भारत में अटकलें चल ही रही हैं कि रिजर्व बैंक सिस्टम में तरलता बढ़ाने की खातिर बैंकों के लिए तय नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) में कटौती कर सकता है कि चीन के केंद्रीय बैंक ने इससे पहले ही अचानक इस रिजर्व अनुपात (आरआरआर) में कमी कर सारी दुनिया को चौंका दिया। चीन ने दिसंबर 2008 के बाद पहली बार रिजर्व अनुपात में 0.50 फीसदी की कमी की है। बता दें कि चीन भी कम आर्थिक विकास दरऔरऔर भी

भारती एयरटेल ने अफ्रीका में 5 करोड़ से ज्यादा मोबाइल ग्राहक हासिल कर लिए हैं। कंपनी ने बुधवार को आधिकारिक तौर पर यह जानकारी दी। बता दें कि अफ्रीका में ग्राहकों को यह आधार उसे कुवैती टेलिकॉम कंपनी ज़ैन के अफ्रीकी कारोबार के अधिग्रहण से हासिल हुआ है। जून 2010 में उससे यह सौदा करीब 900 करोड़ डॉलर में किया था जिससे अफ्रीका के 15 देशों में उसकी पहुंच बन गई है। भारती एयरटेल इस समय एशियाऔरऔर भी

देश की सबसे बड़ी और एकमात्र सरकारी जीवन बीमा कंपनी, एलआईसी (भारतीय जीवन बीमा निगम) के 55 साल के इतिहास में शायद यह पहली बार हुआ है कि उसे बीमा नियामक संस्था, आईआरडीए (इरडा) की लताड़ खानी पड़ी है। इरडा ने मृत्यु दावों में लेटलतीफी के खिलाफ एलआईसी को कारण बताओ नोटिस जारी किया था जिस पर उसने 17 अक्टूबर को एलआईसी के कार्यवाहक चेयरमैन डी के मेहरोत्रा व कार्यकारी निदेशक के गणेश के साथ आमने-सामने बातऔरऔर भी

पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी ने शेयर बाजार में अल्गोरिदम ट्रेडिंग को बैन करने की किसी भी संभावना से इनकार किया है। लेकिन इससे जुड़े उत्पादों के तेजी से बढ़ने पर वो चिंतित जरूर है। सेबी के चेयरमैन यू के सिन्हा मे मंगलवार को मुंबई में उद्योग संगठन सीआईआई और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सिक्यूरिटीज मार्केट्स (एनआईएसएम) द्वारा पूंजी बाजार पर आयोजित एक समारोह में यह बात कही। उन्होंने अलग से मीडिया से बात करते हुए कहा, “सेबीऔरऔर भी

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सहारा समूह को फौरी राहत दे दी। उसने सिक्यूरिटीज अपीलीय ट्राइब्यूनल (सैट) के 18 अक्टूबर 2011 के उस आदेश पर स्टे दे दिया जिसमें सहारा समूह की दो कंपनियों – सहारा इंडिया रीयल एस्टेट (वर्तमान नाम, सहारा कमोडिटी सर्विसेज) और सहारा हाउसिंग इनवेस्टमेंट कॉरपोरेशन को ओएफसीडी (ऑप्शनी फुली कनर्टिबल डिबेंचर) इश्यू के 2.3 करोड़ निवेशकों को छह हफ्ते के भीतर उनके द्वारा जमा कराए गए करीब 17,400 करोड़ रुपए लौटाने को कहाऔरऔर भी

देश की औद्योगिक रफ्तार में आती कमी और डॉलर के मुकाबले रुपए की कमजोरी के बीच विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने भारतीय शेयर बाजार के बैरोमीटर, बीएसई-सेसेक्स की 30 में से 19 कंपनियों में सितंबर 2011 की तिमाही के दौरान अपना निवेश घटा है। जिन कंपनियों में एफआईआई का निवेश स्तर कम हुआ है, उनमें रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा मोटर्स और भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) शामिल हैं। बीएसई व एनएसई पर उपलब्ध ताजा जानकारी के अनुसार जून सेऔरऔर भी

विदेश में बसे भारतीयों ने बीते वित्त वर्ष 2010-11 के दौरान देश में 56 अरब डॉलर की रकम भेजी है। यह इससे पिछले साल की तुलना में दो अरब डॉलर अधिक है। प्रवासी भारतीय मामलों के मंत्री वायलार रवि ने शुक्रवार को राजधानी दिल्ली में खाड़ी क्षेत्र के मिशन प्रमुखों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि देश में 2010-11 में 55.9 अरब डॉलर की विदेशी मुद्रा विदेश में बसे भारतीयों नेऔरऔर भी

पिछले दो हफ्तों में रेणुका शुगर्स के शेयर 40 फीसदी से ज्यादा सिर्फ इसलिए नहीं टूटे कि उसे सितंबर 2011 की तिमाही में 57.30 करोड़ रुपए का घाटा हुआ है, बल्कि इसलिए भी टूटे हैं क्योंकि प्रवर्तकों ने कंपनी में अपनी 38.06 फीसदी इक्विटी हिस्सेदारी का 42.03 फीसदी भाग गिरवी रखा हुआ है। लेकिन ब्रोकरेज फर्म एसएमसी ग्लोबल सिक्यूरिटीज के ताजा अध्ययन से खुलासा हुआ है कि ऐसी कुल 748 कंपनियां हैं जिनके प्रवर्तकों ने अपने शेयरऔरऔर भी

कल तक हमारे वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी कह रहे थे कि रुपए की हालत विदेशी वजहों से बिगड़ी है और रिजर्व बैंक के हस्तक्षेप से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। लेकिन आज शेयर बाजार को लगे तेज झटके से वे ऐसा सहम गए कि बाकायदा बयान जारी कर डाला कि, “रिजर्व बैंक रुपए की हालत पर बारीक निगाह रखे हुए हैं। मुझे यकीन है कि जो भी जरूरी होगा, रिजर्व बैंक करेगा।” यही नहीं, उन्होंने कहा कि डेरिवेटिवऔरऔर भी

अगले साल अप्रैल से चेक, ड्राफ्ट, पे ऑर्डर या बैंकर्स चेक की वैधता अवधि घटाकर तीन महीने कर दी गई है। रिजर्व बैंक ने मंगलवार को बैकों को जारी एक निर्देश में यह जानकारी है। यूं तो यह निर्देश को-ऑपरेटिव बैंकों के प्रमुखों को ही संबोधित है, लेकिन इसके संदेश से कहीं साफ नहीं होता कि यह केवल राज्य व केंद्रीय को-ऑपरेटिव बैंकों पर ही लागू होगा। बता दें कि इस समय इन सभी प्रपत्रों की वैधताऔरऔर भी