्त राज्यमंत्री एस एस पलानी मणिक्कम ने राज्यसभा में एक लिखित जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारत सरकार सूचना के प्रभावी आदान-प्रदान के लिए उपयुक्त कानूनी ढांचा तैयार कर रही है। उन्होंने बताया कि भारत और स्विटजरलैंड ने दोहरा कराधान निषेध संधि को संशोधित करने वाले प्रोटोकॉल परऔरऔर भी

लोकसभा में मुद्रास्फीति या महंगाई पर बहस जारी है। उम्मीद है कि गुरुवार को एक प्रस्ताव पारित कर मुद्रास्फीति पर चिंता जताई जाएगी और सरकार से कहा जाएगा कि वह कीमतों पर काबू पाने के लिए कुछ और कदम उठाए। लेकिन बुधवार को सांसदों ने महंगाई के मसले पर जिस तरह शब्दों की तीरंदाजी दिखाई है, उसने साबित कर दिया है कि हमारे सांसद आर्थिक मामलों में कितने ज्यादा निरक्षर हैं। वह भी महंगाई जैसे मसले परऔरऔर भी

विदेशी बैंकों में जमा देश के काले धन को वापस लाने के लिए सरकार ने 97 देशों से बात की है। वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने बुधवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि विदेशी बैंकों में अवैध रूप से जमा भारतीय पैसे को वापस लाने के लिए सरकार हरसंभव कदम उठा रही है। राजधानी दिल्ली में संवाददाताओं से बातचीत में मुखर्जी ने कहा कि काले धन को वापस देश में लाने के लिए सरकार लगातार कोशिशऔरऔर भी

देश में भले ही स्विटजरलैड के बैंकों में रखे काले धन को लेकर राजनीतिक माहौल बना दिया गया हो, लेकिन भावना से परे हटकर देखें तो यह रकम बहुत मामूली है। स्विटजरलैंड के केंद्रीय बैंक के मुताबिक उनके देश के बैंकों में रखे गए विदेशी नागरिकों के कुल धन में भारतीयों का हिस्सा महज 0.07 फीसदी है। यह पाकिस्तान से भी कम है। जैसे अपना केंद्रीय बैंक, भारतीय रिजर्व बैंक है, वैसे ही स्विटजरलैंड का केंद्रीय बैंक,औरऔर भी

सरकार देशी-विदेशी निवेशकों के मनचाहे सुधारों की राह पर चल पड़ी है। रिलायंस-बीपी के करार को कैबिनेट की मंजूरी और सचिवों की समिति द्वारा मल्टी ब्रांड रिटेल में 49 के बजाय 51 फीसदी विदेशी निवेश (एफडीआई) की सिफारिश यूपीए सरकार के साहसी रुख को दर्शाती है। भ्रष्टाचार के मुद्दे पर वह विपक्ष के हमले की धार कुंद करने में लगी है। सरकार का यह अंदाज उन चंद बड़े एफआईआई की तरफ से पेश की गई तस्वीर सेऔरऔर भी

इस समय देश में आयकर विभाग के कुल 53,000 पदों में से लगभग 22 फीसदी खाली पड़े हैं। यह संख्या 11,500 के आसपास बनती है। ऐसा तब हो रहा है जब काले धन का शोर उठा हुआ है और सरकार कर-चोरी को रोकने के दावे कर रही है। सीएजी की रिपोर्ट के मुताबिक 2010-11 में अटके हुए टैक्स की रकम 2.63 लाख करोड़ रुपए रही है। आयकर विभाग खाली पदों को भरने के लिए केंद्रीय प्रत्यक्ष करऔरऔर भी