किसी चीज का दाम जस का तस रहे तो उसी स्तर पर वह महंगी से सस्ती कैसे हो सकती है? लेकिन शेयर बाजार में ऐसा खूब होता है। जैसे, पिरामल ग्लास के शेयर का औसत भाव इस साल जनवरी में 89.95, फरवरी में 93.50, मार्च में 112.90 और अप्रैल में 129..40 रुपए था। लेकिन यह महंगा था क्योंकि इसका पी/ई अनुपात इस दौरान क्रमशः 42.81, 44.50, 53.73 और 61.58 था। यह गणना हर माह ठीक पिछले बारहऔरऔर भी

बाजार का जो भी खेल है, यहां अपग्रेड और डाउनग्रेड गलत वक्त पर होते हैं। हमने एसकेएस माइक्रो फाइनेंस को 800 रुपए पर डाउगग्रेड किया था और अब देखिए उसका हश्र क्या है। हमने एसबीआई को 3500 रुपए पर डाउनग्रेड किया था, बाजार अब कर रहा है। हमने मुथूत फाइनेंस के बारे में नकारात्मक राय रखी और लिस्टिंग पर उसका हाल-बेहाल सामने आ गया. है। हमें यकीन है कि यह स्टॉक घटकर 123 रुपए तक आ जाएगाऔरऔर भी

अमेरिकी के एक अखबार में छपे लेख में बताया गया है कि चांदी में सट्टेबाजी क्या आलम है। यहां तक कि सट्टेबाजों के कहने पर वहां के कमोडिटी एक्सचेंज ने मार्जिन कॉल जारी करने में देर कर दी। इसके बाद भी चांदी में गिरावट आई तो सही, लेकिन काफी देरी के बाद। भारत की बात करें तो यहां भी सट्टेबाजी सिर चढ़कर बोल रही है। इसमें कोई शक नहीं कि रिजर्व बैंक ने मुद्रास्फीति की गंभीर अवस्थाऔरऔर भी

अमेरिका ने ओसामा बिन लादेन को मार क्या गिराया, तमाम जिंसों के दाम धड़ाम-धड़ाम गिरने लगे। चांदी पर निचला सर्किट लग गया। एक हफ्ते में चांदी पर लगा यह दूसरा निचला स्रर्किट है। यह संकेत है इसके भावी हश्र का। इस पर मार्जिन भी अब काफी बढ़ा दिया गया है। इससे इसमें और गिरावट आएगी और यह 60,000 प्रति किलो के नीचे जा सकती है। फिलहाल कारोबारियों में इसमें निचले स्तर पर खरीद की चर्चाएं चल पड़ीऔरऔर भी

पूरा देश भ्रष्टाचार के खिलाफ गोलबंद। दस करोड़ एसएमएस। देश के करीब 80 शहरों से 44 लाख ट्वीट। पुरानी पीढ़ी से लेकर नई पीढ़ी तक। जगह-जगह हजारों लोग हाथों में मोमबत्तियां लिए अण्णा हजारे के साथ आ खड़े हुए। सरकार को इस जन-उभार के आगे झुकना पड़ा। इसी के साथ एक और बात सामने आई है कि हम जिन्हें राष्ट्रवाद के साथ जोड़कर देखते हैं, हमारे वे क्रिकेट खिलाड़ी केवल उस बीसीसीआई के लिए खेलते हैं जिसकेऔरऔर भी

देश की जनसंख्या बीते एक दशक में 18.1 करोड़ बढ़कर अब 121 करोड़ हो गई है। जनगणना के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश में पुरुषों की संख्या अब 62.37 करोड़ और महिलाओं की संख्या 58.64 करोड़ है। जनसंख्या नियंत्रण के लिए प्रयास कर रहे देश के लिए अच्छी खबर यह है कि आबादी की वृद्धि दर में कमी दर्ज की गई है। वर्ष 1991 की गणना में आबादी में 23.87 फीसदी की वृद्धि देखी गयी थी, 2001औरऔर भी

दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था अमेरिकी में बड़ी संख्या में कामकाजी महिलाओं का मानना है कि उन्हें उनके पुरूष समकक्षों के मुकाबले कम वेतन मिलता है। भले ही अनुभव और दक्षता के मामले में वे उनके बराबर ही क्यों न हों। रोजगार के बारे में जानकारी देने वाली वेबसाइट कैरियल बिल्डर के सर्वे में 38 फीसदी महिला कर्मचारियों का मानना है कि उन्हें पुरूष समकक्षों के मुकाबले कम वेतन मिलता है। इससे पहले वर्ष 2008 में किएऔरऔर भी

चीन का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 2010 में विश्व के कुल जीडीपी का 9.5 फीसदी था और वह इस मामले में दूसरे नंबर पर रहा। लेकिन प्रति व्यक्ति आय के मामले में वह दुनिया के 124 देशों से पीछे है। नेशनल ब्यूरो आफ स्टैटिक्स (एनबीएस) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक जीडीपी के मामले में 2005 में विश्व के अन्य देशों के मुकाबले चीन जहां पांचवें स्थान पर था, वहीं 2010 में वह दूसरे स्थान पर आ गया।औरऔर भी

इनटेल कंपनी में काम कर चुके भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक राजीव गोयल ने अदालत में स्वीकार किया है कि उन्होंने राज राजारत्नम को कंपनी के बारे में भेद की बातें बताई थीं जिसके एवज में उनको 6 लाख डॉलर मिले थे। गैलियॉन हेज फंड के मुखिया राजारत्नम पर कंपनियों में अपने भेदियों की सूचनाओं के आधार पर शेयरों की खरीद-फरोख्त करके लाभ कमाने का आरोप है। गोयल ने अमेरिका में अब तक के इस सबसे बड़ेऔरऔर भी

विदेश कमाने गए भारतीयों द्वारा भेजा जाने वाला आधे से ज्यादा धन देश के ग्रामीण इलाकों को जाता है जो वहां आर्थिक बदलाव और वित्तीय समावेश में योगदान करता है। मनी ट्रांसफर की सेवाएं देनेवाली फर्म वेस्टर्न यूनियन के प्रबंध निदेशक अनिल कपूर के मुताबिक बीते एक दशक में वेस्टर्न यूनियन व इंडिया पोस्ट के जरिए 6.5 अरब डॉलर का धन भारत आया। उनका कहना है कि कंपनी के 55 फीसदी केंद्र अर्ध-शहरी या ग्रामीण इलाकों मेंऔरऔर भी