वॉरॆन बफेट दुनिया के सफलतम निवेशक हैं। लेकिन वे सबसे अमीर व्यक्ति नहीं हैं। इलोन मस्क 226.6 अरब डॉलर की निजी दौलत के साथ दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति हैं। लेकिन वे निवेशक कम और उद्यमी ज्यादा हैं। विद्युत कार निर्माता टेस्ला, रॉकेट निर्माता कंपनी स्पेस-एक्स और अब एक्स बन चुकी ट्विटर जैसी कई कंपनियों के मालिक हैं। दूसरे नंबर पर 175.1 अरब डॉलर की दौलत के साथ फ्रांस के बर्नार्ड आरनाल्ट हैं। वे भी एक उद्यमीऔरऔर भी

जब बड़े-बड़े अर्थशास्त्री से लेकर रेटिंग एजेंसियां तक कह रही थीं कि चालू वित्त वर्ष 2023-24 में राजकोषीय घाटे को जीडीपी के 5.9% तक सीमित रखने का लक्ष्य नहीं पूरा हो सकता, तब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसे 5.8% तक सिमटाने का कमाल दिखा दिया। यही नहीं, जब कहा जा रहा था कि अगले वित्त वर्ष 2024-25 में राजकोषीय घाटे का लक्ष्य जीडीपी का 5.3% रखा जा सकता है, तब वित्त मंत्री ने इसे 5.1% परऔरऔर भी

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज 11 बजे लोकसभा में नए वित्त वर्ष 2024-25 का अंतरिम बजट पेश कर रही हैं। यह उनका छठा बजट है। इसमें कितना सच, कितना झूठ होता है, इसका खुलासा नीति आयोग के सीईओ बी.वी.आर. सुब्रह्मण्यम ने पिछले साल जुलाई में सेंटर फॉर सोशल एंड इकनॉमिक प्रोग्रेस (सीएसईपी) द्वारा आयोजित एक वार्ता में किया था। सुब्रह्मण्यम तब नीति आयोग के सीईओ बनाए जा चुके थे। उन्होंने बड़े ही बेबाक अंदाज़ में कहा थाऔरऔर भी

जमकर टैक्स और टैक्स से भिन्न राजस्व पाने के बावजूद केंद्र सरकार इस बार वित्तीय अनुशासन की लक्ष्मण रेखा से बाहर निकल जाएगी। चालू वित्त वर्ष 2023-24 के बजट में अनुमान लगाया था कि राजकोषीय घाटे को जीडीपी के 5.9% तक सीमित रखा जाएगा। अगर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आंकड़ों की कोई हेराफेरी नहीं की तो यह घाटा जीडीपी के 6% के पार जा सकता है। यह 5.9% की बजट प्रतिबद्धता को तभी मान सकता है,औरऔर भी

बजट पेश करने से पहले वित्त मंत्री बड़ी खुश होंगी क्योंकि सरकार के खजाने में जमकर टैक्स आ रहा है। असल में यह नौ साल से चल रही इस सरकार की इकलौती सबसे बड़ी कामयाबी है। बाकी सब महज झांकी है, दिखावा है। 10 जनवरी तक रिफंड को घटाकर सरकार के पास 14.7 लाख करोड़ रुपए का प्रत्यक्ष टैक्स आ चुका था। यह साल भर पहले से 19.41% ज्यादा है और पूरे चालू वित्त वर्ष के लक्ष्यऔरऔर भी