आज का दिन शेयर बाजार में कत्लोगारद का दिन है। अमेरिका का संकट सारी दुनिया पर हावी है। मध्य-पूर्व के बाजारों में कुवैत में 2.51 फीसदी से लेकर इस्राइल की 6.59 फीसदी गिरावट ने झांकी दिखा दी है कि भारत व एशिया के बाजारों में क्या हो सकता है। हमारे पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश में शेयर सूचकांक रविवार को बाजार खुले होने पर 2.2 फीसदी गिर चुका है। सेंसेक्स शुक्रवार को 2.19 फीसदी गिरकर 17,305.87 पर बंद हुआऔरऔर भी

देश की सबसे बड़ी लिस्टेड कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज ने जून 2011 की तिमाही में अब तक की किसी भी तिमाही से ज्यादा शुद्ध लाभ कमाया है। लेकिन बाजार व विश्लेषकों के अनुमान से यह जरा-सा पीछे रह गया। बाजार को अपेक्षा 5720 करोड़ रुपए के शुद्ध लाभ की थी, जबकि कंपनी ने चालू वित्त वर्ष 2011-12 की पहली तिमाही में 5661 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ कमाया है। यह साल भर पहले की इसी अवधि के 4851औरऔर भी

पंचायतों के सभी स्तरों पर महिलाओं का आरक्षण एक तिमाही से बढ़ाकर कम से कम 50 फीसदी कर दिया गया है। गुरुवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इसके लिए भारतीय संविधान में एक आधिकारिक संशोधन (110वां संशोधन) विधेयक, 2009 को पेश करने के प्रस्‍ताव को मंजूरी दे दी है। संविधान (110वां संशोधन) विधेयक, 2009 को 26 नवंबर, 2009 को लोकसभा में पेश किया गया था। इस आधिकारिक संशोधन में ‘जनसंख्‍या’ शब्‍द से पहले ‘ग्रामीण’ शब्‍द जोड़ने का प्रस्‍तावऔरऔर भी

जयराम रमेश को पर्यावरण मंत्रालय से हटाकर ग्रामीण विकास मंत्रालय की जिम्मेदारी दे दी गई। लेकिन रमेश के इस तरह चले जाने पर पर्यावरणविदों की भावनाएं काफी आहत हुई हैं। इसे जताते हुए प्रोजेक्ट टाइगर के एक वरिष्ठ अधिकारी ने उनसे कहा, ‘‘सर, बाघों को आपकी कमी खलेगी।’’ मंगलवार को कैबिनेट मंत्री के तौर पर पदोन्नत किए गए रमेश ने इस पर प्रतिक्रिया दी, ‘‘मस्त रहो, मैं मंगल पर नहीं जा रहा।’’ बाघों के हितैषी मंत्री समझेऔरऔर भी

एक तरफ सरकार केरोसिन व रसोई गैस पर सब्सिडी का रोना रोती है, वहीं दूसरी तरफ उसने बडी आसानी से सांसदों को हर साल 2370 करोड़ रुपए अतिरिक्त देने का फैसला कर लिया है। गुरुवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास (एमपीलैड) योजना के तहत हर सांसद को हर साल 2 करोड़ रुपए की जगह पांच करोड़ रुपए देने का प्रस्ताव पास कर दिया गया। बढ़ी हुई रकमऔरऔर भी

आम लोगों के लिए कल्याण योजनाओं का विस्तार करने के क्रम में सरकार ने घरेलू श्रमिकों को भी स्वास्थ्य बीमा के तहत लाए जाने को मंजूरी दे दी है। गुरुवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में देश के पंजीकृत 47.50 लाख घरेलू श्रमिकों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना योजना के तहत लाए जाने का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया गया। इन श्रमिकों में ज्यादातर घरों में काम करनेवाली महिलाएं हैं। बैठक केऔरऔर भी

केयर्न इंडिया ने बड़े सभ्य अंदाज में कहा है कि सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी ओएनजीसी ने संभवतः कृष्णा गोदावरी बेसिन के केजी डीडब्ल्यूएन-98:2 ब्लॉक में प्राकृतिक गैस भंडारों को बढा-चढाकर बताया है। दूसरे शब्दों में केयर्न इंडिया का आरोप है कि ओएनजीसी ने गैस भंडार के बारे में झूठ बोला था, हवाबाजी की थी। यह ब्लॉक रिलायंस इंडस्ट्रीज के केजी-डी6 ब्लॉक के पास ही है। केयर्न इंडिया ने केजी डीडब्ल्यूएन-98:2 ब्लॉक में चार खोज की थीं औरऔरऔर भी

लगता है कि सरकार अण्णा हजारे व सिविल सोसायटी के प्रतिनिधियों के साथ किसी टकराव से बचना चाहती है। पहले प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि उन्हें लोकपाल के दायरे में आने में कोई आपत्ति नहीं है और अब इस मुद्दे पर सबसे मुखर, केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री कपिल सिब्ब्ल कह रहे हैं कि प्रधानमंत्री को पद पर रहते नहीं, लेकिन पद छोड़ने के बाद लोकपाल के दायरे में लाया जा सकता है। सिब्बल ने समाचार चैनलऔरऔर भी

भ्रष्टाचार के खिलाफ अण्णा हज़ारे और बाबा रामदेव के आंदोलन से बचाव की मुद्रा में आई यूपीए सरकार अब देश के गरीबों को पटाने में लग गई है। गुरुवार को कैबिनेट ने गरीब बुजुर्गों और बीड़ी मजदूरों पर करीब 3081 करोड़ रुपए अतिरिक्त खर्च करने का फैसला किया है। इसमें गरीब बुजुर्गों पर 2770 करोड़ और बीड़ी मजदूरों पर 311 करोड़ रुपए खर्च होंगे। हालांकि इन दोनों लोकलुभावन कदमों का प्रस्ताव वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने इसऔरऔर भी