जी-20 के सम्मेलन तक में दुनिया भारत की ओर देख रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति को लगा कि अब भारत के साथ रिश्ते मधुर बनाने का वक्त आ गया है क्योंकि भारत जिस रफ्तार से विकास कर रहा है, उससे वह एक दिन सारी दुनिया का चहेता बन जाएगा और विश्व अर्थव्यवस्था को मंदी से बाहर निकाल सकता है। यह भी बड़ी विचित्र बात है कि निवेशक और ट्रेडर बड़ी आसानी से चीन को किनारे कर रहे हैं।औरऔर भी

ग्रीस के ऋण संकट जैसे कई मुद्दों के बीच से गुजरते हुए बाजार (निफ्टी) ने 4800 से 5088 तक का लंबा फासला तय कर लिया। ध्यान दें, ये मुद्दे रोलओवर के ठीक पहले उछाले गए और हल्ला मचाया गया कि अब सेंसेक्स 12,000 तक गिर जाएगा। क्या कहें, अपने यहां यह बराबर का चक्कर बन गया है क्योंकि बाजार को चलाने व नचाने वाले लोग अच्छी तरह जानते हैं कि हमारे स्टॉक एक्सचेंज ऐसे खिलाड़ियों से भरेऔरऔर भी

मार्क मोबियस का यह कहना मेरे लिए बड़ा सुकून भरा रहा कि वे पिछले एक महीने से ब्रिक (ब्राजील, रूस, भारत व चीन) देशों में खरीदारी कर रहे हैं। मुझे तसल्ली हुई कि कम से कम मेरा एक चाहनेवाला खुल्लम-खुल्ला मान रहा है कि अनिश्चितता का दौर बाजार में खरीदारी का सबसे अच्छा वक्त होता है। निफ्टी जब 5000 या 5050 अंक पर था, तभी हमने अनुमान जताया था कि वैश्विक संकट के चलते यह 4850 तकऔरऔर भी

मेरा आपको सुझाव है कि कुछ समय निकालें और कंपनी व बाजार के बारे में उपलब्ध कराई जा रही रिसर्च का अध्ययन करें। जैसे, आज हम इस कॉलम के अंत में कावेरी टेलिकॉम की रिसर्च रिपोर्ट पेश कर रहे हैं। हम इस तरह की विशेष जानकारियां उपलब्ध कराते रहते हैं। इनके अध्ययन से भारत के साथ-साथ दुनिया के बाजारों के बर्ताव को लेकर आपके जो भ्रम हैं, उनमें से ज्यादातर दूर हो सकते हैं। अगर फिर भीऔरऔर भी

कल के 3 इडियट्स ने अच्छा रंग दिखाया। ले लिया हो तो रखे रहिए। बाद में देखिएगा। आज दो खास शेयरों की बात, जिनसे जुड़ी हुई हैं काफी सकारात्मक खबरें। इनमें से एक है एक्वा लॉजिस्टिक्स। यह जल्दी ही हांगकांग में किए गए तीन अधिग्रहण सौदे पूरे करने जा रही है। इसकी आधिकारिक घोषणा पहले ही हो चुकी है। लेकिन पहले करार हुआ था। अब इसे अंजाम दिया जा रहा है। कंपनी के शेयर का भाव सोमवारऔरऔर भी

अब मैं अपने मुंह से क्या कहूं? सारी दुनिया समझ गई है कि जब ग्रीस को ऋण संकट में मदद देनी की बात यूरोपीय संघ ने मंजूर कर ली थी, तब बाजार में इस तरह की गिरावट का कोई तुक नहीं था। मैंने आपको बता दिया था कि रविवार को ऐसा हो जाएगा। मैंने यह भी कहा था कि यूरोपीय संघ के पास इसके अलावा कोई चारा नहीं है। चाहे कुछ भी हो जाए, यूरो डूब नहींऔरऔर भी

शेयर बाजार में जबरदस्त चर्चा है कि आईएफसीआई को दो दिन के भीतर रिजर्व बैंक से बैंक बनाने का लाइसेंस मिलनेवाला है और अगले हफ्ते बाकायदा इसकी घोषणा हो जाएगी। इस चक्कर में सटोरिये बड़े पैमाने पर आईएफसीआई की खरीद में जुट गए हैं। मामला कितना सच है कितनी अफवाह, इस बारे में रिजर्व बैंक की तरफ से कोई भी कुछ बोलने को तैयार नहीं है। लेकिन इन अटकलों के बीच हो यह रहा है कि आईएफसीआईऔरऔर भी

हमारा मानना था कि निफ्टी आज उठेगा। पर ऐसा हुआ नहीं। हालांकि इसमें गिरावट भी नहीं आई। असल में बाजार ए ग्रुप के ऑटो, मेटल व बैंकिंग शेयरों में ओवरबॉट की स्थिति में आता जा रहा है यानी इनमें काफी खरीद हो चुकी है, जबकि रीयल्टी व इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों के शेयरों में खरीद का स्तर काफी कम है। हमने बजट के फौरन बाद कह दिया था कि रीयल्टी व इंफ्रा कंपनियों पर सर्विस टैक्स का ज्यादा असर नहीं पड़ेगा।औरऔर भी