मैंने कल बिजनेस स्टैंडर्ड में एक रिपोर्ट पढ़ी जिसमें संवाददाता ने किसी शेयर को ट्रेड टू ट्रेड श्रेणी में डालने के तौर-तरीकों को लेकर स्टॉक एक्सचेंज के अधिकारियों पर कुछ खरे-खरे आरोप लगाए हैं। इसमें भ्रष्टाचार तक का आरोप शामिल है। इन आरोपों की वाकई जांच-पड़ताल की जानी चाहिए और पुष्टि के लिए प्रमाण भी जुटाए जाने चाहिए। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि किसी शेयर को ट्रेड टू ट्रेड से दोबारा सामान्य श्रेणी मेंऔरऔर भी

बाजार कैसे और क्यों उठता-गिरता है, इसे परिभाषित करने के लिए आपको हमारी जरूरत नहीं है। यह तो आपको खुद समझना होगा। जहां तक हमारी बात है तो बाजार के 8000 अंक से 21,000 तक पहुंचने के अनुमान में हम एकदम सटीक रहे हैं और आगे आपको कम से कम 42,000 तक ले जाएंगे। हालांकि राकेश झुनझुनवाला ने किसी को बताया है कि बाजार 50,000 अंक तक जाएगा। मजे की बात यह है कि वे यहां बीएसईऔरऔर भी

बाजार (सेंसेक्स) खुला मुहूर्त से करीब 37 अंक बढ़कर, मगर बंद हुआ 152.58 अंक की गिरावट के साथ 20,852.38 पर जाकर। लेकिन घबराने की कोई बात नहीं। यह सब कुछ नहीं, बस मछली पकड़ने के जाल जैसा काम है। जाल को नीचे तक ले जाओ ताकि और मछलियां पकड़ में आ जाएं। बाजार अब पूरी तरह नियंत्रण में है और उतार-चढ़ाव इसलिए लाए जा रहे हैं ताकि आप यहां से वहां तक झूल, या कहें तो झूमऔरऔर भी

हमने अल-सुबह ही कह दिया था कि मुहूर्त ट्रेडिंग में बीएसई सेंसेक्स 21,000 अंक के ऊपर खुलने की उम्मीद है। बाजार हमारी उम्मीद पर खरा उतरा। सेंसेक्स 21,045.66 पर खुला। 21,108.64 तक ऊंचा गया। एक घंटे की मुहूर्त ट्रेडिंग के आखिरी मिनटों में नीचे में 20,961.98 तक चला गया। लेकिन बंद हुआ 21,004.96 के अंक पर। गुरुवार के बंद स्तर 20,893.57 से 111.39 अंक बढ़कर। इसी तरह निफ्टी भी 30.65 अंक बढ़कर 6312.45 अंक पर बंद हुआऔरऔर भी

मैंने कहा था कि बाजार में रौनक बनी रहेगी और अमेरिका को भी अर्थव्यवस्था को आवेग देने का पैकेज जारी रखना प़ड़ेगा। ऐसा ही हुआ और बाजार (बीएसई सेंसेक्स) नई ऊंचाई के पार जाकर खुला। आखिर में सेंसेक्स 427.83 अंकों की बढ़त के साथ 20,893.57 पर बंद हुआ है। यानी 21,000 के ऐतिहासिक स्तर से महज 106.43 अंक के फासले पर। और, मुझे पूरा यकीन है कि कल मुहूर्त ट्रेडिंग में यह स्तर हासिल कर लिया जाएगा।औरऔर भी

ब्रांड क्या है और उसकी लॉयल्टी क्या है? यह है आपकी वो छवि जो आपसे माल या सेवा लेनेवालों के दिमाग में बनती है। छोटी-छोटी बातें इसे धीरे-धीरे बनाती हैं। ऊपर से तो इसकी कोई कीमत नहीं दिखती, लेकिन बाजार इस ‘अदृश्य’ ताकत को भी आंकता है। यह ताकत आ जाए तो कामयाबी आपसे ज्यादा दूर नहीं रहती है। हम भी धीरे-धीरे अपनी योग्यता और स्टॉक चुनने की क्षमता साबित करने की दिशा में सक्रिय हैं। अर्थकामऔरऔर भी

कल हमने बाजार चलानेवालों का ऐसा खेल देखा जो पहले कभी नहीं हुआ था। उन्होंने धांधली करके महीने की कैरीओवर दरों को सीधे 1.4 फीसदी से 5 फीसदी तक पहुंचा दिया और कारोबारी दिनों की संख्या के आधार पर वास्तविक लागत 2 से 9 फीसदी तक रहीं। यह एकदम अविश्सनीय था। यह साबित करता है कि बाजार के खिलाड़ियों का कितना भारी ररूख है। निस्संदेह तौर पर ऐसा सुना गया है कि गोल्डमैन ने 850 करोड़ रुपएऔरऔर भी

ट्रेडरों के लिए आज का दिन बड़ा दुखदायी रहा। उनमें से ज्यादातर निराशा की गर्त में चले गए। उनकी निराशा की वजह वो खीझ है जो उन्हें विशेषज्ञों की इस राय पर भरोसा करने से हुई है कि निफ्टी अब बेरोकटोक 5800 तक गिरने जा रहा है, जबकि बाजार में ऐसा नहीं हुआ। शुरू में गिरावट आई जरूर। लेकिन बाद में बाजार संभल गया। मैंने तो यहां तक सुना कि टेक्निकल एनालिसिस के एक धुरंधर ने खुदऔरऔर भी

दोपहर तक बीएसई सेंसेक्स 20,000 के नीचे और एनएसई निफ्टी 6000 के नीचे चला गया था। लेकिन यह कोई चिंता की बात नहीं, क्योंकि बाजार दो कदम आगे बढ़ने से पहले एक कदम पीछे चलकर अपने पैर जमाता है। चिंता की बात यह है कि हजारों कंपनियों के बीच हम निवेश के लिए किन-किन को चुनें। इसमें भी कंपनियों को चुनना तो बाद में होता रहेगा। उससे पहले यह जानने की जरूरत है कि कौन से सेक्टरऔरऔर भी

सेंसेक्स का 20,500 अंक पर पहुंचना और चालू वित्त वर्ष 2010-11 के अनुमानित लाभ के 21 पी/ई अनुपात पर ट्रेड होना निश्चित रूप से ऐसे पहलू हैं जिन पर निवेशकों को ध्यान देने की जरूरत है। बाजार की मौजूदा तेजी की खास वजह ज्यादा तरलता या लिक्विडिटी है। इसलिए हमें खुद से यह सवाल पूछना चाहिए कि यह तरलता कब तक रहेगी? अगले दो महीने में 77,000 करोड़ रुपए के आईपीओ आने हैं जो बाजार से भारीऔरऔर भी