मुंबई में प्रॉपर्टी की कीमतें पिछले तीन साल में 180% बढ़ चुकी हैं। दूसरी तरफ, ताजा खबरों के मुताबिक यहां 80,000 फ्लैट अनबिके पड़े हैं। सप्लाई भी ज्यादा और भाव भी ज्यादा!! ऐसा इसलिए क्योंकि अनबिके फ्लैट 4000-7000 वर्गफुट के हैं जिनकी औसत कीमत 1.4 करोड़ रुपए है। इतने बड़े फ्लैट तो भयंकर अमीर ही ले सकते हैं। अगर यही फ्लैट औसतन 5000 वर्गफुट के बजाय 1000 वर्गफुट के होते तो आज 4 लाख फ्लैट ऐसे होतेऔरऔर भी

मायानगरी मुंबई, सपनों की नगरी। लोगों के पास बड़ी-बड़ी गाड़ियां, पर चलाने को सड़क नहीं। हर मिनट पर ट्रेन, पर भीड़ इतनी कि चढ़ना मुश्किल। समुद्र का अथाह जल, मगर मछलियां प्यासी हैं। यहां घुट-घुटकर जीते हैं लोग। सांस लेने की फुरसत नहीं।और भीऔर भी

सात द्वीपों के शहर मुंबई ने 300 ईसा-पूर्व में ही रोम के साथ व्यापारिक संबंध बना रखे थे। विदेशी घुसपैठियों के रूप में यहां पुतर्गाली सबसे पहले 1498 में आए। उन्होंने अपनी भाषा में इसका नाम रखा बोम बहिया जिसका अर्थ होता है अच्छी छोटी खाड़ी। कालान्तर में यह पहले बॉम्बे, फिर बंबई और अब मुंबई हो गया। ईस्ट इंडिया कंपनी ने 1668 में इसे पुर्तगालियों से मात्र दस पौंड में खरीदा। 1857 में आज़ादी के पहलेऔरऔर भी

मुंबई की एक विशेष अदालत ने 1992 के प्रतिभूति घोटाले के मुख्य दोषी हर्षद मेहता की जब्त संपत्ति से 650 करोड़ रुपए और निकालकर बैंकों व आयकर विभाग को देने की इजाजत दे दी है। अब वित्त मंत्रालय की तरफ से नियुक्त कस्टोडियन इस रकम को जारी कर सकेंगे। मंगलवार को विशेष अदालत के न्यायाधीश जस्टिस डी के देशमुख ने फैसला सुनाया कि इस 650 करोड़ रुपए में से 345.76 करोड़ रुपए स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक और 259.65औरऔर भी

अर्थव्यवस्था पर नजर रखनेवाली प्रमुख शोध संस्था सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकनॉमी (सीएमआईई) का आकलन है कि मानसून खत्म होने के बाद निर्माण गतिविधियों में तेजी आएगी जिससे सीमेंट की कीमतों में तेजी आ सकती है। सीएमआईई ने अपनी मासिक समीक्षा में कहा है कि मानसून के बाद निर्माण गतिविधियों में तेजी की संभावना है। इससे सीमेंट की मांग बढ़ सकती है। नतीजतन सीमेंट की कीमत चढ़ेगी। रिपोर्ट के अनुसार मई के बाद मांग नरम पड़ने सेऔरऔर भी

स्विटजरलैंड के जिस बदनाम बैंक, यूबीएएस एजी की भारत में इसलिए थू-थू होती है कि उसने यहां के तमाम लोगों का काला धन अपने यहां जमा कर रखा है, उसकी शाखा भारत सरकार की अनुमति पिछले तीन सालों से मजे में काम कर रही है। शायद इससे बड़े किसी सबूत की जरूरत नहीं है कि सरकार क्यों काले धन के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही है और सुप्रीम कोर्ट को खुद आगे बढ़कर विशेष जांच दल (एसआईटी)औरऔर भी

यूटीआई म्यूचुअल फंड ने निवेशकों को वित्तीय रूप से साक्षर बनाने का अभियान फिर चलाने का फैसला किया है। बहुत मुमकिन है कि इसे भी पिछले साल की तरह जुलाई माह से शुरू कर दिया जाए। इसके तहत म्यूचुअल फंड की तरफ से चार महानगरों – दिल्ली, मुंबई, कोलकाता व चेन्नई से तमाम शिक्षण सामग्रियों के लैस बसें चलाई जाएंगी। इन बसों का नाम नोलेज कारवां रखा गया है। ये बसें शहरों, कस्बों व गांवों में रुक-रुककरऔरऔर भी

नौकरी हासिल करने के लिए संभावित नियोक्ताओं को अब पहले से ज्यादा लोग गलत जानकारियां दे रहे हैं। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि 2011 की पहली तिमाही में इस तरह के मामलों में इजाफा हुआ है। नोट करने की बात है कि मुंबई, मेरठ और कानपुर उन शीर्ष तीन शहरों में हैं, जहां उम्मीदवारों द्वारा अपनी शिक्षा के बारे में सबसे ज्यादा गलत जानकारियां दी गईं। दुनिया के पैमाने पर इस तरह के जोखिम परऔरऔर भी

सनटेक रीयल्टी। मुंबई में महंगे घर और व्यावसायिक इमारतें बनानेवाली कंपनी। लेकिन जिसका सालाना ईपीएस (प्रति शेयर मुनाफा) मात्र 35 पैसे हो; जिसने पिछले दो सालों में अपने शेयरधारकों को 2 रुपए अंकित मूल्य के शेयर पर मात्र 12 पैसे का लाभाश दिया है; जिसका शेयर सितंबर के बाद से आधे से भी ज्यादा गिर जाने के बावजूद 957 के पी/ई अनुपात पर ट्रेड हो रहा है। मैं ऐसी कंपनी पर कभी भी दांव नहीं लगा सकता।औरऔर भी

सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया है कि दिल्ली और मुंबई के हवाई अड्डों को विकसित कर रही निजी क्षेत्र की कंपनियां घरेलू व अंतरराष्ट्रीय यात्रियों से एयरपोर्ट विकास शुल्क (एडीएफ) नहीं वसूल सकतीं। बता दें कि दिल्ली हवाई अड्डे का विकास व प्रबंधन जीएमआर इंफ्रास्ट्रक्चर और मुंबई एयरपोर्ट का विकास व प्रबंधन जीवीके पावर एंड इंफ्रास्ट्रक्चर द्वारा प्रवर्तित कंपनियों के हवाले कर दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीश सिरियाक जोसेफ और न्यायाधीश ए के पटनायक कीऔरऔर भी