रिटेल ट्रेडरों के साथ सबसे बड़ी दिक्कत है कि वे लालच की भावना में डूबकर बाज़ार में उतरते हैं और बिकवाली की स्थिति में फौरन घबराकर बेचने लगते हैं। कंपनियों के 100, 200 या 300 शेयर खरीदते हैं और तब खरीदते हैं जब बाज़ार अपने उफान पर होता है। जब समझदार निवेशक, संस्थाएं, प्रोफेशनल ट्रेडर खरीद चुके हैं तब रिटेल ट्रेडरों की एंट्री होती है। तब अखबार व पत्रिकाओं से लेकर बिजनेस चैनल और ब्रोकरों की टिप्सऔरऔर भी