यूरोप का संकट बुनियादी खामी का नतीजा: बफेट

खरबपति निवेशक वॉरेन बफेट का कहना है कि यूरोप के ऋण संकट ने 17 सदस्यीय यूरोज़ोन की बुनियादी कमजोरी को उजागर किया है और महज बयानबाजी व घोषणाओं ने इसे नहीं सुलझाया जा सकता। सोमवार को जापान के दौरे के पहले बफेट ने सीएनबीसी से हुई बातचीत में कहा, “यह यूरो सिस्टम की प्रमुख व बुनियादी गड़बड़ी है। मैं जानता हूं कि अभी जो व्यवस्था चल रही है, उसमें बड़ी खामी है और यह खामी महज शब्दों से दूर नहीं की जा सकती।”

दुनिया में मूल्य-गर्भित खरीद के इस महारथी निवेशक का कहना है कि उन्हें नहीं पता कि दो साल पहले ग्रीस से शुरू हुआ और अभी तक जारी यूरोपीय देशों का ऋण संकट कब खत्म होगा। लेकिन इतना तय है कि इस समय यूरोप में तमाम कंपनियों के शेयर अच्छे मूल्यांकन पर उपलब्ध हैं।

उनका कहना था कि ऋण-प्रपत्रों में कहीं कुछ नहीं रखा। लेकिन इक्विटी में काफी अवसर हैं। यूरोप के करीब दर्जन भर स्टॉक्स अभी आकर्षक दिख रहे हैं। इन्हें मैं पसंद करता हूं और इनमें जबरदस्त बिजनेस का दमखम है। बफेट ने बताया कि उन्होंने ब्रिटेन की रिटेल कंपनी टेस्को में निवेश किया है। इसका भाव गिरो तो वे से और खरीद लेंगे।

बर्कशायर हैथावे कंपनी के 81 साल के मालिक वॉरेन बफेट ने इससे पहले उत्तर-पूर्व जापान के इवाकी शहर में संवाददाताओं को बताया कि उन्हें जापान में भी निवेश के अवसर दिख रहे हैं। उन पर मार्च के भयंकर भूकंप या कैमरा व मेडिकल उपकरण निर्माता कंपनी ओलम्पस के घोटाले में फंसने से कोई फर्क नहीं पड़ा है।

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