रोजमर्रा के उपयोग की चीजें बनानेवाली कंपनियों ने दो-तीन सालों से सिलसिला चला रखा है कि दाम स्थिर रखते हुए वे पैक का साइज या वजन घटा देती हैं। उनका तर्क रहता है कि वे कच्चे माल की लागत को समायोजित करने के लिए ऐसा करती है। लेकिन अगले साल जुलाई से वे ऐसा नहीं कर पाएंगी। सरकार पारदर्शिता लाने में जुट गई ताकि ग्राहक को सही-सही पता रहे कि वह कितने दाम में कितना सामान खरीदऔरऔर भी

इनफोसिस, एचडीएफसी बैंक, एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस और इंडिया इनफोलाइन जैसी 45 से ज्यादा कंपनियों में विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की शेयरधारिता प्रवर्तकों से ज्यादा हो गई है। स्टॉक एक्सचेंजों के पास उपलब्ध सितंबर तक के आंकड़ों के मुताबिक इनफोसिस की इक्विटी में एफआईआई की हिस्सेदारी 36.66 फीसदी है, जबकि प्रवर्तकों की हिस्सेदारी उनसे 20.62 फीसदी कम 16.04 फीसदी ही है। इसी तरह एचडीएफसी बैंक में प्रवर्तकों की हिस्सेदारी 23.23 फीसदी है, जबकि एफआईआई का निवेश 29.30 फीसदीऔरऔर भी

गिरे हुए बाजार में भी महंगे शेयर हो सकते हैं और चढ़े बाजार में भी सस्ते। हम बाजार का रुझान निफ्टी और सेंसेक्स से नापते हैं। लेकिन सेंसेक्स के 30 निफ्टी के 50 में शामिल हैं तो दोनों सूचकांकों में कुल मिलाकर 50 शेयर ही हुए। जबकि बाजार में लिस्टेड कुल लिस्टेड कंपनियों की संख्या इस समय 5105 है जिनकी कुल 8536 स्क्रिप्स (प्रपत्र या प्रतिभूतियां) लिस्टेड हैं। टाटा मोटर्स जैसी कई कंपनियों के शेयर, डीवीआर (डिफरेंशियलऔरऔर भी

देश यकीनन वहां रहनेवालों से बनता है। लेकिन उसे रहने लायक बनाती हैं स्थानीय से लेकर राज्य व राष्ट्रीय सरकारें। अगर हर तरफ गंदगी, कदाचार व भ्रष्टाचार है तो पूरा सरकारी तंत्र ही देशद्रोही है।और भीऔर भी

बाजार व विशेषज्ञ उम्मीद कर रहे हैं कि नवंबर में मुद्रास्फीति की दर 9.04 फीसदी रहेगी। कुछ लोग तो इसके 8.4 फीसदी तक आने का कयास लगा रहे थे। लेकिन इसका असल आंकड़ा 9.11 फीसदी का निकला है। इसे देखते हुए अब नहीं लगता कि शुक्रवार को रिजर्व बैंक ब्याज दरों में कोई कमी करेगा। रिजर्व बैंक शुक्रवार, 16 दिसंबर को दोपहर 12 बजे मौद्रिक नीति की मध्य-तिमाही समीक्षा पेश करनेवाला है। शुक्र है कि यह पिछलेऔरऔर भी

काले धन के मुद्दे पर विपक्ष ने बुधवार को सरकार की जमकर घेराबंदी की। इतना कि उसे लाल कर डाला। हर किसी दल ने इस कदर हमला किया कि सरकार को कोई जवाब देते नहीं बना। विपक्ष ने विदेश में जमा काले धन को स्वदेश लाने, वहां खाता रखने वाले भारतीयों को किसी भी तरह का संरक्षण नहीं देने और उनके नामों का खुलासा करने की मांग की। लोकसभा में बीजेपी नेता लालकृष्ण आडवाणी की ओर सेऔरऔर भी

विज्ञापन लोगों के मासूम मन को छलनेवाला ऐसा करतब है जिस पर नियामक बैठाने की बात तो बार-बार हुई है, लेकिन अभी तक कंपनियों व विज्ञापन जगत के नुमाइंदों से बने संगठन एएससीआई (एडवर्टाइजिंग स्टैंडर्ड काउंसिल ऑफ इंडिया) को पंच बनाकर रखा हुआ है जिसकी कमान एक क्लर्कनुमा सज्जन, एलन कोल्लाको को सालोंसाल से सौंप रखी है। यह तो वही बात हुई कि ठगों को ही ठगी को रोकने का थानेदार बना दिया। इसीलिए अक्सर लगता हैऔरऔर भी

कर्ता बाहर का नहीं, अंदर का ही कोई जीव-अजीव है। संतुलन हासिल करने के क्रम में सचेत-अचेत कर्म ही हर घटना के कारक हैं। बाकी सब समझने की सुविधा के लिए हम जैसे इंसानों द्वारा गढ़े गए पुतले हैं।और भीऔर भी

सरकार भले ही एक तोला भी गेहूं नहीं पैदा करती हो, लेकिन लक्ष्य तय करने के उसे कोई नहीं रोक सकता। उसने वर्ष 2011-12 के लिए 840 लाख टन गेहूं के उत्‍पादन का लक्ष्‍य रखा गया है। कृषि राज्य मंत्री हरीश रावत ने मंगलवार को लोकसभा में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गेहूं के उत्‍पादन का लक्ष्‍य प्राप्‍त करने और इसकी उत्‍पादकता बढ़ाने के लिए कई फसल विकास कार्यक्रम उनके मंत्रालय की ओर से कार्यान्वित किएऔरऔर भी

देश की बिगड़ती आर्थिक हालत और राजनीतिक टांग-खिंचाई ने वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी को अंदर तक हिलाकर रख दिया है। इतना कि उनका कहना है कि सरकार सुधार लाने के लिए सभी पार्टियों में सर्वसम्मति बनाने की कोशिश करेगी। उन्होंने मंगलवार को राज्यसभा में एक बहस के दौरान कहा कि औद्योगिक उत्पादन में गिरावट आने के बाद सवाल पूछे जा रहे हैं कि क्या भारत की अर्थव्यवस्था पटरी से उतर जाएगी। लेकिन हम में सामर्थ्य है औरऔरऔर भी