कोल इंडिया भारतीय पूंजी बाजार के लिए बहुत कुछ नया लेकर आई है। वह लिस्टिंग के बाद देश में बाजार पूंजीकरण के लिहाज से चौथी सबसे बड़ी कंपनी बन गई है। पहले दिन उसके शेयरों में आईपीओ के कुल आकार की 1.44 गुना ट्रेडिंग हुई। एनएसई और बीएसई के कैश सेमगेंट में इसके कुल 22,024.02 करोड़ रुपए का कारोबार हुआ है। इसमें से एनएसई में हुआ कारोबार 15,699.92 करोड़ रुपए और बीएसई में 6324.10 करोड़ रुपए काऔरऔर भी

रिजर्व बैंक ने बैंकों के होमलोन धंधे और बढ़ती प्रॉपर्टी कीमतों पर लगाम लगाने के नए कदम उठाए हैं। मंगलवार को पेश मौद्रिक नीति की दूसरी त्रैमासिक समीक्षा में उसने बैंकों को टीजर होमलोन देने से हतोत्साहित करने की भी कोशिश की है। इन कदमों का मसकद यही है कि कहीं बैंकों का उतावलापन भविष्य में उनकी परेशानी का सबब न बन जाए। सबसे पहले तो उसने तय कर दिया है कि कोई भी बैंक मकान कीऔरऔर भी

अपने मुंह मियां मिठ्ठू बनना आसान है। लेकिन अपने बारे में खबर लिखना बहुत मुश्किल है। खबर तो दूसरों को आपके बारे में लिखनी चाहिए। लेकिन आज की अगड़म-बगड़म और शोर-शराबे में खबर लिखनेवाले इतने उलझे हैं कि वे ज्यादा मिर्च, ज्यादा नमक और ज्यादा चीनी खाकर बेस्वाद हो चुकी जीभ को तर करनेवालों को भी मात देने लगे हैं। इसलिए अपनी खबर आप तक पहुंचाना मेरा फर्ज और मजबूरी दोनों बन जाता है। वैसे, भी आजऔरऔर भी

केंद्र सरकार जल्दी ही देश के लगभग पांच करोड़ परिवारों के वित्तीय समावेश का नया राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम स्वाभिमान शुरू करने जा रही है। यह जानकारी खुद वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने आर्थिक संपादकों के सम्मेलन में दी। सरकार की इस पहल की अहमियत इसलिए बढ़ जाती है क्योंकि इस समय अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों की 85,292 शाखाओं में से करीब 38 फीसदी शाखाएं ही ग्रामीण इलाकों में हैं। देश की महज 40 फीसदी आबादी के पास बैंक खातेऔरऔर भी

पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी ने बीमा कंपनियों के पूंजी बाजार में उतरने की राह खोल दी है। लेकिन उसके बोर्ड ने सोमवार को अपनी बैठक में कुछ ऐसी शर्तें तय कर दीं जिन्हें बीमा कंपनियों को अलग से पूरा करना होगा। साथ ही बोर्ड ने किसी भी आईपीओ (प्रारंभिक पब्लिक ऑफर) में रिटेल निवेशकों के लिए अब तक चली आ रही एक लाख रुपए निवेश की सीमा को बढ़ाकर दो लाख रुपए कर दिया है। इसकेऔरऔर भी

बीमा नियामक संस्था, आईआरडीए (इरडा) ने शुक्रवार, 22 अक्टूबर की रात से यूनिवर्सल लाइफ प्लान (यूएलपी) पर रोक लगा दी है। यह रोक फिलहाल 4 नवंबर को इरडा के अंतिम दिशानिर्देश आने तक जारी रहेगी। इरडा ने आनन-फानन में गुरुवार को बीमा कंपनियों को एक सर्कुलर भेजकर यह इत्तला दी है। लेकिन खुद इरडा ने ही करीब साल भर पहले 80 फीसदी कमीशन वाले रिलायंस लाइफ के यूएलपी – रिलायंस सुपर इनवेस्टमेंट प्लान को मंजूरी थी। इसकेऔरऔर भी

कोल इंडिया का आईपीओ 15.28 गुना सब्सक्राइब हुआ है। उसने भारतीय पूंजी बाजार का नया इतिहास रच दिया है। नया रिकॉर्ड बना दिया है। इश्यू से जुटाए जाने थे करीब 15,500 करोड़ रुपए, लेकिन निवेशकों ने लगा दिए हैं 2.37 लाख करोड़ रुपए। सभी ने इसमें बढ-चढ़कर निवेश किया। क्यूआईबी (क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल खरीदार) का हिस्सा 24.7 गुना तो एचएनआई (हाई नेटवर्थ इंडीविजुअल) का हिस्सा 25.4 गुना सब्सक्राइब हुआ। यहां तक कि रिटेल निवेशकों के लिए रखा गयाऔरऔर भी

चीन के केंद्रीय बैंक ने करीब तीन साल बाद पहली बार ब्याज दरें बढ़ाकर सबको चौंका दिया है। वहां 20 अक्टूबर, बुधवार से एक साल की जमा और कर्ज पर ब्याज की दर 0.25 फीसदी बढ़ जाएगी। यह कदम मुद्रास्फीति और विभिन्न आस्तियों के बढ़ते दामों पर काबू पाने के लिए उठाया गया है। अभी वहां एक साल के जमा पर ब्याज की दर 2.25 फीसदी है जो अब 2.50 फीसदी हो जाएगी। इसी तरह एक सालऔरऔर भी

केंद्र सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में करीब 8700 करोड़ रुपए का नया निवेश करेगी। यह रकम इक्विटी के रूप में होगी। सरकार से इतनी रकम मिल जाने के बाद ये बैंक पूंजी बाजार से भी और रकम जुटा सकते हैं क्योंकि उनके सामने शर्त है कि उनकी इक्विटी में सरकार की हिस्सेदारी किसी भी सूरत में 51 फीसदी से कम नहीं होनी चाहिए। वित्त मंत्रालय के एक शीर्ष अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। वित्तऔरऔर भी

सरकार कोल इंडिया में अपनी दस फीसदी हिस्सेदारी बेचकर पूंजी बाजार से लगभग 15,500 करोड़ रुपए जुटाएगी। उसका आईपीओ 18 अक्टूबर को खुलेगा और 21 अक्टूबर तक खुला रहेगा। आईपीओ में मूल्य का दायरा 225 रुपए से 245 रुपए तय किया गया है। केंद्र सरकार इस आईपीओ के जरिए कोल इंडिया के कुल 63.16 करोड़ शेयर बेचेगी। इस तरह मूल्य दायरे के हिसाब से उसे 14,211 करोड़ रुपए से लेकर 15,474 करोड़ रुपए मिल सकते हैं। यहऔरऔर भी