सूचनाओं की भरमार है। तरह-तरह की इतनी सूचनाएं कि फैसला लेना मुश्किल। हाल-फिलहाल कंपनियों के जून तिमाही के नतीजे आ रहे हैं। इसी के साथ मैनेजमेंट के प्रजेंटेशन। फिर भांति-भांति के एनालिस्टों के विश्लेषण। ब्रोकरों की तरफ से खरीदने की संस्तुतियां। सबके पीछे कंपनी के वित्तीय नतीजों से लेकर सालाना रिपोर्ट तक। भूत से लेकर वर्तमान और भविष्य तक का गहरा विश्लेषण। गूगल के जेमिनाई या ओपन एआई के चैट जीपीटी पर कंपनी का नाम डालो। कंपनी संबंधी सारी प्रकाशित रिपोर्टों का सार एआई आपके लिए प्रस्तुत कर देगा। लेकिन क्या इतना सब जान लेने से भावी निवेश का सुसंगत फैसला लिया जा सकता है? कतई नहीं। कारण, सूचनाओं तक आज सबकी पहुंच हो गई है। बाज़ार इन सभी सूचनाओं से वाकिफ रहता है और शेयर के भाव इन सूचनाओं को जज्ब कर चुके होते हैं। ऐसे में आप अच्छी से अच्छी कंपनी के शेयर भी खरीद लें तो अच्छा रिटर्न नहीं दे सकते क्योंकि पहले से चढ़े हुए शेयर आखिर बढेंगे भी तो कितना? आज अच्छी कंपनियों को खोज निकालना कतई कठिन नहीं। कठिन है अच्छी कंपनियों के शेयर वाजिब भाव पर खरीदना ताकि हमारे पास सुरक्षा का पर्याप्त मार्जिन हो। अब तथास्तु में आज की कंपनी…
यह कॉलम सब्सक्राइब करनेवाले पाठकों के लिए है.
'ट्रेडिंग-बुद्ध' अर्थकाम की प्रीमियम-सेवा का हिस्सा है। इसमें शेयर बाज़ार/निफ्टी की दशा-दिशा के साथ हर कारोबारी दिन ट्रेडिंग के लिए तीन शेयर अभ्यास और एक शेयर पूरी गणना के साथ पेश किया जाता है। यह टिप्स नहीं, बल्कि स्टॉक के चयन में मदद करने की सेवा है। इसमें इंट्रा-डे नहीं, बल्कि स्विंग ट्रेड (3-5 दिन), मोमेंटम ट्रेड (10-15 दिन) या पोजिशन ट्रेड (2-3 माह) के जरिए 5-10 फीसदी कमाने की सलाह होती है। साथ में रविवार को बाज़ार के बंद रहने पर 'तथास्तु' के अंतर्गत हम अलग से किसी एक कंपनी में लंबे समय (एक साल से 5 साल) के निवेश की विस्तृत सलाह देते हैं।
इस कॉलम को पूरा पढ़ने के लिए आपको यह सेवा सब्सक्राइब करनी होगी। सब्सक्राइब करने से पहले शर्तें और प्लान व भुगतान के तरीके पढ़ लें। या, सीधे यहां जाइए।
अगर आप मौजूदा सब्सक्राइबर हैं तो यहां लॉगिन करें...
