अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के प्रबंध निदेशक पद के लिए फ्रांस की वित्त मंत्री क्रिस्टिनी लैगार्ड द्वारा दावेदारी पेश किए जाने के बाद भी भारत ने कहा है कि विकासशील देश इस मुद्दे पर अपनी स्थिति मजबूत बनाने का प्रयास कर रहे हैं। जहां यूरोप के ज्यादातर देश लैगार्ड की उम्मीदवारी का समर्थन कर रहे हैं, वहीं विकासशील देश अपने बीच बड़े बाजार के रूप में उभर रहे किसी देश से एक नाम पेश करने के लिएऔरऔर भी

मॉरीशस ने बैंकिंग सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए बढ़ते ‘दबाव’ के बीच भारत को पहली बार कर चोरी की जांच में घिरे एक व्यक्ति के बैंक खातों में हुए लेनदेन की जानकारी उपलब्ध कराई हैं। आयकर विभाग इस व्यक्ति के खिलाफ कर चोरी व मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच कर रहा है। सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘‘उन्होंने (मॉरीशस के अधिकारियों ने) एक व्यक्ति से जुड़ी सूचना उपलब्ध कराई है। इस व्यक्ति ने वहांऔरऔर भी

प्रस्तावित लोकपाल विधेयक के लगभग सभी 40 मुख्य बिंदुओं पर सरकार और गांधीवादी अण्णा हज़ारे के पक्ष के बीच एक दौर की बातचीत सोमवार को पूरी हो गई। लेकिन प्रधानमंत्री और न्यायपालिका को इस विधेयक के दायरे में लाने के बारे में अभी कोई सहमति नहीं बन पाई। सरकार हालांकि, करीब आधे बिंदुओं पर सैद्धांतिक रूप से सहमति हो चुकी है। लोकपाल विधेयक का कारगर मसौदा तैयार करने के लिए गठित संयुक्त समिति की वित्त मंत्री प्रणवऔरऔर भी

भारतीय निर्यातकों के लिए लोकप्रिय प्रोत्साहन स्कीम डीईपीबी (ड्यूटी इनटाइटलमेंट पासबुक स्कीम) का विस्तार किए जाने की वकालत करते हुए वाणिज्य मंत्री आनन्द शर्मा ने कहा है कि वे नई दिल्ली लौटकर इस मुद्दे को वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी के सामने उठाएंगे। शर्मा ने सोमवार को आदिस अबाबा (इथियोपिया) में यह बात कही। उन्होंने समाचार एजेंसी प्रेस ट्रस्ट को बताया, ‘‘मैं उन लोगों में से नहीं हूं जो यह कह रहे हैं कि हमारा निर्यात ऐसे स्तरऔरऔर भी

देश के मुख्य सांख्यिकीविद् टी सी ए अनंत के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें देश की आर्थिक विकास दर को प्रभावित कर सकती हैं और चालू वित्त वर्ष में यह 8.5 फीसदी रह सकती है। हालांकि, उन्होंने कहा कि मानसून सामान्य रहने की स्थिति में अगस्त-सितंबर तक सकल मुद्रास्फीति की दर आठ फीसदी के आंकड़े से नीचे आ जाएगी। प्रमुख उद्योग संगठन फिक्की के एक समारोह के दौरान अनंत ने कहा, ‘‘तेल कीऔरऔर भी

खाद्य वस्तुओं की मुद्रास्फीति 7 मई को समाप्त हुए सप्ताह में घटकर डेढ़ साल के निचले स्तर 7.47 फीसदी पर पर आ गई। साल भर पहले इसी दौरान खाद्य मुद्रास्फीति की दर 22.15 फीसदी थी। अभी खाद्य मुद्रास्फीति में कमी की खास वजह दाल, सब्जी और गेहूं की कीमतों में नरमी आना है। लेकिन विशेषज्ञों ने कहा कि गैर-खाद्य वस्तुओं की कीमतों में तेजी अब भी बनी हुई है जिससे रिजर्व बैंक ब्याज दरें और बढ़ा सकताऔरऔर भी

वेदांत समूह द्वारा केयर्न एनर्जी को अधिग्रहण करने के मुद्दे पर विचार करने के लिए मंत्री समूह की बैठक 27 मई को होगी, जबकि इस सौदे को पूरा करने की निर्धारित अंतिम तारीख 20 मई को समाप्त हो रही है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया, “वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी की अध्यक्षता वाले मंत्री समूह की बैठक 27 मई को होगी जिसमें केयर्न एनर्जी द्वारा केयर्न इंडिया में 40 प्रतिशत हिस्सेदारी वेदांत समूह को बेचने पर चर्चाऔरऔर भी

वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी महंगाई की दर में मामूली गिरावट से भी उत्साहित हैं। उन्होंने भरोसा जताया है कि आनेवाले महीनों में मुद्रास्फीति और नीचे आएगी। उनका मानना है कि खाद्यान्नों के स्टॉक में बढ़ोतरी और मैन्यूफैक्चर्ड वस्तुओं की लागत घटने से महंगाई और घटेगी। मुखर्जी ने सोमवार को राजधानी दिल्ली में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, ‘‘अप्रैल में मैन्यूफैक्चर्ड वस्तुओं व खाद्य वस्तुओं, दोनों के दाम में गिरावट आई है। यह एक अच्छा रुख है।औरऔर भी

वित्त मंत्री और रिजर्व बैंक के गवर्नर दो ऐसी शख्सियतें हैं जिनका एक-एक बयान शेयर बाजार को प्रभावित कर सकता है। सावधानी हटी दुर्घटना घटी। जरा-सा गलत बयान दे दिया तो बाजार में पलीता लग सकता है। लेकिन पहले पी चिदंबरम और अब प्रणव मुखर्जी कह चुके हैं कि उन्हें बाजार का उठना-गिरना नहीं समझ में आता। पिछले हफ्ते 3 मई को करीब सवा तीन बजे शाम सालाना मौद्रिक नीति पेश किए जाने के बाद रिजर्व बैंकऔरऔर भी

मार्च में देश का औद्योगिक उत्पादन उम्मीद से कहीं ज्यादा बेहतर रफ्तर से बढ़ा है। इसने भारतीय अर्थव्यवस्था में आ रही किसी भी धीमेपन के डर को दरकिनार कर दिया है। इससे उन आलोचनाओं पर भी लगाम लग सकती है जिनमें कहा जा रहा है था कि रिजर्व बैंक ने मुद्रास्फीति को थामने के उत्साह में आर्थिक विकास को दांव पर लगा दिया है। मार्च 2011 में फैक्ट्रियों, खदानों व सेवा क्षेत्र में उत्पादन साल भर पहलेऔरऔर भी