लोकतंत्र का चौथा स्तंभ ही नही, देश के अंतःकरण व विवेक का प्रहरी होने ने नाते स्वतंत्र मीडिया को सरकार से पूछना चाहिए था कि पूरे एक साल तक चौथी अर्थव्यवस्था का झूठ क्यों फैलाया गया। प्रधानमंत्री से लेकर वित्त मंत्री और वाणिज्य मंत्री तक से जवाब-तलब किया जाना चाहिए था। लेकिन आईएमएफ का हवाला देकर हमारा मीडिया खिलौना टूट जाने पर बच्चे का मन बहलाने जैसा काम कर रहा है। उसका कहना है कि इस बार और अगली बार चूक गए तो कोई बात नहीं। 2027 में भारत का जीडीपी 4.58 ट्रिलियन डॉलर हो जाएगा, जबकि जापान का जीडीपी 4.56 ट्रिलियन डॉलर का ब्रिटेन का जीडीपी 4.47 ट्रिलियन ही रहेगा तो भारत इन्हें पीछे छोड़कर दुनिया की चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। फिर भारत की अर्थव्यवस्था बढ़ती ही रहेगी। आईएमएफ ने ग्राफ में दर्शाए प्रोजेक्शन में बताया है कि 2028 में भारत का जीडीपी 5.06 ट्रिलियन डॉलर, 2029 में 5.60 ट्रिलियन डॉलर, 2030 में 6.17 ट्रिलियन डॉलर और 2031 में 6.79 ट्रिलियन डॉलर हो जाना चाहिए। 2031 में जापान का अनुमानित जीडीपी 5.13 ट्रिलियन डॉलर और जर्मनी का जीडीपी 6.35 ट्रिलियन डॉलर होगा। तब भारत निश्चित रूप से अमेरिका और चीन के बाद दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है। लेकिन क्या इतने भर से देश में आ जाएगी समृद्धि व खुशहाली? अब शुक्रवार का अभ्यास…
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