जर्मन चांसलर अंगेला मैर्केल  ने कहा है कि ग्रीस को तब तक नई सहायता नहीं दी जा सकती, जब तक वो पिछली सहायता के इस्तेमाल में वाजिब प्रगति नहीं दिखाता। सोमवार को फ्रांस के राष्ट्रपति निकोलस सारकोजी के साथ बैठक के बाद बर्लिन में आयोजित एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में मैर्केल ने यह बात कही। उन्होंने बताया कि कल, मंगलवार को वे ग्रीस के संकट पर अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की प्रमुख क्रिस्टीन लैगार्ड से बातचीत करनेवालीऔरऔर भी

यूरोप में गहराते ऋण-संकट के बीच फ्रांसीसी राष्ट्रपति निकोलस सारकोजी ने कहा है कि 2001 में ग्रीस को यूरोजोन में शामिल करना बड़ी गलती थी क्योंकि उस वक्त ग्रीस की अर्थव्यवस्था साझा मुद्रा समूह के लिए तैयार नहीं थी। गुरुवार को जब एक टीवी इंटरव्यू के दौरान सारकोजी से यूरोजोन बनने के दो साल के भीतर ही ग्रीस को इसमें शामिल किए जाने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, “यह एक गलती थी। उसकी अर्थव्यवस्थाऔरऔर भी

फ्रांसीसी कंपनियां साल 2012 तक भारत में 10 अरब यूरो (13.37 अरब डॉलर) का निवेश करने को प्रतिबद्ध हैं। फ्रांस की वित्त मंत्री क्रिस्टीन लगार्ड ने सोमवार को उद्योग संगठन फिक्की द्वारा आयोजित भारत-फ्रांस व्यापार मंच की बैठक में कहा, ‘‘यह सिर्फ आंकड़ा (10 अरब यूरो) नहीं है। यह फ्रांसीसी कंपनियों की 2008 से 2012 के बीच भारत में निवेश को लेकर प्रतिबद्धता है।’’ उन्होंने यह भी कहा कि हर बिजनेस ‘आपसी लाभ’ के सिद्धांत पर कामऔरऔर भी