वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने भारतीय रिजर्व बैंक के ताजा नीतिगत कदमों का स्वागत करते हुए कहा है कि ये कदम सरकार की नीतियों के अनुकूल हैं और इससे महंगाई के दबाव से लड़ने में मदद मिलेगी। साथ ही बैंकों से बाजार में काम धंधे के लिए कर्ज भी सुलभ बना रहेगा। रिजर्व बैंक ने अपनी मौद्रिक नीति की तिमाही समीक्षा में अल्पकालिक ब्याज दरें 0.25 प्रतिशत बढा दी हैं। पर बैंकों पर लागू नकद आरक्षित अनुपातऔरऔर भी

बैंकों के प्रमुखों का कहना है कि रिजर्व बैंक ने मुद्रास्फीति पर शिकंजा कसने के लिए अल्पकालिक दरों में जो 0.25 फीसदी की वृद्धि की है, उससे होम, ऑटो और कंपनी ऋण पर ब्याज दरों में तत्काल वृद्धि नहीं होगी। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के कार्यकारी निदेशक एस सी कालिया ने कहा कि नीतिगत दर में वृद्धि ब्याज दरों में इजाफे का संकेत है लेकिन बैंक जल्दबाजी में दरों में कोई वृद्धि नहीं करेगा। उन्होंने कहा, ‘‘ब्याजऔरऔर भी

दुनिया भर के करीब ढाई हजार नेता, उद्योगपति और आर्थिक विश्लेषक अगले पांच दिन (26 से 30 जनवरी) तक बर्फ से ढंके आल्प्स पहाड़ियों के बीच स्विटजरलैंड के दावोस रिजॉर्ट में विश्व अर्थव्यवस्था के भविष्य पर चर्चा करेंगे। सभी की चिंता इस बात को लेकर है कि खासकर अमीर राष्ट्रों में आर्थिक वृद्धि रोजगार के समुचित अवसर क्यों नहीं पैदा कर पा रही है। जिनेवा का वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम (डब्ल्यूईएफ) इन पांच दिनों के दौरान दुनिया कीऔरऔर भी

कल अचानक जिस तरह की कयासबाज़ी बढ़ गई थी कि रिजर्व बैंक मौद्रिक नीति की तीसरी त्रैमासिक समीक्षा में ब्याज दरें 0.50 फीसदी बढ़ा सकता है, वह आज मंगलवार को पूरी तरह हवाई निकली। रिजर्व बैंक ने उम्मीद के मुताबिक रेपो और रिवर्स रेपो दर में 0.25 फीसदी की वृद्धि कर दी है। अब तत्काल प्रभाव से रेपो दर 6.25 फीसदी से बढ़कर 6.5 फीसदी और रिवर्स रेपो दर 5.25 फीसदी से बढ़कर 5.50 फीसदी हो गईऔरऔर भी

शेयर बाजार के विशेषज्ञों का मानना है कि बीते सप्ताह मामूली सुधार के बाद 25 जनवरी को बहुप्रतीक्षित भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक से इस सप्ताह बाजार की दिशा निर्धारित होगी। रेपो व रिवर्स रेपो दर 0.25 फीसदी बढ़ सकती है, जबकि सीआरआर को 6 फीसदी पर यथावत रखे जाने की उम्मीद है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) में 21 जनवरी को समाप्त सप्ताह में उतार-चढ़ाव का रूख दिखाई पड़ा और सप्ताहांत में यह 0.77औरऔर भी

बाजार पूंजीकरण के लिहाज से देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) की बिक्री चालू वित्त वर्ष 2010-11 की तीसरी तिमाही में मात्र 6 फीसदी बढ़ी है, लेकिन शुद्ध लाभ में 28.1 फीसदी इजाफा हुआ है। शुक्रवार को घोषित नतीजों के अनुसार दिसंबर 2010 की तिमाही में आरआईएल ने एक्साइज समेत कुल 62,399 करोड़ रुपए की बिक्री हासिल की है, जो दिसंबर 2009 की तिमाही की बिक्री 58,848 करोड़ रुपए से 6 फीसदी ज्यादा है। इसऔरऔर भी

सुप्रीम कोर्ट ने 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले के संबंध में कैग की रिपोर्ट को कमतर आंकने वाले बयानों को लेकर दूरसंचार मंत्री कपिल सिब्बल की खिंचाई की है और उनसे जिम्मेदारीपूर्ण व्यवहार करने को कहा है। शुक्रवार को न्यायमूर्ति जी एस सिंघवी और न्यायमूर्ति ए के गांगुली की पीठ ने कहा ‘‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है। मंत्री को जिम्मेदारी का कुछ तो अहसास होना चाहिए।’’ न्यायालय ने सीबीआई को निर्देश दिया कि वह किसी के भी बयानों से प्रभावित हुएऔरऔर भी

देश भर में मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (एमएनपी) सेवाओं के शुरू होने के बाद करीब 6 से 7 फीसदी मोबाइल ग्राहक अपना ऑपरेटर बदल सकते हैं। विश्लेषकों ने यह राय जाहिर करते हुए कहा कि कुछ माह बाद ऑपरेटर बदलने का आंकड़ा स्थिर हो जाएगा। अनर्स्ट एंड यंग के पार्टनर और दूरसंचार उद्योग के विशेषज्ञ प्रशांत सिंघल ने समाचार एजेंसी ‘प्रेट्र’ से बातचीत के दौरान कहा, ‘‘पहले तीन से छह माह के दौरान ऑपरेटर बदलने का आंकड़ा अभीऔरऔर भी

सरकार ने आईटी और आईटीईएस, दूरसंचार व विमानन सेवाओं के निर्यातकों को दिए जा रहे प्रोत्साहन वापस लेने की घोषणा की है। इस कदम से देश के सेवा क्षेत्र के बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका है। भारत से सेवा योजना (एसएफआईएस) के तहत शुल्क क्रेडिट की पात्र सेवाओं की सूची को छोटा किया गया है। इसमें से कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों मसलन कंप्यूटर परामर्श सेवाएं, सॉफ्टवेयर क्रियान्वयन, डाटा प्रोसेसिंग और डाटाबेस सेवाओं को हटा दिया गया है।औरऔर भी

मध्य प्रदेश में अब पंचायत खातों से कैश विदड्रावल या नकद आहरण नहीं किया जा सकेगा। इन खातों में कोई भी भुगतान बैंक ड्राफ्ट, क्रॉस चेक या खाते से खाते में ट्रांसफर के माध्यम से ही होगा। राज्य के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव का कहना है कि इससे फर्जी आहरण और भुगतान में होने वाली गड़बड़ी पर रोक लगाई जा सकेगी उन्होंने बताया कि इस आशय के निर्देश पंचायतों के सभी मुख्य कार्यपालन अधिकारियोंऔरऔर भी