राजभाषा से लेकर राष्ट्रभाषा के बीच त्रिशंकु बनी हिंदी की ऐसी दुर्गति हमारा सरकारी अमला कर रहा है जिसका कोई जवाब नहीं। मंगलवार को राजधानी दिल्ली में आयोजित एक समारोह में साल 2011 के साहित्य एकेडमी पुरस्कार दिए गए। इस समारोह के मुख्य अतिथि नामवर सिंह थे। लेकिन संस्कृति मंत्रालय की तरफ से अंग्रेजी में दी गई जानकारी में जहां नामवर सिंह को ‘क्रिटिक’ बताया गया है, वहीं हिंदी में जारी विज्ञप्ति में उन्हें हिंदी का ‘प्रख्यातऔरऔर भी

हमें अपने इर्दगिर्द हमेशा ऐसे लोगों की जरूरत होती है जो हमारी आंखों में आंखें डालकर सच बोल सकें। खासकर तब, जब हमारे दिन खराब चल रहे हों और हम बार-बार अपने लक्ष्य से चूक रहे हों।और भीऔर भी

निफ्टी 0.59 फीसदी और गिरकर 4905.80 पर पहुंच गया। बाजार में हल्ला यही है कि अब सब कुछ बरबाद होने जा रहा है। अरे! सब कुछ तो पहले ही बरबाद हो चुका है। अब बाजार से और कितनी बरबादी की उम्मीद की जा सकती है। आज की तारीख में सरकार की तरफ से रिटेल व छोटो निवेशकों को खींचने या उन्हें मदद करने की कोई नीति नहीं है। सारी की सारी नीतियां एफआईआई समर्थक हैं। असल में,औरऔर भी

आलोचकों की कोई हद नहीं है। वे कुछ भी बक सकते हैं। निफ्टी 6100 के ऊपर चला गया। फिर भी बहुत से ‘पंडित’ मानते हैं कि हमारी खबरें, विश्लेषण और सूचनाएं यूं ही बस लम्तड़ानी हैं। लेकिन करें क्या। दुनिया तो इन आलोचकों की मुठ्ठी में नहीं है। वे भले ही इनकी कीमत न समझें, लेकिन लोगों के बीच इन्हें पसंद किया जाता है। हम तो अपने तमाम मतिअंध आलोचकों से निवेदन करते हैं कि वे ब्राउजिंगऔरऔर भी