पिता भी पुत्र भी
कालरूपी परमात्मा ने ही इन सभी लोकों को धारण किया हुआ है। वह कालरूपी परमात्मा ही इन सभी लोकों में चारों ओर व्याप्त है। वही इन सब प्राणियों का पिता भी है और इन सबका पुत्र भी। संसार में उससे बड़ी कोई शक्ति नहीं। ।।अथर्ववेद।।और भीऔर भी
कालरूपी परमात्मा ने ही इन सभी लोकों को धारण किया हुआ है। वह कालरूपी परमात्मा ही इन सभी लोकों में चारों ओर व्याप्त है। वही इन सब प्राणियों का पिता भी है और इन सबका पुत्र भी। संसार में उससे बड़ी कोई शक्ति नहीं। ।।अथर्ववेद।।और भीऔर भी
हमें हर वक्त अपना काम इतना टंच रखना चाहिए और जीवन को इतने मुक्त भाव से जीना चाहिए कि अगले ही पल अगर मौत हो जाए तो कतई मलाल न रहे कि हमने ये नहीं किया या वो नहीं किया। जिम्मेदारी से जीना। मुक्त मन से जाना।और भीऔर भी
यहां सब कुछ बदलता है हर पल। घूमता है, चलता नहीं। एक चक्र है जिसमें चीजें जहां से चली थीं, घूम-फिरकर वहीं कहीं आसपास आ जाती हैं। हां, समय चलता है निरंतर! लेकिन समय तो एक टेक्नोलॉजी है जिसे प्रकृति ने नहीं, हमने ईजाद किया है।और भीऔर भी
फकीर बोला, “मुझमें, तुझमें कोई फर्क नहीं। बस, समय और फासले का फेर है। मैं सच तक पहुंच चुका हूं, जबकि तू अभी रास्ते में हैं। तू भी यहां पहुंचकर वही बोलेगा। फिर बहस क्यों? जिरह का क्या तुक!”और भीऔर भी
समय के साथ चलो तो चीजें बड़ी स्थिर या धीमी दिखती हैं। कहीं कोई खटका नहीं। सब कुछ सामान्य गति से चलता है। लेकिन समय से पीछे छूट जाओ तो सब कुछ तेज़ी से भागता हुआ नज़र आता है।और भीऔर भी
हम अमूमन यही माने रहते हैं कि हम तो चलते रहे, जबकि दूसरे ठहरे रहे। पर ये कैसे संभव है? एक पांव वर्तमान और दूसरा अतीत में रखकर रिश्ते नहीं चल सकते हैं। उन्हें समय के साथ लाना जरूरी है।और भीऔर भी
इस जहां में सिर्फ एक चीज है जिस पर इंसान का वश नहीं है। वो है समय और उसी से संचालित होता जीवन-मरण का चक्र। बाकी किसी भी चीज की काट नियमों को समझकर निकाली जा सकती है।और भीऔर भी
समय के साथ होड़ लेने का दावा करना शुद्ध दंभ के सिवा कुछ नहीं। समय के साथ हम संगत बैठा लें, यही काफी है। यह भी हर किसी के बूते में नहीं। बिरले ही इसे हासिल कर पाते हैं, भारी साधना के बाद।और भीऔर भी
समय तो यंत्रवत चलता है। हमने ही उसे नैनो सेकंड से लेकर साल तक के पैमाने में कसा है। अपने जीवन को हम जन्मदिन के चक्र में कसते हैं। लेकिन यह हमारा अपना चक्र है। समय से हमारी कोई होड़ नहीं।और भीऔर भी
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