चीज हमारी आंखों के सामने रहती है, पहुंच में रहती है, फिर भी नहीं दिखती क्योंकि हमें उसके होने का भान ही नहीं होता। भान होता भी है तो उसे गलत जगह खोजते रहते हैं। कस्तूरी कुंडलि बसय, मृग ढूंढय बन मांहि।और भीऔर भी

स्थिरता आभासी है। होती नहीं, दिखती है। इस समूची सृष्टि में स्थिरता जैसी कोई चीज नहीं है। सब कुछ चल रहा है। बन रहा है या मिट रहा है। ठहर गए तो समझिए कि हम अपनी उल्टी गिनती खुद शुरू कर रहे हैं।और भीऔर भी

अनिल अंबानी की तमाम कंपनियों के शेयर आज सुप्रीम कोर्ट के फैसले की आंधी के शिकार हो गए। आरएनआरएल का शेयर बीएसई में 22.82 फीसदी गिरकर 52.75 रुपए पर बंद हुआ, लेकिन दिन में 50 रुपए पर जाकर 52 हफ्ते की तलहटी पर भी पहुंच गया। यही हाल एनएसई में भी रहा। 23.77 फीसकी की गिरावट के साथ बंद हुआ 52.10 रुपए पर लेकिन 49.75 के न्यूनतम स्तर पर जाकर। जानकारों के मुताबिक यही माकूल वक्त हैऔरऔर भी

रिलायंस नेचुरल रिसोर्सेज (आरएनआरएल) के चेयरमैन अनिल अंबानी ने कहा कि वे रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) के साथ गैस विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं और इस पर पुनर्विचार याचिका दाखिल करने की कंपनी की कोई योजना नहीं है। दोपहर करीब ढाई बजे उन्होंने एक कॉन्फ्रेंस कॉल में अपना लिखित बयान पढ़कर सुनाया। उन्होंने कहा – हम समझते हैं कि सुप्रीम कोर्ट ने गैस सप्लाई करार पर दिशानिर्देश देकर आरएनआरएल के 25 लाख सेऔरऔर भी

सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार 18 दिसंबर 2009 से रुका हुआ फैसला शुक्रवार 7 मई 2010 को आ गया। कोर्ट की तीन सदस्यीय खंडपीठ ने दो-एक के बहुमत से रिलायंस इंडस्ट्रीज के हक में फैसला सुनाया है। उसका कहना है कि गैस जब तक ग्राहक तक नहीं पहुंचती, तब तक वह पूरी तरह जनता का नुमाइंदा होने के कारण सरकार की है। किन्हीं भी दो पक्षों या परिवारों के बीच हुआ एमओयू (आपसी करार) कोई कानूनी वैधता नहींऔरऔर भी

चिढ़ना और खीझना छींकने और खांसने जैसी आम बात है। लेकिन चिढ़चिढ़ापन जब आपके स्वभाव का स्थाई भाव बन जाए तब जरूर सोचिए कि आपने अंदर और बाहर के किन तारों को अनसुलझा रख छोड़ा है।और भीऔर भी

टेलिकॉम टावर के कारोबार में सक्रिय कंपनी जीटीएल इंफ्रास्ट्रक्चर के शेयरों ने गुरुवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) में धमाल मचा दिया, जब एक्सचेंज में उसके 51.65 लाख शेयरों का रिकॉर्ड कारोबार हुआ। यह संख्या चौंकानेवाली है क्योंकि पिछले दो हफ्तों में वहां इसका औसत कारोबार 14.26 लाख शेयरों का रहा है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) में इसने पहले से ही पटाखा फोड़ रखा है। बुधवार को एनएसई में इसके 64.05 लाख शेयरों के सौदे हुए जिसमेंऔरऔर भी

हमारा कंपनी अधिनियम किसी कंपनी मे स्वतंत्र निदेशकों की नियुक्ति के बारे में कुछ नही कहता। लेकिन लिस्टिंग समझौते के अनुच्छेद-49 के अनुसार स्टॉक एक्सचेंजों में सूचीबद्ध हर कंपनी को अपने बोर्ड में स्वतंत्र निदेशकों को रखना जरूरी है। फिर भी स्टॉक एक्सचेंजों में सूचीबद्ध 130 कंपनियों ने इस नियम का पूरी तरह पालन नहीं किया है। इसमें से 83 कंपनियां बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) की हैं तो 47 कंपनियां नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) की। यह जानकारीऔरऔर भी

मुद्रास्फीति की दर में गिरावट का सिलसिला शुरू हो गया है। खाद्य पदार्थों की मुद्रास्फीति 24 अप्रैल को खत्म हफ्ते में 16.04 फीसदी रही है, जो इसके ठीक पहले 16 अप्रैल के हफ्ते में 16.61 फीसदी थी। इस बीच केंद्र सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार कौशिक बसु ने अनुमान जताया है कि थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति की दर अगले तीन महीनों में घटकर 6-7 फीसदी पर आ सकती है और फिलहाल विदेश से आनेवाली पूंजीऔरऔर भी

सेबी एक्ट 1992 के अनुच्छेद 15-ए के अनुसार अगर कोई व्यक्ति इस पूंजी नियामक संस्था की तरफ से मांगी गई जानकारी या दस्तावेज मुकर्रर तारीख पर नहीं उपलब्ध कराता तो उस पर हर दिन की देरी पर एक लाख रुपए रोजाना की दर से जुर्माना लगाया जा सकता है। इस जुर्माने की कुल रकम अधिकतम एक करोड़ रुपए हो सकती है। लेकिन जुर्माना तय करते समय सेबी का न्यायिक अधिकारी अनुच्छेद 15-जे को भी ध्यान में रखताऔरऔर भी