ड्रग्स पर एशिया-प्रशांत देशों की बैठक आगरा में

एशिया-प्रशांत क्षेत्र की राष्‍ट्रीय मादक द्रव्‍य कानून प्रवर्तन एजेंसि‍यों के प्रमुखों की 35वीं बैठक मंगलवार, 22 नवंबर से आगरा में शुरू हो रही है। यह बैठक 25 नवंबर तक चलेगी। बैठक का आयोजन भारत सरकार की तरफ से सेन्‍ट्रल ब्‍यूरो ऑफ नारकोटि‍क्‍स, ग्‍वालि‍यर द्वारा संयुक्‍त राष्‍ट्र मादक द्रव्‍य और अपराध कार्यालय (यूएनओडीसी) के सहयोग से कि‍या जा रहा है। भारत में यह बैठक दूसरी बार हो रही है। पिछली बार 28 साल पहले दिल्ली में यह बैठक 1983 में हुई थी।

बैठक का मकसद ड्रग्स के अवैध उत्पादन व तस्करी से कारगर तरीके से निपटने और उप-क्षेत्रीय व क्षेत्रीय स्‍तर पर कार्रवाई में ज्‍यादा समन्‍वय लाने के तरीके निकालना है। माना जा रहा है कि राष्‍ट्रीय मादक द्रव्‍य कानून प्रवर्तन एजेंसि‍यों के प्रमुखों के मिलने से ड्रग्स के बढ़ते जाल को तोड़ने में मदद मिलेगी।

वि‍त्‍त सचि‍व आर एस गुजराल मंगलवार को इस बैठक का उद्घाटन करेंगे। एशि‍या-प्रशान्‍त क्षेत्र के सदस्‍य देशों, एशि‍या व प्रशान्‍त आर्थि‍क व सामाजि‍क आयोग, संयुक्‍त राष्‍ट्र और सरकारी संगठनों से आने वाले लगभग 100 भागीदार इस बैठक में शिरकत करेंगे। इन बैठकों की शुरुआत 1974 में संयुक्त राष्ट्र आर्थिक व सामाजिक परिषद की तरफ से की गई थी। आम तौर पर हर साल इसका आयोजन होता है।

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