एक तरफ ब्याज दरों में वृद्धि, दूसरी तरफ सेटलमेंट का दिन। सो, हो गई निवेशकों के लिए सांप-छछूंदर की गति। न इधर, न उधर। न उगलते बनता है, न निगलते। ब्याज दरों में वृद्धि और कंपनियों के लाभार्जन में सुस्ती के चलते बाजार ओवरसोल्ड अवस्था में है। लेकिन ऑपरेटर बाजार के ज्यादातर ट्रेडरों के शॉर्ट होने जाने के विपरीत लॉन्ग हुए पड़े हैं। इसलिए दिशा तो बढ़ने की ही है। रविवार को इसी कॉलम में हमने आपकोऔरऔर भी

ज्ञान का हर चिप खुशी के नए स्रोत खोलता है। चीजें वही रहती हैं, लेकिन नजरिया बदलने से उनके साथ आपके रिश्ते बदलकर नए बन जाते हैं। खुशी की चादर इन्हीं रिश्तों के तानेबाने से ही बुनी जाती है।और भीऔर भी

हमने अपनी सारी लॉन्ग कॉल्स शुक्रवार को ही बंद कर दी थीं क्योंकि हमें पूरा अहसास था कि रिलायंस इंडस्ट्रीज और टीसीएस सितंबर तिमाही के नतीजों से बाजार को निराश करेंगी। इसके ऊपर से दुनिया के बाजारों ने आग में घी डालने का काम कर दिया। कुछ बाजार सूत्रों का कहना है कि आज दो प्रमुख एफआईआई ने निफ्टी में अपनी लांग पोजिशन काटी है। लेकिन मैं पक्की तरह जानता हूं कि यह सब ड्रामा है। गिरावटऔरऔर भी

अकेले दम पर धन-दौलत, पद, प्रतिष्ठा और शोहरत सब पाई जा सकती है। लेकिन पारिवारिक संबंधों की रागात्मकता के बिना वो खुशी नहीं मिल सकती है जो क्षीर सागर में विराजे विष्णु को हासिल थी।और भीऔर भी

हमारी खुशी का मूल स्रोत प्रकृति है। समाज तो बस बिचौलिया है जो बनने-बनते हजारों साल में बना है। इस बात को समझकर हम मूल प्रकृति के जितना करीब जाएंगे, हमारी खुशी उतनी बढ़ती जाएगी।और भीऔर भी

प्रकृति हर पल नाना रूपों में अपने ऐसे तमाम रहस्य हमें बताती रहती है जो हमारे खुश रहने के लिए जरूरी हैं। लेकिन हम हैं कि अपने में ही डूबे रहते हैं। बाहर देखते नहीं तो अंदर के कपाट बंद पड़े रहते हैं।और भीऔर भी

अच्छी बात है कि निफ्टी अब गिरकर बाजार के उस्तादों के मनोवांछित टेक्निकल स्तर पर आ गया है। फिलहाल बाजार ओवरसोल्ड अवस्था में है। यह तेजडियों के लिए सुनहरा मौका है कि वे निफ्टी को 200 अंक तक उठाकर जबरदस्त मुनाफा कमाने की सूरत निकाल लें। हमें निफ्टी की इस गति का अहसास था और हमने खुद को खास-खास सूचनाओं वाले चुनिंदा स्टॉक्स पर केंद्रित किया। ये स्टॉक गिरते बाजार में भी निश्चित रूप से बढ़ रहेऔरऔर भी

जो चीज सालों से नहीं बदली, उसे बदलने का सुख ही सृजनात्कता का सुख है। बदलने की ललक हो, जीवट हो तो अंदर से ऊर्जा के बुलबुले उठते हैं। ये बुलबुले खुशी की चहक व ताजगी साथ लेकर आते हैं।और भीऔर भी

अमेरिका ने ओसामा बिन लादेन को मार क्या गिराया, तमाम जिंसों के दाम धड़ाम-धड़ाम गिरने लगे। चांदी पर निचला सर्किट लग गया। एक हफ्ते में चांदी पर लगा यह दूसरा निचला स्रर्किट है। यह संकेत है इसके भावी हश्र का। इस पर मार्जिन भी अब काफी बढ़ा दिया गया है। इससे इसमें और गिरावट आएगी और यह 60,000 प्रति किलो के नीचे जा सकती है। फिलहाल कारोबारियों में इसमें निचले स्तर पर खरीद की चर्चाएं चल पड़ीऔरऔर भी

आपकी नजर ही हद क्या है? कहां तक देख पाते हो आप? अपने तक, परिवार तक, समुदाय तक, समाज तक, देश-दुनिया तक या हर तरफ फैली प्रकृति तक। इसी से तय होता है आपके सुखी होने का स्तर।और भीऔर भी