कंपनियों के तीसरी तिमाही के नतीजों के आने का सिलसिला बस शुरू ही होने को है। इसलिए शेयरों की नई खरीद-ब्रिकी का खेल अब ज्यादा दूर नहीं है। अग्रणी कंपनियों के अच्छे नतीजे और फिर उनके भावों का सही स्तर पर आना या करेक्शन होना हमारे पूंजी बाजार का नियमित पहलू है। कंपनियों की लाभप्रदता की कयासबाजी को लेकर सावधान रहिए। हम इसके बारे में आपको पहले से आगाह करना चाहते हैं। बाकी तो आप खुद हीऔरऔर भी

सरकारी बैंकों में कर्मचारियों द्वारा की गई धोखाधड़ी के मामले में सूचना का अधिकार (आरटीआई) कानून के तहत मांगी गई सूचना का विभिन्न बैंकों ने अलग अलग नजरिया अपनाते हुए जबाव दिया। कुछ बैंकों ने तो यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि मांगी गई सूचना बैंकों में तैयार नहीं की जाती है। समाचार एजेंसी प्रेस ट्रस्ट की एक खबर के अनुसार, कुछ बैंकों ने कहा है कि धोखाधडी से जुड़े आईपीसी की धारा 420 के तहत आनेवालेऔरऔर भी

देश में जहां एफआईआई (विदेशी संस्थागत निवेशक) निवेश बढ़ता जा रहा है, वहीं प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) घट रहा है। एफआईआई निवेश में एक तरह का उबाल आया हुआ है। लेकिन पिछले छह महीनों में एफडीआई घटकर लगभग आधा रह गया है। इस बीच हमारा व्यापार घाटा भी बढ़ रहा है। यूरो ज़ोन के संकट ने हमारे व्यापार संतुलन पर विपरीत असर डाला है। चिंता के ये सारे मसले खुद वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने उठाए हैं।औरऔर भी

देश की अर्थव्यवस्था इस साल पिछले तीन सालों की सबसे ज्यादा 9 फीसदी विकास दर हासिल कर सकती है, लेकिन मुद्रास्फीति की दर साल के अंत में रिजर्व बैंक के अनुमान से काफी ज्यादा रहेगी। यही नहीं, खाद्य पदार्थों की मुद्रास्फीति तो 19.95 फीसदी पर पहुंच सकती है। वित्त मंत्रालय ने यह अनुमान अर्थव्यवस्था के छमाही विश्लेषण में पेश किया है। मंगलवार को यह विश्लेषण रिपोर्ट वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने संसद के दोनों सदनों में पेशऔरऔर भी

इस साल कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) पर मिलनेवाले 1 फीसदी अतिरिक्त ब्याज पर कोई इनकम टैक्स नहीं लिया जाएगा। श्रम व रोजगार मंत्री हरीश रावत ने सोमवार को लोकसभा में एक लिखित उत्तर में बताया कि इस आय को इनकम टैक्स से मुक्त रखा गया है। बता दें कि चालू वित्त वर्ष 2010-11 के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के ट्रस्टी बोर्ड ने 8.5 फीसदी की जगह 9.5 फीसदी ब्याज देने का निर्णय लिया है। इसकेऔरऔर भी

हाउसिंग लोन घोटाले में सीबीआई ने 17 कंपनियों को नोटिस भेजा है। इनमें से पांच कंपनियों के बारे में सीबीआई का कहना है कि इन्होंने बैंक अधिकारियों को घूस देकर हासिल करीब 1000 करोड़ रुपए के कर्ज की रकम शेयर बाजार में लगा दी। दो प्रमुख बिजनेस चैनलों ने सूत्रों के हवाले यह खबर दी है। उनका कहना है कि इसमें से एक कंपनी ने 560 करोड़, दूसरी ने 300 करोड़ और बाकी तीन ने 50-60 करोड़औरऔर भी

पिछले कुछ दिनों से देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के खिलाफ आ रही खबरों पर शुक्रवार को तब विराम लग गया जब बीमा नियामक संस्था, आईआरडीए (इरडा) के चेयरमैन जे हरिनारायण ने उसे क्लीनचिट दे दी। कह दिया कि एलआईसी ने किसी नियम का उल्लंघन नहीं किया है और पहले 14,000 करोड़ रुपए की कमी की जो बात कही गई थी, वह असल में मौजूदा बीमांकन अनुमान की तुलना में बताईऔरऔर भी

चालू वित्त वर्ष 2010-11 में अप्रैल से अक्टूबर तक के सात महीनों में सरकार का अप्रत्यक्ष कर संग्रह पिछले साल की समान अवधि से 42.4 फीसदी ज्यादा रहा है। वित्त मंत्रालय से मिली जानकारी के मुताबिक कस्टम, सेंट्रल एक्साइज व सर्विस टैक्स जैसी मदों से सरकार को अप्रैल-अक्टूबर 2010 के दौरान कुल 1,80,261 करोड़ रुपए का कर-राजस्व मिला है। यह रकम इस साल में अप्रत्यक्ष कर संग्रह के बजट अनुमान का 57.5 फीसदी है। पूरे साल मेंऔरऔर भी

मैंने कल बिजनेस स्टैंडर्ड में एक रिपोर्ट पढ़ी जिसमें संवाददाता ने किसी शेयर को ट्रेड टू ट्रेड श्रेणी में डालने के तौर-तरीकों को लेकर स्टॉक एक्सचेंज के अधिकारियों पर कुछ खरे-खरे आरोप लगाए हैं। इसमें भ्रष्टाचार तक का आरोप शामिल है। इन आरोपों की वाकई जांच-पड़ताल की जानी चाहिए और पुष्टि के लिए प्रमाण भी जुटाए जाने चाहिए। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि किसी शेयर को ट्रेड टू ट्रेड से दोबारा सामान्य श्रेणी मेंऔरऔर भी

सरकार यूरिया से मूल्य-नियंत्रण हटाने की तरफ तेज कदमों से बढ़ रही है। बुधवार को वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी और उवर्रक राज्य मंत्री श्रीकांत जेना उर्वरक उद्योग के प्रतिनिधियों से मिले। समाचार एजेंसी रायटर्स के अनुसार इस मुलाकात के बाद उन्होंने एक पैनल बनाने का निर्णय लिया है जिसमें उर्वरक मंत्रालय, कृषि मंत्रालय और वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग के शीर्ष अधिकारी शामिल रहेंगे। यह पैनल यूरिया के मूल्य से सरकारी नियंत्रण हटाने की संभाव्यता पर विचारऔरऔर भी