व्यापक दक्षता आधार और पहले शुरुआत करने का लाभ भारत को आज भी आउटसोर्सिंग क्षेत्र में मिल रहा है और यह दुनिया की कई प्रमुख कंपनियों का पसंदीदा ठिकाना बना हुआ है। यह बात ग्लोबल मैनेजमेंट कंसल्टेंसी फर्म ए टी केयर्नी की रिपोर्ट में कही गई है। ए टी केयर्नी के वैश्विक सेवा स्थल सूचकांक (जीएसएलआई) 2011, सूची में भारत, चीन और मलयेशिया क्रमशः पहले, दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं। ये तीनों देश वर्ष 2003 मेंऔरऔर भी

भारतीय कॉरपोरेट क्षेत्र जनवरी से मार्च की चालू तिमाही के बिजनेस आउटलुक को लेकर काफी उत्साहित है। लेकिन जहां तक नई नियुक्तियों का सवाल है, वह बहुत संभल कर चलेगा और ज्यादातर एंट्री व जूनियर स्तर की नौकरियों के लिए छोटे शहरों के लोगों को लेना पसंद करेगा। यह निष्कर्ष है रोजगार के अवसरों पर किए गए एक ताजा अध्ययन का। जनवरी-मार्च 2011 के लिए टीमलीज की इम्प्लॉयमेंट आउटलुक रिपोर्ट में कहा गया है कि इस तिमाहीऔरऔर भी

वैश्विक वित्तीय फर्म सिटी ने कहा है कि कर से बचने के लिए विदेश में अवैध रूप से पैसा जमा करने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने के लिए भारत सरकार को अभी बहुत कुछ करना होगा। इसके अनुसार सरकार ने हाल ही में जो कदम उठाए, उनका कुछ असर जरूर हुआ है। सिटी की एक रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘सरकारी प्रयासों के कुछ परिणाम आ रहे हैं। लेकिन विदेश में काले धन के जमा होने सेऔरऔर भी

स्विटजरलैंड का कहना है कि उसे करचोरों की पनाहगार समझना उचित नहीं है और वह भारत के साथ आयकर मामलों में सहयोग की नई संधि को इस साल मंजूरी मिल जाने के बाद कालेधन के खिलाफ कार्रवाई में उसको प्रशासनिक सहयोग दे सकेगा। स्विटजरलैंड के वित्त विभाग के मंत्री माइकल एमबल ने शनिवार को दावोस में वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम के समारोह से बाहर भारत के एक निजी समाचार चैनल के साथ एक साक्षात्कार में कहा, ‘‘हमने हालऔरऔर भी

साल 2010 में दुनिया भर के विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) 1122 अरब डॉलर का आधे से अधिक हिस्सा विकासशील देशों में आया है। ऐसा पहली बार हुआ है जब विकासशील देशों में विकसित देशों से अधिक एफडीआई आया है। अंकटाड की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि जहां सिंगापुर, हांगकांग, चीन, इंडोनेशिया, मलयेशिया और वियतनाम में एफडीआई में वृद्धि हुई, वहीं भारत में इसके प्रवाह में कमी आने से दक्षिण एशिया में एफडीआई में 14% कीऔरऔर भी

बाजार डांवाडोल है। कभी इधर तो कभी उधर भाग रहा है। यह 2008 में लेहमान के संकट के बाद की स्थिति का दोहराव है। उस वक्त भी सारे पंटर और बाजार के पुरोधा कह रहे थे कि सेंसेक्स 6000 तक चला जाएगा। अक्सर लोगबाग टीवी स्क्रीम पर आ रही कयासबाजी देखते हैं और मान बैठते हैं कि जैसा कहा जा रहा है, वैसा ही होगा। लेकिन वे एनालिस्टों की चालाकी पर गौर नहीं करते हैं जो कहतेऔरऔर भी

पाकिस्तान ने वाघा-अटारी सड़क-मार्ग से भारत को प्याज के निर्यात पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। उसके इस कदम से प्याज की कीमतों पर नियंत्रण के भारत सरकार के प्रयासों को झटका लग सकता है। सीमा शुल्क विभाग (अमृतसर) के उपायुक्त आर के दुग्गल ने गुरुवार को बताया, “पाकिस्तान सरकार ने सड़क के रास्ते से भारत को प्याज की आपूर्ति प्रतिबंधित कर दी है।” इस प्रतिबंध के बाद पाकिस्तान के अधिकारियों ने किसी भी ट्रक को प्याजऔरऔर भी

मलयेशिया में इलाज के लिए वैकल्पिक दवा के रूप में भारतीय आयुर्वेद काफी लोकप्रिय हो रहा है। ऐसे में मलयेशिया के विशेषज्ञ चाहते हैं कि भारत मलयेशियाई लोगों के बीच इस परंपरागत दवा की पहुंच बढ़ाने के लिए अपना सहयोग दे। मलयेशिया में चीनी और भारतीय समुदाय में परंपरागत दवाओं की तुलना में परंपरागत चीनी दवाओं (टीसीएम) और भारतीय आयुर्वेद के साथ सिद्ध दवाएं काफी लोकप्रिय हैं। मलयेशियन सोसायटी फॉर कंप्लीमेंटरी मेडिसिन (एमएससीएम) के डॉ. ली चीनऔरऔर भी

भारतवर्ष में वर्ष का अर्थ भौगोलिक खंड से है। आज भी हम भारतीय उपमहाद्वीप कहते है। पहले भी इसके भौगोलिक स्वरूप के प्रति कुछ ऐसी ही मान्यता थी जिसमें बताए गए सृष्टि के नौ भिन्न वर्षों या महाद्वीपों में से एक भारतवर्ष है। बाकी आठ वर्ष हैं – कुरु, हिरण्यमय, रम्यक, इलावृत्त, हरि, केतुमाला, भद्राशव और किन्नर। वर्ष की व्युत्पत्ति वृष् धातु से है जिसमें बौछार करने, पैदा करने और चोट करने के अर्थ हैं। एक सेऔरऔर भी

भारत में कुल प्रजनन दर (टीएफआर) 2005 से 2008 के बीच 2.9% से घटकर 2.6% पर आ गई है। देश के 35 राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों में से 14 ने 2.1% का टीएफआर स्तर हासिल कर लिया है यानी वहां की जनसंख्या अब ठहर गई है। चार राज्यों दमन-दीव, उड़ीसा, जम्मू-कश्मीर और त्रिपुरा में यह दर 2.2 से 2.5% और सात अन्य राज्यों में 2.6 से 3% के बीच है। बाकी दस राज्यों – बिहार, उत्तर प्रदेश,औरऔर भी