कभी-कभी कुछ चीजों का साक्ष्य नहीं होता, लेकिन इससे वो चीजें गलत नहीं हो जातीं। मैं यहां ईश्वर जैसी सत्ता की नहीं, बल्कि शेयर बाजार में अभी हाल में चले खेल की बात कर रहा हूं। साधारण-सी रिश्वतखोरी को बडे घोटाले की तरह पेश करना, लोड सिंडिकेशन के काम में लगी मनी मैटर्स फाइनेंशियल सर्विसेज को निपटाना, सेंसेक्स से ज्यादा मिड कैप और स्माल कैप शेयरों को पीट डालना, कुछ ऑपरेटरों को रत्ती भर भी आंच नऔरऔर भी

कोमा में जाने या मरने पर हम विचार-शून्य, भाव-शून्य, शब्द-शून्य हो जाते हैं। लेकिन क्या जीते-जी ऐसा संभव है जब हमें सिर्फ नाद सुनाई दे, जब हम सारे शब्दों-विकारों से मुक्त होकर दुनिया को देख सकें?और भीऔर भी

पूंजी बाजार नियामक संस्था ने तय किया है कि म्यूचुअल फंडों की लिक्विड स्कीमों (छोटी अवधि की ऋण स्कीमों) के खाते में जब तक निवेश की पूरी रकम नहीं आ जाती है, तब तक उसके एवज में यूनिटें नहीं जारी की जा सकती हैं। अभी तक होता यह है कि दिन में नियत समय तक पैसा आए या न आए, म्यूचुअल फंड इन स्कीमों के निवेशकों के नाम यूनिटें आवंटित कर देते हैं। वे इस भरोसे परऔरऔर भी

शुक्रवार को सूत्रों के हवाले दिन भर खबर आती रही कि पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी इस बात की जांच कर रही है कि हाउसिंग लोन घोटाले में शामिल लोगों व फर्मों ने कुछ कंपनियों के शेयरों में इनसाइडर ट्रेडिंग तो नहीं की है। असल में इसमें एलआईसी के सचिव (निवेश) नरेश चोपड़ा पर यही आरोप है कि वह मनी मैटर्स फाइनेंशियल से रिश्वत लेकर उन कंपनियों की जानकारी दिया करता है जिनमें एलआईसी निवेश करनेवाली है।औरऔर भी

भारतीय स्टेट बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ इंडिया, यस बैंक, एक्सिस बैंक और एचडीएफसी बैंक के खाताधारक मोबाइल फोन के जरिए एक-दूसरे के खाते में रकम भेज सकते हैं। इन सात बैंकों को यह इंटरबैंक मोबाइल पेमेंट सर्विस (आईएमपीएस) नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) उपलब्ध करा रहा है। 31 मार्च 2011 तक वह बैंकों से इसके लिए कोई शुल्क नहीं लेगा। लेकिन उसके बाद हर ट्रांजैक्शन पर वह 25 पैसे लेगा। बैंकऔरऔर भी

भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) ने तत्काल प्रभाव से वी के शर्मा को एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस का नया सीईओ बना दिया है। श्री शर्मा अभी तक देश के दक्षिणी जोन के लिए एलआईसी के जोनल मैनेजर थे और चेन्नई में बैठते थे। उनकी नियुक्ति पर सोमवार को एलआईसी के निदेशक बोर्ड की बैठक में औपचारिक मुहर लगा दी जाएगी। इससे पहले बुधवार को एलआईसी हाउसिंग के तत्कालीन सीईओ आर रामचंद्रन नायर को हाउसिंग लोन घोटाले में सीबीआईऔरऔर भी

आम के सीजन में आंधी आने पर हम बाग में दौड़-दौड़ कर जमीन पर गिरे फलों को बोरे में भर लिया करते थे। लेकिन न तो अब वो जमाना रहा और न ही शेयर बाजार किसी गांव के आम के बाग की तरह है जहां आंधी-तूफान में गिरा हर फल मीठा होता है। यहां तो हर हर स्टॉक को आगे-पीछे, ऊपर-नीचे हर तरफ से जांच कर ही उठाया जाना चाहिए। इधर बहुत सारे शेयर खटाखट 52 हफ्तोंऔरऔर भी

अब कहें, तब कहें, कब कहें, कैसे कहें – हम इसी उधेड़बुन में लगे रहे। वो शान से आया। तपाक से हाथ पकड़ा। बोला भी कुछ नहीं। बस, आंखों से हल्का-सा इशारा किया और वह उसके साथ झूमते-झामते चली गई।और भीऔर भी

भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के चेयरमैन टी एस विजयन के कहा है कि एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस के नए सीईओ की नियुक्ति अगले दो-तीन दिन में हो जाएगी। उनका कहना था, “हमारी पहली प्राथमिकता इस वक्त एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस को सहयोग देने की है। इसके लिए हमने फिलहाल सबसे सीनियर जनरल मैनेजर चंद्रशेखरन को कार्यकारी सीईओ बना दिया है। दो अन्य महाप्रबंधक उनका सहयोग करेंगे।” बता दें कि एलआईसी हाउसिंग के सीईओ आर आर नायर को सीबीआईऔरऔर भी

वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने सार्वजनिक क्षेत्र के सभी बैंकों, वित्तीय संस्थाओं और बीमा कंपनियों को हिदायत दी है कि वे उन तमाम कंपनियों से जुड़े लेन-देन की कायदे से जांच करें जिनके नाम सीबीआई ने हाउसिंग लोन घोटाले के सिलसिले में अदालत में दाखिल अर्जी में लिखे हैं। उन्होंने इन सभी संस्थाओं से कहा कि वे नामजद कंपनियों को दिए गए ऋणों का स्वतंत्र आकलन करें और देखें कि इनमें निर्धारित मानकों का पालन कहां तकऔरऔर भी