अनिश्चितता के बीच
निष्काम भाव से कर्म दो ही तरह के लोग कर सकते हैं। एक, जिनका वर्तमान व भविष्य दोनों सुरक्षित हो और दो, जिनका वर्तमान व भविष्य इतना असुरक्षित हो कि उनके पास कोई चारा ही न बचा हो।और भीऔर भी
निष्काम भाव से कर्म दो ही तरह के लोग कर सकते हैं। एक, जिनका वर्तमान व भविष्य दोनों सुरक्षित हो और दो, जिनका वर्तमान व भविष्य इतना असुरक्षित हो कि उनके पास कोई चारा ही न बचा हो।और भीऔर भी
सफल होते ही लोग आपके दीवाने हो जाते हैं। पर, कोई यह नहीं देखता कि किन-किन हालात व संघर्षों से होड़ लेते हुए आप वहां पहुंचे हैं। कितना अजीब है कि शीर्ष पर पहुंचते ही आप निपट अकेले हो जाते हो।और भीऔर भी
जब वर्तमान बेकार और भविष्य अनिश्चित हो, तभी कोई अतीतजीवी बनता है। वरना, किसी को इतनी फुरसत कहां कि गुजरे कल को महिमामंडित करता फिरे! अतीतजीविता मर्ज का लक्षण है, निदान नहीं।और भीऔर भी
बाजार ने एक बार फिर साबित कर दिया कि यहां कुंडली मारकर बैठे उस्तादों के आगे निवेशकों व ट्रेडरों की कोई बिसात नहीं है। निफ्टी में फ्यूचर्स का वोल्यूम 3.39 करोड़ का रहा है, जबकि सामान्य वोल्यूम 1.8 करोड़ से ज्यादा का हो ही नहीं सकता। फ्यूचर्स में सामान्य का दोगुना कारोबार! पहले बाजार ने खुद को 4800 के ऊपर टिकाया। 4820 पर सभी मंदडियों के स्टॉप लॉस चालू हो गए। वे मजबूरन लांग होने लगे। जोऔरऔर भी
पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी ने निजी कंपनियों के मामले में केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) की तर्ज पर भ्रष्टाचार निरोधक इकाई के रूप में काम करने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। सरकारी कंपनियों के मामले में सीवीसी भ्रष्टाचार निरोधक इकाई के रूप में काम करता है। सेबी ने अपनी पिछली बोर्ड बैठक में पेश किए गए एक ज्ञापन में यह राय जाहिर की है। भ्रष्टाचार के खिलाफ काम करने वाले अंतरराष्ट्रीय संगठन ट्रांसपैरेंसी इंटरनेशनल केऔरऔर भी
रिजर्व बैंक गवर्नर दुव्वरि सुब्बाराव का कहना है कि वे यह कयासबाजी नहीं कर सकते कि ब्याज दरों में कटौती कब की जाएगी। उन्होंने मुंबई में शुक्रवार को मौद्रिक नीति की मध्य-त्रैमासिक समीक्षा जारी होने के बाद इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) के एक कार्यक्रम में यह बात कही। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हमने मुद्रास्फीति की स्थिति और आर्थिक वृद्धि में नरमी पर गौर किया। रिजर्व बैंक ने मार्च 2010 केऔरऔर भी
इंतजार की घड़ियां खत्म हुईं और जो नतीजा निकला वो न बहुत ज्यादा रहा और न ही बहुत कम। रिजर्व बैंक ने मार्च 2010 से ब्याज दरें बढ़ाने का सिलसिला रोक दिया है। उसने अपेक्षा के मुताबिक रेपो दर को 8.5 फीसदी पर यथावत रखा है। इसके अनुरूप रिवर्स रेपो दर भी 7.5 फीसदी पर अपरिवर्तित रही है। शेयर बाजार ने रिजर्व बैंक के इस रुख का स्वागत किया और सेंसेक्स व निफ्टी दोनों में करीब डेढ़औरऔर भी
वयस्क मताधिकार में हर 18 साल के नागरिक को वोट देने का हक है। उसी तरह कंपनियों के शेयरधारकों को कंपनियों के फैसलों में वोट देने का हक होता है। फर्क इतना है कि यहां शेयरों की खास श्रेणियों में मताधिकार की स्थिति बदलती रहती है। प्रेफरेंशियल शेयर का नाम आप लोगों ने सुना ही होगा। एक अन्य तरह के शेयर होते हैं डीवीआर (डिफरेंशियल वोटिंग राइट्स) शेयर। आम शेयरों में तो हर शेयर पर एक वोटऔरऔर भी
बेधड़क निडर होकर जीनेवाले लोग ही महान बनते हैं। अगर हम देश में निडर होकर जीने का माहौल नहीं दे सकते तो भारत महान कभी नहीं बन सकता है और यहां बौनों की ही फौज पैदा होती रहेगी।और भीऔर भी
देश की नई पीढ़ी हो सकता है कि वित्तीय रूप से हम से कहीं ज्यादा साक्षर हो। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) स्कूलों में अगले शैक्षणिक वर्ष से वित्तीय साक्षरता को अलग विषय के रूप में पढ़ाने की तैयारी में जुटा हुआ है। यह नैतिक विज्ञान की तरह एक अलग विषय होगा। वित्तीय साक्षरता के तहत विद्यार्थियों को शेयर बाजार की ट्रेडिंग, ऑप्शंस व फ्यूचर्स जैसे डेरिवेटिव्स की जटिलता के साथ इनसाइडर ट्रेडिंग का भी ज्ञान करायाऔरऔर भी
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