पिछले कुछ महीनों से शेयर बाज़ार में ट्रेडिंग के बारे में गंभीरता से पढ़ रहा हूं तो लग रहा है कि यहां कितने चौकन्नेपन और फुर्ती की मांग है। सावधानी हटी, दुर्घटना घटी। इक आग का दरिया है और डूब के जाना है। हमारी सोच, भावना और बर्ताव में ऐसी चीजें घुसी हुई हैं, जो हमारी ही दुश्मन हैं। सोच की लगाम हमारे अवचेतन के हाथ में है जिसे हम जानकर नहीं, मानकर चलते हैं। इसे जानकरऔरऔर भी

इस महीने की शुरुआत से इंडिया बुल्स समूह की लिस्टेड कंपनियों के शेयरों में बढ़त का रुख अब डीएलएफ की राह पकड़ सकता है क्योंकि भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के नेता अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को हुई प्रेस क्रांफेंस में सोनिया गांधी परिवार के भ्रष्टाचार के सिलसिले में इंडिया बुल्स का भी नाम ले लिया। उन्होंने तमाम टीवी चैनलों से यह बात जरूर टिकर के रूप में चलाने का आग्रह किया और कहा कि वे इस बारे मेंऔरऔर भी

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के खत्म होते ही टीम अण्णा ने कांग्रेस के खिलाफ फिर आक्रामक रुख अपना लिया है। टीम के प्रमुख सदस्य अरविंद केजरीवाल ने कांग्रेस से मांग की है कि वह चुनावी खर्चों का ब्यौरा सार्वजनिक करे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस साफ करे कि हेलिकॉप्टरों और चुनावी रैलियों पर कितना ख़र्च हुआ है और यह जानकारी कांग्रेस अपनी वेबसाइट पर उपलब्ध कराए। असल में कांग्रेस महासचिव और उत्तर प्रदेश के प्रभारी दिग्विजय सिंह नेऔरऔर भी

टीम अण्णा अपनी राजनीतिक प्रासंगिकता व धार को बचाए रखने की मशक्कत में जुट गई है। मुंबई में अण्णा हज़ारे के अनशन को बीच में तोड़ने और जेल भरो आंदोलन को रद्द करने के फैसले के बाद पहली बार सोमवार को टीम अण्णा की बैठक हुई। अपने गांव रालेगण सिद्धि में स्वास्थ्य लाभ कर रहे अण्णा बैठक में शमिल नहीं हो सके। लेकिन अरविंद केजरीवाल, प्रशांत भूषण और किरण बेदी समेत टीम के अन्य सदस्यों ने गाजियाबादऔरऔर भी

टीम अण्णा ने वह बात कह डाली जो अभी तक विपक्ष भी इतना खुलकर कहने में हिचकता रहा है। फिर. विपक्ष की विश्वनीयता इतनी कम है कि उसके कहे को राजनीतिक बयानबाजी मानकर कोई तवज्जो नहीं देता। लेकिन टीम अण्णा की बात को देश काफी गंभीरता से ले रहा है और कांग्रेस के तमाम नेताओं से लेकर लालू यादव जैसे विदूषक नेताओं के हमलों के बावजूद आम आदमी को अण्णा हज़ारे और उनके साथ चल रहे सामाजिक-राजनीतिकऔरऔर भी

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह उधर फ्रांस के कान शहर में हो रहे जी-20 देशों के शिखर सम्मेलन में मशगूल हैं। इधर यूपीए सरकार के हमलों से आहत सामाजिक कार्यकर्ता और टीम अण्णा के प्रमुख सदस्य अरविंद केजरीवाल ने उन्हें एक करारा खत लिखा है। इस खत के साथ उन्होंने सरकार की तरफ से दावा किए गए 9 लाख 27 हज़ार 787 रुपए का चेक भी भेज दिया है। लेकिन कहा है कि उन्हें अभी तक अपनी गलती नहींऔरऔर भी

अभी तक केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) जैसी संस्थाएं ही खुद को लोकपाल के अधीन लाए जाने का विरोध कर रही थी। लेकिन अब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी साफ कर दिया है कि लोकपाल का गठन हो जाने के बाद भी सीबीआई स्वतंत्र रूप से काम करती रहेगी। प्रधानमंत्री ने शुक्रवार को राजधानी दिल्ली में सीबीआई और राज्यों के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के 18वें द्विवार्षिक सम्मेलन में कहा, “हमें आशा है किऔरऔर भी

गंभीर मतभेदों और तीखी बयानबाजी के दौर के बाद सरकार और गांधीवादी अण्णा हज़ारे पक्ष के बीच सोमवार को दिल्ली में हुई लोकपाल विधेयक मसौदा समिति की बैठक ‘सौहार्दपूर्ण’ रही। हालांकि, सरकार ने जहां बातचीत में बड़ी प्रगति होने का दावा किया, वहीं हज़ारे पक्ष ने कहा कि मतभेद वाले मुद्दों पर अभी तक आम सहमति नहीं बन पाई है। बैठक का ‘सौहार्दपूर्ण’ माहौल में होना इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछली बैठक में गंभीर मतभेद उभरने केऔरऔर भी

लोकपाल मसौदा विधेयक के दो संस्करण कैबिनेट को भेजने के सरकार के निर्णय पर ‘आश्चर्य’ जताते हुए गांधीवादी सामाजिक कार्यकर्ता अण्णा हज़ारे ने कहा है कि सख्त लोकपाल कानून बनाने की केन्द्र की कोई मंशा नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर कमजोर कानून बना तो वह 16 अगस्त से फिर अनशन करेंगे। गुरुवार को हज़ारे ने कहा कि सरकार ने बीते अप्रैल में लोकपाल मसौदा समिति का गठन कर वादा किया था कि यह समिति ‘आम सहमति’औरऔर भी

भ्रष्टाचार के खिलाफ जनभावनाओं का प्रतीक बन चुके प्रख्यात सामाजिक अण्णा हजारे ने कहा है कि उनका योगगुरु बाबा रामदेव के साथ कोई मतभेद नहीं है। कल रामदेव ने लोकपाल विधेयक के लिए बनी संयुक्त समिति में पूर्व कानून मंत्री शांति भूषण और उनके बेटे प्रशांत भूषण दोनों के रखे जाने पर आपत्ति उठाई थी। रामदेव के प्रतिनिधि एस के तिजारावाला ने उलाहना देते हुए कहा था – पिता मुखिया, बेटा सदस्य और केजरीवाल की सीट काऔरऔर भी