वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने भारतीय रिजर्व बैंक के ताजा नीतिगत कदमों का स्वागत करते हुए कहा है कि ये कदम सरकार की नीतियों के अनुकूल हैं और इससे महंगाई के दबाव से लड़ने में मदद मिलेगी। साथ ही बैंकों से बाजार में काम धंधे के लिए कर्ज भी सुलभ बना रहेगा। रिजर्व बैंक ने अपनी मौद्रिक नीति की तिमाही समीक्षा में अल्पकालिक ब्याज दरें 0.25 प्रतिशत बढा दी हैं। पर बैंकों पर लागू नकद आरक्षित अनुपातऔरऔर भी

बैंकों के प्रमुखों का कहना है कि रिजर्व बैंक ने मुद्रास्फीति पर शिकंजा कसने के लिए अल्पकालिक दरों में जो 0.25 फीसदी की वृद्धि की है, उससे होम, ऑटो और कंपनी ऋण पर ब्याज दरों में तत्काल वृद्धि नहीं होगी। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के कार्यकारी निदेशक एस सी कालिया ने कहा कि नीतिगत दर में वृद्धि ब्याज दरों में इजाफे का संकेत है लेकिन बैंक जल्दबाजी में दरों में कोई वृद्धि नहीं करेगा। उन्होंने कहा, ‘‘ब्याजऔरऔर भी

कल अचानक जिस तरह की कयासबाज़ी बढ़ गई थी कि रिजर्व बैंक मौद्रिक नीति की तीसरी त्रैमासिक समीक्षा में ब्याज दरें 0.50 फीसदी बढ़ा सकता है, वह आज मंगलवार को पूरी तरह हवाई निकली। रिजर्व बैंक ने उम्मीद के मुताबिक रेपो और रिवर्स रेपो दर में 0.25 फीसदी की वृद्धि कर दी है। अब तत्काल प्रभाव से रेपो दर 6.25 फीसदी से बढ़कर 6.5 फीसदी और रिवर्स रेपो दर 5.25 फीसदी से बढ़कर 5.50 फीसदी हो गईऔरऔर भी

शेयर बाजार के विशेषज्ञों का मानना है कि बीते सप्ताह मामूली सुधार के बाद 25 जनवरी को बहुप्रतीक्षित भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक से इस सप्ताह बाजार की दिशा निर्धारित होगी। रेपो व रिवर्स रेपो दर 0.25 फीसदी बढ़ सकती है, जबकि सीआरआर को 6 फीसदी पर यथावत रखे जाने की उम्मीद है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) में 21 जनवरी को समाप्त सप्ताह में उतार-चढ़ाव का रूख दिखाई पड़ा और सप्ताहांत में यह 0.77औरऔर भी

बाजार पूंजीकरण के लिहाज से देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) की बिक्री चालू वित्त वर्ष 2010-11 की तीसरी तिमाही में मात्र 6 फीसदी बढ़ी है, लेकिन शुद्ध लाभ में 28.1 फीसदी इजाफा हुआ है। शुक्रवार को घोषित नतीजों के अनुसार दिसंबर 2010 की तिमाही में आरआईएल ने एक्साइज समेत कुल 62,399 करोड़ रुपए की बिक्री हासिल की है, जो दिसंबर 2009 की तिमाही की बिक्री 58,848 करोड़ रुपए से 6 फीसदी ज्यादा है। इसऔरऔर भी

साल 2010 में दुनिया भर के विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) 1122 अरब डॉलर का आधे से अधिक हिस्सा विकासशील देशों में आया है। ऐसा पहली बार हुआ है जब विकासशील देशों में विकसित देशों से अधिक एफडीआई आया है। अंकटाड की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि जहां सिंगापुर, हांगकांग, चीन, इंडोनेशिया, मलयेशिया और वियतनाम में एफडीआई में वृद्धि हुई, वहीं भारत में इसके प्रवाह में कमी आने से दक्षिण एशिया में एफडीआई में 14% कीऔरऔर भी

पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी ने अनिल अंबानी व उनके चार सहयोगियों – सतीश सेठ, एस सी गुप्ता, ललित जालान और जे पी चलसानी से कुल 50 करोड़ रुपए लेकर विदेशी वाणिज्यिक उधार (ईसीबी) और एफसीसीबी (विदेशी मुद्रा परिवर्तनीय बांडों) से जुटाई गई राशि के दुरुपयोग के आरोप से मुक्त कर दिया है। सेबी ने शुक्रवार को जारी एक कन्सेंट ऑर्डर के तहत ऐसा किया है। इसमें अनिल अंबानी व उनके सहयोगियों ने न तो आरोप कोऔरऔर भी

चालू वित्त वर्ष 2010-11 में 31 अक्‍टूबर तक के सात महीनों में देश भर में बैंकों व वित्तीय संस्थाओं द्वारा 2,28,884 करोड़ रुपए का कृषि‍ ऋण दि‍या जा चुका है। वि‍त्‍त वर्ष में अभी तीन माह बाकी हैं और पि‍छले दो महीनों के आंकड़ों का संकलन कि‍या जाना है। इस आधार पर कृषि क्षेत्र को 3,75,000 करोड़ रुपए बतौर ऋण देने का लक्ष्‍य पार हो जाने की संभावना है। पिछले वित्त वर्ष 2009-10 में 3,84,514 करोड़ काऔरऔर भी

इनफोसिस से यौन उत्पीड़न के आरोप में निकाले गए फणीश मूर्ति की कंपनी आईगेट ने आखिरकार उस पटनी कंप्यूटर सिस्टम्स को खरीद लिया जिसमें कभी इनफोसिस के संस्थापक नारायण मूर्ति काम किया करते थे। पटनी कंप्यूटर के अधिग्रहण का यह सौदा 122 करोड़ डॉलर (5543.68 करोड़ रुपए) में हुआ है। अमेरिका आधारित कंपनी आईगेट के सीईओ फणीश मूर्ति ने बैंगलोर में एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि उनकी कंपनी पटनी कंप्यूटर के तीन संस्थापकों – नरेंद्र पटनी,औरऔर भी

पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी ने निवेशकों को चेतावनी दी है कि सहारा समूह की दो कंपनियां उसकी मंजूरी के बिना ही लोगों से धन जुटाती रही हैं और अगर निवेश के साथ कुछ कुछ उंच-नीच होता है तो सेबी उस समय उनकी शिकायतों का निवारण नहीं कर सकेगी। सेबी ने शुक्रवार को जारी एक सार्वजनिक नोटिस में कहा कि सहारा इंडिया रीयल एस्टेट कॉरपोरेशन और सहारा हाउसिंग इनवेस्टमेंट कॉरपोरेशन के निवेशकों को अपने खुद के जोखिमऔरऔर भी