ब्रिटेन का बिजनेस दैनिक फाइनेंशियल टाइम्स भारतीय बाजार में उतरना चाहता है, पर इसके लिए उसे अनुमति नहीं मिल पाई है। अखबार के संपादक ने कहा है कि भारत आने की अनुमति नहीं मिलने से उन्हें काफी निराशा है। इस आर्थिक अखबार के संपादक लायनल बार्बर ने कहा, ‘‘हम भारत में सीधे प्रतिस्पर्धा करना चाहते हैं। हम पिछले 20 साल से यहां आने का प्रयास कर रहे हैं। यह निराशाजनक है।’’ बार्बर ने भारत के प्रिंट मीडियाऔरऔर भी

प्रेसिजन वायर्स (बीएसई कोड – 523539, एनएसई कोड – PRECWIRE) देश में कॉपर वाइंडिंग वायर बनाने की सबसे बड़ी कंपनी है। पंखे से लेकर तमाम बिजली के उपकरणों के भीतर चुंबक पर तांबे के जो लिपटे तार आप ने देखे होंगे, वही कॉपर वाइंडिंग वायर हैं। कंपनी दो दशक पुरानी है, जबकि उसके प्रवर्तक तीन दशक से इस धंधे में हैं। उनके ग्राहकों में बड़े व मध्यम स्तर की इलेक्ट्रॉनिक व इलेक्ट्रकिल कंपनियां शामिल हैं। वह अपनीऔरऔर भी

समुद्र में कहीं से पानी उठाओ, वह खारा ही निकलेगा। उसमें एक ही तरह के खनिज मिलेंगे। इसी तरह समाज के हर तबके में अच्छे-बुरे, दुष्ट-सज्जन लोग मिलते हैं। ऊंची डिग्रियों से किसी का मूल स्वभाव नहीं बदलता।और भीऔर भी

केंद्र सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में करीब 8700 करोड़ रुपए का नया निवेश करेगी। यह रकम इक्विटी के रूप में होगी। सरकार से इतनी रकम मिल जाने के बाद ये बैंक पूंजी बाजार से भी और रकम जुटा सकते हैं क्योंकि उनके सामने शर्त है कि उनकी इक्विटी में सरकार की हिस्सेदारी किसी भी सूरत में 51 फीसदी से कम नहीं होनी चाहिए। वित्त मंत्रालय के एक शीर्ष अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। वित्तऔरऔर भी

डीएस कुलकर्णी डेवलपर्स का शेयर पिछले एक महीने के दौरान ऊपर में 84 और नीचे में 71.10 रुपए तक गया है। थोड़ा और पीछे जाएं तो करीब पौने दो महीने पहले 23 अगस्त को उसने 91.10 रुपए पर पिछले 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर हासिल किया है। उसका सबसे कम भाव 60 रुपए का रहा है जो उसने इसी साल 31 मार्च को हासिल किया था। लेकिन जानते हैं इस शेयर की बुक वैल्यू कितनी है? 174.70औरऔर भी

हम इतने बड़े भी नहीं कि खुदा हो जाएं और इतने छोटे भी नहीं कि कोई भुनगे की तरह मसल दे। हम सब निमित्त हैं। पर जो काम हमें करना है, उसे हमें ही करना होगा। नहीं तो नया निमित्त मिलने में देर हो सकती है।और भीऔर भी

सरकार कोल इंडिया में अपनी दस फीसदी हिस्सेदारी बेचकर पूंजी बाजार से लगभग 15,500 करोड़ रुपए जुटाएगी। उसका आईपीओ 18 अक्टूबर को खुलेगा और 21 अक्टूबर तक खुला रहेगा। आईपीओ में मूल्य का दायरा 225 रुपए से 245 रुपए तय किया गया है। केंद्र सरकार इस आईपीओ के जरिए कोल इंडिया के कुल 63.16 करोड़ शेयर बेचेगी। इस तरह मूल्य दायरे के हिसाब से उसे 14,211 करोड़ रुपए से लेकर 15,474 करोड़ रुपए मिल सकते हैं। यहऔरऔर भी

कभी हिंदुस्तान यूनिलीवर की किरकिरी बन चुके कर्सनभाई पटेल ने अपनी कंपनी निरमा लिमिटेड (बीएसई कोड – 500308, एनएसई कोड – NIRMA) को शेयर बाजार से डीलिस्ट कराने का फैसला कर लिया है। कंपनी की तरफ से आधिकारिक सूचना मिलते ही यह शेयर कल 52 हफ्ते के शिखर 264.85 रुपए पर जा पहुंचा। हालांकि बंद हुआ 7.15 फीसदी की बढ़त के साथ 240.50 रुपए पर। तेजी के पीछे भागनेवाले निवेशक हो सकता है इसे लपकने की कोशिशऔरऔर भी

मुन्नी बदनाम हुई गाने की वजह से आजकल झंडुबाम शब्द खूब चर्चा में है। झंडुबाम शब्द को चलताऊ हिन्दी में लगभग मुहावरे का दर्ज़ा मिल चुका है जिसका अर्थ है ऐसा व्यक्ति जो किसी काम का न हो। इसकी अर्थवत्ता में मूर्ख या भोंदू का भाव भी है। झंडु या झंडू शब्द का स्वतंत्र रूप से भी हिन्दी में प्रयोग होता है जिसका अभिप्राय  ऐसे व्यक्ति से है जो मूर्ख, सुस्त या भोंदू है। एक अन्य मुहावरेदार अभिव्यक्ति भीऔरऔर भी

इंसान अमर नहीं हो सकता। अमरत्व की कोई घुट्टी भी आज तक न तो बनी है और न ही आगे बनेगी। लेकिन इंसान की रचना अमर हो सकती है। इसलिए जीते जी ऐसा कुछ रच देना चाहिए तो हमारे बाद भी ज़िंदा रहे।और भीऔर भी