इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जयप्रकाश एसोसिएट्स को 1380 मेगावॉट बिजली परियोजना के लिए जिले की करछना तहसील के छह गांवों में मिली 416 हेक्टेयर का आवंटन रद्द कर दिया, जबकि बारा तहसील में 1980 मेगावॉट बिजली परियोजना के लिए पांच गावों में 831 हेक्टेयर जमीन के अधिग्रहण को खारिज करने से मना कर दिया। हाईकोर्ट का यह फैसला बीते हफ्ते शुक्रवार को आया है। लेकिन राज्य में बदले राजनीतिक समीकरणों की रोशनी में इसे बहुत अहम माना जाऔरऔर भी

पश्चिमी देशों में अनिश्चित आर्थिक स्थिति भारत के सेवा क्षेत्र के लिए फायदे का सौदा साबित हुई है। बीते वित्त वर्ष की अप्रैल-जनवरी की अवधि में देश के सेवा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) का प्रवाह 62 फीसदी बढ़ा है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय और गैर-वित्तीय सेवा क्षेत्र में 2011-12 के पहले दस महीनों में 4.83 अरब डॉलर का विदेशी पूंजी निवेश हुआ है। इससे पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह आंकड़ा 2.98औरऔर भी

बीते शुक्रवार को इनफोसिस ने जो किया, वही इस शुक्रवार को रिलायंस इंडस्ट्रीज द्वारा किए जाने का अंदेशा है। इनफोसिस को पहले लगी 12.6 फीसदी चोट के ऊपर करीब 1.5 फीसदी का फटका आज और लग गया। शेयर 25 अगस्त 2011 को हासिल 2169 रुपए के न्यूनतम स्तर से थोड़ा ही दूर, 2339.35 पर बंद हुआ। अब बाजार में चर्चा चल निकली है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज का लाभ चौथी तिमाही में उम्मीद से लगभग 7 फीसदी कमऔरऔर भी

मार्च में थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति के 6.70 फीसदी रहने का भरोसा था। लेकिन वाणिज्य व उद्योग मंत्रालय की तरफ से सोमवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक मार्च में मुद्रास्फीति की दर 6.89 फीसदी रही है। फरवरी महीने में इसकी दर 6.95 फीसदी थी। इस तरह इसमें कमी तो आई है। लेकिन जितनी उम्मीद थी, उतनी नहीं। फिर भी भरोसा है कि रिजर्व बैंक सालाना मौद्रिक नीति में ब्याज दरों में चौथाई फीसदी कमी करऔरऔर भी

अमेरिका और यूरोप के बड़े बाजारों में खराब आर्थिक हालात के बावजूद भारत ने 2011-12 के दौरान 300 अरब डॉलर से अधिक का निर्यात किया है। देश का निर्यात पहली बार 300 अरब डॉलर के पार गया है। वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा ने शुक्रवार को राजधानी दिल्ली में मीडिया को बताया, ‘‘मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि बीते वित्त वर्ष में भारत का निर्यात 300 अरब डॉलर से ऊपर पहुंच गया।’’ वैसे भारतऔरऔर भी

देश में बिजली की स्थापित क्षमता 2,00,287 मेगावॉट हो गई है। इसमें ताजा योगदान हरियाणा के झज्जर में शुरू हुए 660 मेगावॉट के बिजली संयंत्र का है। इससे पहले 31 मार्च 2012 तक देश में बिजली की कुल स्थापित क्षमता 1,99,627 मेगावॉट थी। इसमें ताप बिजली की क्षमता 1,32,013 मेगावॉट, पनबिजली की 38,991 मेगावॉट, परमाणु बिजली की 4780 मेगावॉट और अक्षय ऊर्जा की 24,503 मेगावॉट क्षमता शामिल है। अप्रैल 2007 से मार्च 2012 तक चली 11वीं योजनाऔरऔर भी

देश में तकनीकी शिक्षा की शीर्ष नियामक संस्था, ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एडुकेशन (एआईसीटीई) माइक्रोसॉफ्ट की क्लाउड कंप्यूटिंग सेवा के लिए अब तक की सबसे बड़ी ग्राहक बन गई है। क्लाउड कंप्यूटिंग एक ऐसा सॉफ्टवेयर है जिसे इंटरनेट के जरिए ग्राहकों को उपलब्ध कराया जाता है। बिल गेट्स की कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने गुरुवार को ही घोषित कर दिया था कि वह एआईसीटीई से ताल्लुक रखनेवाले करीब पांच लाख शिक्षकों और 70 लाख से ज्यादा विद्यार्थियों कोऔरऔर भी

ज्यादातर विश्लेषकों को उम्मीद थी कि इनफोसिस की आय नए वित्त वर्ष में डॉलर के लिहाज से 10 से 15 फीसदी बढ़ जाएगी। लेकिन कंपनी ने जब शुक्रवार को यूरोप व अमेरिका की सही हालत के हिसाब से घोषित किया कि उसकी आय 8 से 10 फीसदी बढ़कर 755 करोड़ डॉलर से 769 करोड़ डॉलर पर ही पहुंच पाएगी तो इनका शेयर इतना गिर गया, जितना मई 2009 के बाद से वह अब तक कभी नहीं गिराऔरऔर भी

अकेले इनफोसिस में इतना दम है कि वह पूरे बाजार को दबाकर बैठा सकता है। शुक्रवार को यह बात साबित हो गई। सेंसेक्स 238.11 अंक गिर गया, जिसमें से 201.82 अंक का योगदान अकेले इनफोसिस का था। वह भी तब, जब सेंसेक्स में इनफोसिस का योगदान 8.18 फीसदी है। सेंसेक्स में रिलायंस इंडस्ट्रीज का योगदान सबसे ज्यादा 9.44 फीसदी और आईटीसी का उससे कम 9.02 फीसदी है। इस तरह सेंसेक्स में वजन के मामले में इनफोसिस तीससेऔरऔर भी

आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने कोयला और लिग्नाइट पर मूल्य के आधार पर क्रमशः 14 फीसदी और 6 फीसदी रॉयल्टी लगाने की बात स्वीकार कर ली है। उसने यह फैसला कोयला मंत्रालय द्वारा गठित अध्ययन समूह की सिफारिशों के तहत किया है। अभी तक रॉयल्टी के लिए बड़ा ही मिश्रित किस्म का फार्मूला चलता रहा है। आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने गुरुवार को अपनी बैठक में तय किया कि कोयले पर 14 फीसदी रॉयल्टी शुल्कऔरऔर भी