केंद्रीय वित्‍त मंत्री प्रणव मुखर्जी मंगलवार को संसद के शीत सत्र के पहले दिन खुद की पहल पर लोकसभा को मुद्रास्फीति का गणित समझाते नजर आए। उन्होंने सांसदों को समझाया कि मुद्रास्‍फीति मांग और आपूर्ति में असंतुलन के कारण पैदा होती है। तेजी से होने वाली आर्थिक वृद्धि और ढांचागत परिवर्तन के दौर में, जिससे इस समय भारत गुजर रहा है, मुद्रास्‍फीति का बढ़ना स्‍वाभाविक है। उन्‍होंने कहा कि हमने सभी उभरती हुई अर्थव्‍यवस्‍थाओं में इसे होतेऔरऔर भी

भारतीय कंपनियों ने इस कैलेंडर वर्ष 2011 में अब तक करीब 30 अरब डॉलर विदेशी वाणिज्यिक उधार (ईसीबी) से जुटाए हैं। भारतीय मुद्रा में यह कर्ज लगभग 1.50 लाख करोड़ रुपए का बैठता है। लेकिन जनवरी से अब तक डॉलर के सापेक्ष रुपए के 18 फीसदी कमजोर हो जाने से कंपनियों पर इस कर्ज का बोझ 5.40 अरब डॉलर या 27,000 करोड़ रुपए बढ़ गया है। ब्रोकरेज फर्म एसएमसी ग्लोबल सिक्यूरिटीज के रिसर्च प्रमुख व रणनीतिकार जगन्नाधमऔरऔर भी

सरकार अब भी कहे जा रही है कि वित्त वर्ष 2011-12 के लिए तय विनिवेश लक्ष्य को पूरा कर लिया जाएगा। वित्त सचिव आर एस गुजराल ने मंगलवार को आगरा में ड्रग्स के खिलाफ कार्यरत एशिया-प्रशांत देशों की राष्ट्रीय एजेंसियों के प्रमुखों के सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए कहा, “ इस साल के लिए तय 40,000 करोड़ के विनिवेश लक्ष्य को छोड़ने की कोई वजह नहीं है। कई तरह के विकल्प हैं और कई किस्म के विकल्पोंऔरऔर भी

देश का बढ़ता व्यापार घाटा, विदेशी पूंजी की कम आवक, नतीजतन चालू खाते का बढ़ जाना, ऊपर से पेट्रोलियम तेल रिफाइनिंग व आयात पर निर्भर दूसरी कंपनियों में डॉलर खरीदने के लिए मची मारीमारी ने मंगलवार को डॉलर के सामने रुपए को ऐतिहासिक कमजोरी पर पहुंचा दिया। सुबह-सुबह एक डॉलर 52.73 रुपए का हो गया। रिजर्व बैंक की संदर्भ दर भी 52.70रुपए प्रति डॉलर रखी गई थी। हालांकि शाम तक रुपए की विनिमय दर में थोड़ा सुधारऔरऔर भी

बाजार में इस कदर आंधी आई हुई है कि बड़े-बड़े शेयर औंधे मुंह गिरे पड़े हैं। कल हर मिनट कोई न कोई स्टॉक टपक कर गिरता गया। एनडीटीवी 36.30 रुपए, बीएजी फिल्म्स 4.36 रुपए, मुक्ता आर्ट्स 30.50 रुपए, 3आई इनफोटेक 18.45 रुपए, सुज़लॉन एनर्जी 21.10 रुपए, रामसरूप इंडस्ट्रीज 7 रुपए, बारट्रॉनिक्स 42.60 रुपए, आरकॉम 69.50 रुपए, जीटीएल इंफ्रा 8.30 रुपए, इंडियाबुल्स सिक्यूरिटीज 6.79 रुपए, जेएसडब्ल्यू एनर्जी 39.35 रुपए, एसकेएस माइक्रो फाइनेंस 116.30 रुपए, मॉयल 222 रुपए वऔरऔर भी

समय के साथ होड़ लेने का दावा करना शुद्ध दंभ के सिवा कुछ नहीं। समय के साथ हम संगत बैठा लें, यही काफी है। यह भी हर किसी के बूते में नहीं। बिरले ही इसे हासिल कर पाते हैं, भारी साधना के बाद।और भीऔर भी

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को उस याचिका को स्वीकार करने से इनकार कर दिया जिसमें पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी के चेयरमैन के पद पर यू के सिन्हा की नियुक्ति को चुनौती दी गई है। यह याचिका भारतीय वायुसेना के पूर्व प्रमुख एस कृष्णास्वामी, रिटायर्ड आईपीएस अफसर जुलियो रिबेरो और सीबीआई के पूर्व निदेशक बी आर लाल की तरफ से दायर की गई है। याचिका पर गौर करते हुए मुख्य न्यायाधीश एस एच कापड़िया की पीठ नेऔरऔर भी

रुपए में कमजोरी का सिलसिला जारी है। डॉलर के सापेक्ष उसकी विनियम दर सोमवार को दोपहर तीन बजे के आसपास 1/52 रुपए से नीचे चली गई। 5 मार्च 2009 के बाद पहली बार रुपया इतना नीचे गिरा है। शाम पांच बजे तक एमसीएक्स एसएक्स में एक डॉलर की दर 52.27 रुपए हो गई, वहीं दिसंबर फ्यूचर्स का भाव 52.50 रुपए रहा है। अगर बाजार की मानें तो जून 2012 तक डॉलर/रुपए की विनिमय दर 53.20 रुपए होऔरऔर भी

खरबपति निवेशक वॉरेन बफेट का कहना है कि यूरोप के ऋण संकट ने 17 सदस्यीय यूरोज़ोन की बुनियादी कमजोरी को उजागर किया है और महज बयानबाजी व घोषणाओं ने इसे नहीं सुलझाया जा सकता। सोमवार को जापान के दौरे के पहले बफेट ने सीएनबीसी से हुई बातचीत में कहा, “यह यूरो सिस्टम की प्रमुख व बुनियादी गड़बड़ी है। मैं जानता हूं कि अभी जो व्यवस्था चल रही है, उसमें बड़ी खामी है और यह खामी महज शब्दोंऔरऔर भी

एशिया-प्रशांत क्षेत्र की राष्‍ट्रीय मादक द्रव्‍य कानून प्रवर्तन एजेंसि‍यों के प्रमुखों की 35वीं बैठक मंगलवार, 22 नवंबर से आगरा में शुरू हो रही है। यह बैठक 25 नवंबर तक चलेगी। बैठक का आयोजन भारत सरकार की तरफ से सेन्‍ट्रल ब्‍यूरो ऑफ नारकोटि‍क्‍स, ग्‍वालि‍यर द्वारा संयुक्‍त राष्‍ट्र मादक द्रव्‍य और अपराध कार्यालय (यूएनओडीसी) के सहयोग से कि‍या जा रहा है। भारत में यह बैठक दूसरी बार हो रही है। पिछली बार 28 साल पहले दिल्ली में यह बैठकऔरऔर भी