भारतीय शेयर बाज़ार की बागडोर विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) के हाथों में चली गई है। केयर रेटिंग्स की रिपोर्ट के मुताबिक चालू वित्त वर्ष में मध्य-फरवरी तक उन्होंने भारत में 3380 करोड़ डॉलर (करीब 2.49 लाख करोड़ रुपए) डाले हैं। उनका 35.60% निवेश वित्तीय सेवा कंपनियों और इसमें से भी 56.82% निवेश बैंकों में है। पिछले कुछ महीनों में इस क्षेत्र के शेयर सबसे ज्यादा बढ़ते रहे हैं। रिपोर्ट कहती है, एफपीआई तीन महीने में 100 करोड़औरऔर भी

शेयर बाज़ार में अनिश्चितता है। इसे ही रिस्क कहते हैं और रिस्क से ही रिवॉर्ड का निर्धारण होता है। जहां जितना रिस्क, वहां उतना ज्यादा रिवॉर्ड या फायदा। लेकिन रिस्क को नाथने का हुनर अभ्यास से आता है और अभ्यास का मतलब कदमताल करते जाना नहीं, बल्कि अपने अनुभवों से निरंतर सीखते जाना होता है। कोई सौदा क्यों किया, वह सफल हुआ तो क्यों और विफल हुआ तो क्यों? क्या पहलू हमने नज़रअंदाज़ कर दिए और किनकोऔरऔर भी

तैयारी कितनी भी कर लें, शेयर बाज़ार की अनिश्चितता को खत्म नहीं किया जा सकता। कल तो दूसरी ही तरह की अनिश्चितता ने बाज़ार को घेर लिया। एनएसई ने टेलिकॉम सेवा देनेवालों की तरफ से उपजी समस्या के चलते ट्रेडिंग 11.40 बजे रोक दी। निफ्टी-50 सुबह 10.08 बजे के बाद अपडेट ही नहीं हो रहा था। बाज़ार जब शाम 3.30 बजे बंद होता है, तब जाकर सूचकांक अपडेट हुआ। अंततः ट्रेडिंग का समय 90 मिनट बढ़ाकर 5औरऔर भी

शेयर बाज़ार में ट्रेडिंग से कमाई सुनिश्चित करने के लिए तीन खास बातें आपको पता होनी चाहिए। एक, बाज़ार में भय और लालच का संतुलन कैसा चल रहा है? दो, संस्थाओं व प्रोफेशनल ट्रेडरों का रुझान क्या है? तीन, विदेशी निवेशक संस्थाओं के धन का प्रवाह कैसा चल रहा है? इसलिए हर दिन बाज़ार बंद होने के बाद एनएसई की वेबसाइट पर जाकर देख लें कि डर व घबराहट से संबंधित इंडिया वीआईएक्स सूचकांक कितना बढ़ा/घटा है।औरऔर भी

हमारा शेयर बाज़ार अब पूरी तरह ग्लोबल हो चुका है। इसलिए दिन की ट्रेडिंग शुरू करने से पहले दुनिया के बाज़ारों का हाल-चाल जान लेना चाहिए। अमेरिका का डाउ जोन्स और S&P-500 सूचकांक का कल का क्लोजिंग, आज सुबह ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX-200 सूचकांक (अपने समय से दोपहर तक) और एशिया में (दोपहर से पहले तक) जापान का निक्केई सूचकांक, कोरिया/हागकांग के बाज़ार की स्थिति के साथ-साथ सिंगापुर निफ्टी सूचकांक का हालचाल पता कर लेना चाहिए। इससे मोटाऔरऔर भी