बाजार ने कल साबित करने की कोशिश की कि अमेरिकी बाजार से हमारा कोई वास्ता नहीं रह गया है, जबकि ग्लोबल होती जा रही दुनिया का सच यह नहीं है। दरअसल बाजार के महारथियों ने कुछ एफआईआई की मदद से चुनिंदा स्टॉक्स को खरीदकर बनावटी माहौल बनाने की कोशिश की थी। खैर, कल जो हुआ, सो हुआ। आज दोपहर करीब डेढ़ बजे के बाद बाजार ने बढ़त पकड़ ली तो कारोबार के अंत तक सेंसेक्स 0.89% बढ़करऔरऔर भी

बाजार उम्मीद के मुताबिक कमजोरी के साथ 5000 के नीचे खुला। लेकिन अंत तक सुधरकर 5017.20 पर बंद हुआ, शुक्रवार से 0.45 फीसदी गिरावट के साथ। अमेरिकी बाजार आज बंद हैं। इसलिए कल भारतीय बाजार के उस्तादों के लिए ‘खुला खेल फरुखाबादी वाला दिन’ है और वे निश्चित रूप से इस आजादी का भरपूर फायदा भी उठाएंगे। वैसे, मुझे लगता है कि पूरा सितंबर महीना ही जबरदस्त उतार-चढ़ाव से भरा रहेगा क्योंकि इस दौरान कई बड़ी घटनाएंऔरऔर भी

अमेरिका में पिछले तीन दिनों में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है। इससे भारतीय बाजारों में लगातार बढ़त जारी है और वो खुद को जमाने में लग गया है। उम्मीद के अनुरूप निफ्टी 5120 से 5200 की तरफ बढ़ता जा रहा है। वहां पहुंचने के बाद ही हम समीक्षा करेंगे कि आगे की दशा-दिशा और हमारी रणनीति क्या होगी। फिलहाल आज यह ऊपर में 5113.70 तक जा चुका है। सेंसेक्स भी 16,989.86 तक जाने के बाद लौटाऔरऔर भी

बाजार उम्मीद के मुताबिक 4730 से सुधरकर 5001 तक आ चुका है। इसके जल्दी ही 5080 तक चले जाने की संभावना है क्योंकि अब भी यह ओवरसोल्ड अवस्था में है। लेकिन उसके बाद इसमें इस सिरे से उस सिरे तक की उछल-कूद शुरू होगी। एक सिरा 4900 का है तो दूसरा 5240 का। उसी के बाद हम राय बनाएंगे कि सारे मंदड़ियों की मान्यता के अनुरूप यह 4000 तक जाता है कि नहीं। मंदड़ियों ने निफ्टी मेंऔरऔर भी

पीआई इंडस्ट्रीज के बारे में जब हमने छह महीने पहले पहली बार यहां लिखा था, तब कंपनी एक कसमसाहट के दौर से गुजर रही थी। पॉलिमर इकाई को बेचकर वह खुद को ट्रिम व स्लिम बनाने में लगी थी। तब उसके दस रुपए अंकित मूल्य के शेयर का भाव 526.55 रुपए था। अब उसके पांच रुपए अंकित मूल्य के शेयर का भाव 582.55 रुपए है। दस रुपए का अंकित मूल्य मानें तो भाव हुआ 1165.10 रुपए। छहऔरऔर भी

जैसी हमें उम्मीद थी, वैसा ही हुआ। निफ्टी 3.62 फीसदी बढ़कर 4919.60 और सेंसेक्स 3.58 फीसदी बढ़कर 16.416.33 पर पहुंच गया। बाजार के इस मुकाम पर हम निफ्टी में 5240 तक खरीद या लांग रहने का नजरिया रखते हैं। वहां पहुंचने के बाद हम चारों तरफ घट रही घटनाओं के आधार पर देखेंगे कि यह किसी मुर्दे में अचानक जान आ जाने का मामला है या रैली की शुरुआत हो चुकी है। 4100, 4200, 4300 व 4400औरऔर भी

साल 2008 और 2009 में बाजार लेहमान संकट की भेंट चढ़ गया। अब 2011 पर यूरोप व अमेरिका का ऋण संकट मंडरा रहा है। अमेरिका की आर्थिक विकास दर के अनुमान को घटाकर 1 फीसदी कर दिया गया है। अमेरिका के इतिहास में यह भी पहली बार हुआ कि स्टैंडर्ड एंड पुअर्स ने शनिवार को उसकी रेटिंग एएए के सर्वोच्च स्तर से घटाकर एए+ कर दी और आगे एए भी कर सकती है। हालांकि अमेरिकी वित्त मंत्रालयऔरऔर भी

सुबह बाजार खुलने पर धीमी गिरावट चल रही थी कि दस बजे के आसपास एक बिजनेस चैनल ने खबर चला दी कि सरकार मॉरीशस से साथ टैक्स-संधि पर पुनर्विचार कर रही है और मॉरीशस से भारत में हुए निवेश पर कैपिटल गेन्स टैक्स लगाया जा सकता है। फिर क्या था! बाजार खटाक से 3 फीसदी नीचे गिर गया। खबर आते ही तमाम शेयरों पर हमला शुरू हो गया भले ही उनमें मॉरीशस के जरिए आया धन लगाऔरऔर भी

अच्छी बात है कि निफ्टी अब गिरकर बाजार के उस्तादों के मनोवांछित टेक्निकल स्तर पर आ गया है। फिलहाल बाजार ओवरसोल्ड अवस्था में है। यह तेजडियों के लिए सुनहरा मौका है कि वे निफ्टी को 200 अंक तक उठाकर जबरदस्त मुनाफा कमाने की सूरत निकाल लें। हमें निफ्टी की इस गति का अहसास था और हमने खुद को खास-खास सूचनाओं वाले चुनिंदा स्टॉक्स पर केंद्रित किया। ये स्टॉक गिरते बाजार में भी निश्चित रूप से बढ़ रहेऔरऔर भी

बाजार में भयंकर निराशा का आलम है। निफ्टी 5400 से भी नीचे जा चुका है। विदेशी निवेशकों की तरफ से डंका बजाया जा रहा है कि अगर यह 5300 के नीचे चला गया तो फिर इसे 4700 तक गिरने से रोक पाना मुश्किल होगा। लेकिन इस निराशा के बीच भी आम निवेशकों के लिए नोट बनाने का एक सुनहरा पक्ष उभर रहा है। अभी तक चार बहुराष्ट्रीय कंपनियां डीलिस्टिंग की घोषणा कर चुकी हैं। फिर भी वेऔरऔर भी