हमारे शेयर बाजार और यहां के उस्तादों की बलिहारी है। जो कंपनी सिर्फ एक खनिज, कोयला निकालती है, उस कोल इंडिया का शेयर 34.54 के पी/ई अनुपात पर ट्रेड हो रहा है और जो कंपनी लौह अयस्क ही नहीं, तांबा, रॉक फॉस्फेट, लाइमस्टोन, डोलोमाइट, जिप्सम, टिन, टंगस्टेन, बेंटानाइट और मैग्नेसाइट से लेकर हीरे तक का खनन करती है, उसका शेयर मात्र 14.66 के पी/ई पर डोल रहा है। वह भी तब, जब कर्नाटक में अवैध खनन परऔरऔर भी

एक दिन में सेंसेक्स के 422 अंक और निफ्टी के 125 अंक बढ़ने के बाद बाजार का थोड़ा गम खाना लाजिमी था। फिर भी खुला तेजी के साथ तो बाजार चलानेवालों को थोड़ी मुनाफावसूली का मौका मिल गया। हालांकि सेंसेक्स 74.47 अंक और निफ्टी 21.55 अंक गिरकर बंद हुआ है। लेकिन इससे यह नहीं मान लेना चाहिए कि बाजार का रुख फिर उलट गया है। कल बाजार के बादशाह रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) का दिन है। वह सितंबरऔरऔर भी

सामाजिक जीवन में आप क्या हैं, इससे ज्यादा फर्क इस बात से पड़ता है कि लोगबाग आपके बारे में क्या धारणा रखते हैं। शेयर बाजार में भी कमोबेश यही होता है। बाजार को लग रहा है कि उजाला, मैक्सो, एक्सो, जीवा और फैब्रिक स्पा जैसे ब्रांडों से ग्राहकों के बीच धूम मचानेवाली कंपनी ज्योति लैब्स का जर्मन कंपनी हेंकेल की भारतीय शाखा को खरीदने का फैसला गलत है तो वह इसे सही मानने को तैयार ही नहींऔरऔर भी

इनफोसिस ने अपेक्षा से बेहतर नतीजे घोषित किए। लेकिन बाकी साल के अनुमान घटा दिए। फिर भी इसके शेयरों में उछाल गया। इसका कारण यह है कि बाजार में हर कोई शॉर्ट हुआ पड़ा है जबकि डाउनग्रेड का दौर अब खत्म हो चुका है और अपग्रेड का क्रम शुरू हो गया है। इससे आपका साबका भले ही न पड़ा हो, लेकिन ऐसा होना आम नियम और व्यवहार है। रुपए का अवमूल्यन सॉफ्टवेयर निर्यात करनेवाली कंपनियों की मददऔरऔर भी

एक मोटी-सी बात गांठ बांध लें कि शेयरों का धंधा दुनिया का इकलौता धंधा है जो अकेले किया जाता है। दूसरों के चक्कर में पड़े तो समझिए कि खटिया खड़ी, बिस्तरा गोल। आप इस बात की भी तस्दीक करेंगे कि चैनलों या अखबारों में दी गई एनालिस्टों की दस में आठ सलाहें गलत होती हैं। इसलिए हमारी कोशिश आपको ‘चुटकी भर टिप्स, मुठ्ठी भर मंत्र’ देने की है ताकि आप अपने फैसले खुद कर सकें। हमारी सलाहऔरऔर भी

कल निफ्टी में 4990 और 5030 के आसपास किए गए शॉर्ट सौदे अभी तक काटे नहीं गए हैं। कारण, बहुत से मंदड़िए मानते हैं कि बाजार गिरकर 4700 तक जाएगा क्योंकि कल आ रहे इनफोसिस के नतीजे, हो सकता है कि अच्छे न रहें। ब्याज दरों के बढ़ने से मैन्यूफैक्चरिंग कंपनियों को तगड़ी चपत लगी है। वहीं रुपए का कमजोर होना इनफोसिस की भावी संभावनाओं के लिए सुखद है। इनफोसिस ने जिस तरह से रुपए की विनिमयऔरऔर भी

यूरोप से लेकर अमेरिका तक के बाजार ऊपर। अमेरिका के डाउ जोन्स फ्यूचर्स में 124 अंकों की बढ़त। फिर भी अपना बाजार खुला एकदम सपाट। लेकिन फिर  उम्मीद के मुताबिक फौरन बढ़ने लगे और बढ़ते ही चले गए। निफ्टी दिन के उच्चतम स्तर 4991.15 के एकदम करीब 4988.55 पर बंद हुआ, शुक्रवार से 2.06 फीसदी की बढ़त लेकर। मेरा मानना है कि निफ्टी के यूं 4985 के ऊपर पहुंचने ने उसके 5300 तक पहुंचने की राह खोलऔरऔर भी

ला ओपाला क्रॉकरी और कांच व क्रिस्टल बनी चीजों का ऐसा ब्रांड है जिसकी कोई काट बड़ी मुश्किल है। यह ब्रांड क्वालिटी का पर्याय है। इसके सामान महंगे जरूर हैं। लेकिन देश का बढ़ता मध्य वर्ग इन्हें लपककर खरीदता है। इसे बनानेवाली कंपनी है ला ओपला आरजी लिमिटेड। नाम से लगता है जैसे फ्रांस की कोई कंपनी हो। लेकिन यह पूरी तरह देशी कंपनी है। सुशील झुनझुनवाला इसके प्रबंध निदेशक हैं जो राकेश झुनझुनवाला के रिश्तेदार नहींऔरऔर भी

दुनिया के बाजारों के बढ़ने कारण अपना शेयर बाजार भी भारी अंतर के साथ खुला। निफ्टी 2.79 फीसदी बढ़कर 4883.65 पर तो सेंसेक्स 2.72 फीसदी बढ़कर 16,222.49 पर। शाम होते-होते निफ्टी 136.75 अंकों की बढ़त के साथ 4888.05 और सेंसेक्स 440.13 अंकों की बढ़त के साथ 16,232.54 पर बंद हुआ। इस बीच खाद्य मुद्रास्फीति के ताजा आंकड़ों से जाहिर हुआ कि इस पर कोई लगाम नहीं लग पा रही है तो दोपहर बाद थोड़ी मुनाफावसूली देखी गई।औरऔर भी

एचडीएफसी बैंक धंधे के मामले में देश में निजी क्षेत्र का दूसरा सबसे बड़ा बैंक है। आईसीआईसीआई बैंक इससे ऊपर है। लेकिन बाजार पूंजीकरण में यह उससे भी ऊपर है। एचडीएफसी बैंक का बाजार पूंजीकरण इस वक्त 1,02,320 करोड़ रुपए है, वहीं आईसीआईसीआई बैंक का 89,762 करोड़ रुपए। दोनों ही बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी में शामिल शेयर हैं। लेकिन जिस तरह अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसियों की कुदृष्टि हमारे बैंकिंग सेक्टर पर पड़ी है, उसमें हो सकता हैऔरऔर भी