अभी कल तक बड़े-बड़े विद्वान कह रहे थे कि जनवरी माह में थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति की दर 8.5 फीसदी रहेगी। लेकिन, आज सोमवार को घोषित दर 8.23 फीसदी रही है जो इससे पहले के महीने दिसंबर की मुद्रास्फीति दर 8.43 फीसदी से कम है। अर्थशास्त्री कह रहे थे कि खाने-पीने की चीजों के ज्यादा दाम और पेट्रोल के महंगा होने से मुद्रास्फीति बढ़ जाएगी। लेकिन हकीकत में गेहूं, दाल व चीनी जैसे जिंसों केऔरऔर भी

अपने अलग विचारों के लिए अक्सर विवादों में घिरे रहनेवाले पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने एक नया विवादास्पद बयान दिया है। उनका कहना है कि अगर आर्थिक तरक्की के कारण पर्यावरण को पहुंचे नुकसान को गिना जाए तो देश की आर्थिक वृद्धि दर आठ या नौ फीसदी नहीं, बल्कि साढ़े पांच से छह फीसदी के बीच आंकी जाएगी। रमेश की इस टिप्पणी से पहले वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने बीते सोमवार कहा था कि वित्त वर्ष 2009-10औरऔर भी

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को आश्वासन दिया है कि विदेशी बैंकों में काला धन जमा करनेवाले लोगों के खिलाफ औपचारिक तौर पर मामला दर्ज किए जाने के बाद वह उन सभी लोगों के नाम सार्वजनिक कर देगी। न्यायमूर्ति बी सुदर्शन रेड्डी की अध्यक्षता वाली पीठ के सामने पेश होते हुए सॉलिसिटर जनरल गोपाल सुब्रमण्यम ने कहा कि सरकार ने विदेशी बैंकों में काला धन जमा करने के आरोपियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिए हैंऔरऔर भी

शेयर बाजार को सायास गिराने में लगे लोग भले ही यह बात न मानें। लेकिन सच यही है कि अर्थव्यवस्था से सकारात्मक संकेत आने शुरू हो गए हैं। सबसे बड़ा संकेत यह है कि खाद्य वस्तुओं के थोक मूल्यों पर आधारित मुद्रास्फीति की दर 29 जनवरी को समाप्त सप्ताह में करीब चार फीसदी की भारी गिरावट के साथ 13.07 फीसदी पर आ गयी है। ठीक इससे पहले के सप्ताह यह 17.05 फीसदी थी। सात हफ्ते में खाद्यऔरऔर भी

चालू वित्त वर्ष के दौरान देश की आर्थिक वृद्धि 8.6 फीसदी रहने के अनुमान से उत्साहित मुख्य आर्थिक सलाहकार कौशिक बसु ने कहा है कि अगले वित्त वर्ष में नौ फीसदी आर्थिक वृद्धि का लक्ष्य संभव लगता है। बसु ने सोमवार को दिल्ली में संवाददाताओं से कहा, ‘‘हालांकि पूरी दुनिया का आर्थिक परिदृश्य ठीक-ठाक लग रहा है, लेकिन अब भी अनिश्चितता के बादल दिखते हैं। इसलिए अगले वित्त वर्ष के दौरान देश की आर्थिक वृद्धि की उम्मीदऔरऔर भी

लेफ्ट पार्टियों ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) और एक निजी कंपनी के बीच हुए करार को ‘नया घोटाला’ करार दिया है और इस मामले की गंभीरता से जांच किए जाने की मांग की है। खबरों के मुताबिक इसरो ने बिना कोई निविदा प्रक्रिया अपनाए एस-बैंड का दुर्लभ स्पेक्ट्रम एक निजी कंपनी को आवंटित कर दिया है। सीपीएम के पॉलित ब्यूरो सदस्य सीताराम येचुरी ने राजधानी दिल्ली में संवाददाताओं के बताया, “यह एक नया मसला है। इसरोऔरऔर भी

कृषि उत्पादन बढ़ने से उत्साहित सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 8.6 फीसदी रहने का अनुमान व्यक्त किया है। इससे पिछले साल देश की आर्थिक वृद्धि दर आठ फीसदी थी। केन्द्रीय सांख्यिकीय संगठन (सीएसओ) की तरफ से सोमवार को जारी अग्रिम आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2010-11 में कृषि क्षेत्र की वृद्धि दर 5.4 फीसदी रहने की संभावना है, जबकि इससे पिछले साल यह मात्र 0.4 फीसदी रही थी। सीएसओ ने इसके आधार पर देशऔरऔर भी

भारतीय रेल ने देश में बायो-डीजल के चार संयंत्र लगाने की तैयारी की है। रेलवे की ओर से बायो-डीजल के लिए यह सबसे बड़ी पहल होगी जिसमें करीब 120 करोड़ रुपए खर्च आने का अनुमान है। रेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दो बायो-डीजल कारखाने अगले दो साल में रायपुर और चेन्नई में स्थापित किए जाएंगे, जबकि अन्य दो संयंत्र इसके बाद स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि प्रत्येक संयंत्र की स्थापना पर करीबऔरऔर भी

महंगाई खासकर खाद्य मुद्रास्फीति ने सरकार को परेशान करके रख दिया है। इतना परेशान कि वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी झल्लाकर बोले कि मुद्रास्फीति को वश में करने के उपाय किए गए हैं, लेकिन सरकार के पास कोई जादुई चिराग नहीं है कि वह इसे फौरन नीचे ले आए। दूसरी तरफ प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इसकी जिम्मेदारी केंद्र से हटाकर राज्यों पर डालने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि महंगाई को काबू में रखने के लिए राज्योंऔरऔर भी

प्याज के साथ-साथ अब फाइबर, खनिज, पेट्रोल, एलपीजी और डीजल भी महंगाई में पलीता लगाने लग गए हैं। सरकार के ताजा आंकड़ों के अनुसार 22 जनवरी 2011 को समाप्त सप्ताह में प्याज की थोक कीमतें साल भर पहले की तुलना में जहां 130.41 फीसदी बढ़ी हैं, वहीं फाइबर 47.13 फीसदी, खनिज 16.70 फीसदी, पेट्रोल 30.75 फीसदी, एलपीजी 14.99 फीसदी और डीजल के दाम 14.71 फीसदी बढ़ गए हैं। कुल मिलाकर 22 जनवरी को खत्म हफ्ते में खाद्यऔरऔर भी