वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने बीते वित्त वर्ष 2010-11 में तय लक्ष्य से भी अधिक कर-वसूली के लिए आयकर विभाग की पीठ थपथपाई और कहा कि 7.90 लाख करोड़ रुपए की अप्रत्याशित कर वसूली करके विभाग ने देश को वित्तीय मजबूती के रास्ते पर लाने में मदद दी है। सरकार ने 2010-11 में 7.90 लाख करोड़ रुपए का कर संग्रह किया जबकि 74,000 करोड़ रुपए का रिफंड जारी किया। वित्त मंत्री ने केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड :सीबीडीटी:औरऔर भी

पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ाने के पेट्रोलियम मंत्रालय के प्रस्ताव पर विचार के लिए मंत्रियों के अधिकार प्राप्त समूह की बैठक से पहले प्रमुख उद्योग संगठन एसोचैम ने कहा है कि उपभोक्ताओं पर कम बोझ डालने के लिए सरकार को चरणबद्ध तरीके से कीमतें बढ़ानी चाहिए। एसोचैम ने रविवार को जारी बयान में कहा कि सरकार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के अनुपात में ईंधन के मूल्य नहीं बढ़ाना चाहिए। बताऔरऔर भी

एलआईसी के इतिहास में ऐसा आज तक नहीं हुआ था। सरकार ने देश की इस सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी के चेयरमैन टी एस विजयन का कार्यकाल बढ़ाने के बजाय उन्हें डिमोट तक प्रबंध निदेशक (एमडी) बना दिया है। फिलहाल वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग के अतिरिक्त सचिव राकेश सिंह को एलआईसी का चेयरमैन बना दिया गया है। लेकिन सूत्रों के मुताबिक यह तात्कालिक व्यवस्था है। खुद राकेश सिंह ने कहा है कि एलआईसी का चेयरमैनऔरऔर भी

रिजर्व बैंक ने महीने पर पहले ही मौद्रिक नीति की समीक्षा में कहा था कि मार्च 2011 में मुद्रास्फीति की दर 8 फीसदी रहेगी। वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी से लेकर मुख्य आर्थिक सलाहकार कौशिक बसु तक कहते रहे थे कि मार्च अंत तक मुद्रास्फीति पर काबू पा लिया जाएगा और यह 7 फीसदी पर आ जाएगी। लेकिन शुक्रवार को आए असली आंकड़ों के मुताबिक मार्च में मुद्रास्फीति की दर 8.98 फीसदी रही है। यह फरवरी महीने केऔरऔर भी

गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) ने वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी से आग्रह किया है कि उनके लिए प्रत्यक्ष कर संहिता (डीटीसी) में भी कर छूट का प्रावधान जारी रखा जाना चाहिए ताकि संगठनों को कल्याणकारी गतिविधियों के लिए प्रोत्साहन मिलता रहे। ‘टैक्स पेयर्स प्रोटेक्शन एंड वेल्फेयर सोसायटी’ द्वारा राजधानी दिल्ली में जारी एक बयान में कहा गया है, “करों से धर्मार्थ संस्थानों को संसाधन जुटाने में बाधा आएगी और कल्याणकारी गतिविधियां चलाने की उनकी क्षमता घटेगी।” बयान में कहाऔरऔर भी

भारत ने छह सालों से भ्रष्टाचार के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र संधि को हस्ताक्षर करने के बावजूद लटका रखा है, यह बात मीडिया में उजागर होते ही वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी बचाव की मुद्रा में आ गए हैं। सोमवार को चुनाव प्रचार के दौरान कोलकाता मे उन्होंने मीडिया को बताया कि भारत जल्दी 2005 में हस्ताक्षर की गई इस संधि का अनुमोदन कर देगा। इस बीच चुनावी माहौल के बीच वित्त मंत्री मुखर्जी बीजेपी पर बढ़-चढ़कर हल्ला बोलतेऔरऔर भी

वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने कहा है कि भ्रष्टाचार का खात्मा किए बिना समावेशी विकास का लक्ष्य हासिल नहीं किया जा सकता। उन्होंने स्वीकार किया कि ऊंची आर्थिक वृद्धि दर का लाभ देश की आबादी के बडे हिस्से तक नहीं पहुंच पाया है। शुक्रवार को राजधानी दिल्ली में उद्योग संगठन सीआईआई के राष्ट्रीय सम्मेलन व वार्षिक सत्र को संबोधित करते हुए मुखर्जी ने कहा, ‘‘प्रशासन की विफलता और तंत्र में भ्रष्टाचार से गरीब तबका प्रभावित होता है।औरऔर भी

केन्द्रीय उत्पाद व सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीईसी) ने स्पष्ट किया है कि इस बार के बजट में सिलेसिलाए कपड़ों और परिधानों पर लगाया गया उत्पाद शुल्क (एक्साइज ड्यूटी) दर्जी को नाप देकर सिलाए गए कपड़ों अथवा ऑर्डर के अनुसार सिले गए कपड़ों, धोतियों या फिर साड़ियों पर लागू नहीं है। बजट में ब्रांडेड रेडीमेड गारमेंट और मेडअप्स पर 10 फीसदी की दर से उत्पाद शुल्क लगाया गया है। सीबीईसी ने इस शुल्क के संबंध में स्पष्टीकरण केऔरऔर भी

भारत को स्विस बैंक खातों में रखे गए काले धन के बारे में सूचना हासिल करने के लिए इस साल के अंत तक इंतजार करना पड़ेगा क्योंकि स्विटजरलैंड की संसद पिछले साल अगस्त में भारत के साथ हुई संधि को दिसंबर तक ही मंजूरी दे सकेगी। भारत और स्विटजरलैंड ने सूचनाओं का आदान प्रदान करने की सुविधा के साथ दोहरा कराधान बचाव संधि (डीटीएए) में संशोधन के समझौते पर 30 अगस्त, 2010 को हस्ताक्षर किए थे। स्विटजरलैंडऔरऔर भी